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Delhi: Zomato Delivery Person Killed After Constable Rams Car Into His Bike

  Salil Tripathi was the sole breadwinner of his family. He was the manager of Ricos in Hudson Lane and had begun working as a Zomato delivery person to make extra money. New Delhi:  A 38-year-old restaurant manager, who also worked as a Zomato delivery executive, was killed after a Delhi police constable rammed his car into his bike on Saturday night. According to the  Indian Express , Salil Tripathi lived in Budh Vihar with his mother, wife and 10-year-old son. He was the sole breadwinner of the family – his father died recently of COVID-19. The newspaper said that Tripathi was the manager of Ricos in Hudson Lane and had begun working as a Zomato delivery person to make extra money. The newspaper reported that the constable, identified as Zile Singh, allegedly rammed his Brezza car into Tripathi’s bike near Baba Saheb Ambedkar Hospital in Rohini. Singh then hit a DTC bus. Police are probing if Singh was under the influence of alcohol. Tripathi was rushed to a ...
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संविधान दिवस कार्यक्रम: विपक्ष के बहिष्कार करने पर बिरला ने कहा-संसदीय परंपराओं को बनाये रखना चाहिए

      कर्ण सिंह, स्वतंत्र पत्रकार :  संविधान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम का कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी दलों द्वारा बहिष्कार करने से ‘दुखी’ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शुक्रवार को कहा कि यह कोई राजनीतिक समारोह नहीं, बल्कि संसद का कार्यक्रम था, ऐसे में सभी को संसदीय परंपराओं को बनाये रखना चाहिए । लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ किसी को कोई भी समस्या थी, तो वे मुझसे चर्चा कर सकते थे । मैं उनकी (विपक्ष) अपेक्षाओं को पूरा करने का प्रयास करता।’’ उन्होंने कहा, ‘‘प्रतिपक्ष को सम्मान देना मेरी जिम्मेदारी है और मैं भरपूर कोशिश भी करता हूं।’’ उन्होंने कहा कि विपक्ष की आवाज लोकतंत्र के लिए आवश्यक है, ऐसे में संसद की अच्छी परंपराओं एवं परिपाटी को बनाये रखना चाहिए । बिरला ने कहा कि ये संसद का कार्यक्रम था, केंद्र सरकार का नहीं । लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि कोशिश करनी चाहिए कि जिस कार्यक्रम में राष्ट्रपति आ रहे हों, वहां परंपरा को बनाये रखा जाए। उन्होंने कहा कि हाल ही में पीठासीन सभापतियों के सम्मेलन में इस बात पर सहमति भी बनी थी कि राष्ट्रपति के अभिभाषण जैसे कार्यक्...

दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र से भाजपा का एक विधायक निलंबित, दो को बाहर निकाला गया

      सिद्ध भूमि न्यूज़ नेटवर्क: दिल्ली विधानसभा ने शुक्रवार को इसके एक दिवसीय विशेष सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही बाधित करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक जितेंद्र महाजन को निलंबित कर दिया और दो अन्य भाजपा विधायकों- अनिल बाजपेयी और मोहन सिंह बिष्ट को सदन से बाहर कर दिया। भाजपा के अन्य विधायकों ने निलंबित एवं बाहर निकाले गए सहयोगियों के समर्थन में कार्यवाही का बहिष्कार करने के लिए सदन से बहिर्गमन किया। जैसे ही विशेष सत्र की कार्यवाही शुरू हुई, भाजपा विधायकों ने नई शराब नीति, शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण और ईंधन पर उच्च मूल्य वर्धित कर (वैट)जैसे विभिन्न मुद्दों पर सुनवाई की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने इन मुद्दों पर किसी भी चर्चा से इनकार करते हुए कहा कि एक दिवसीय सत्र एक विशेष उद्देश्य के लिए बुलाया गया है और केवल एजेंडे में सूचीबद्ध विषयों पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा, “किसी अन्य चर्चा की अनुमति नहीं दी जाएगी।” यह सुनते ही भाजपा विधायक सरकार विरोधी नारे लगाने लगे। गोयल ने महाजन, बिष्ट और बाजपेयी से अपील की कि वे बैठ जाएं और सदन को चलने दें। ...

लोकतांत्रिक चरित्र खो चुके दल नहीं कर सकते लोकतंत्र की रक्षा: मोदी

    सिद्ध भूमि न्यूज़ नेटवर्क:   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों पर परोक्ष रूप से हमला करते हुए पारिवारिक पार्टियों को संविधान के प्रति समर्पित राजनीतिक दलों के लिए चिंता का विषय बताया और दावा किया कि लोकतांत्रिक चरित्र खो चुके दल, लोकतंत्र की रक्षा नहीं कर सकते

संविधान दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं दी

    सिद्ध भूमि न्यूज़ नेटवर्क:    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान दिवस के अवसर पर शुक्रवार को देशवासियों को बधाई दी और संविधान सभा में संविधान को अंगीकार करने के लिए पेश किए गए विधेयक के दौरान बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के भाषण का एक हिस्सा भी साझा किया। ज्ञात हो कि संविधान दिवस 26 नवंबर को मनाया जाता है क्योंकि 1949 में इसी दिन संविधान सभा ने भारत के संविधान को अंगीकार किया था। संविधान दिवस की शुरुआत 2015 से की गई थी। भारत का संविधान 26 जनवरी, 1950 को लागू हुआ था। प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘संविधान दिवस की शुभकामनाएं।’’ उन्होंने देश के पहले राष्ट्रपति डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद द्वारा व्यक्त किए विचारों का हवाला देते हुए एक अन्य ट्वीट में कहा कि कोई भी संविधान चाहे वह कितना ही सुंदर, सुव्यवस्थित और सुदृढ़ क्यों न बनाया गया हो, यदि उसे चलाने वाले देश के सच्चे, निस्पृह, निस्वार्थ सेवक न हों तो संविधान कुछ नहीं कर सकता। उन्होंने कहा, ‘‘डॉ. राजेंद्र प्रसाद की यह भावना पथ-प्रदर्शक की तरह है।’’

संसद के केंद्रीय कक्ष में 26 नवंबर को मनाया जायेगा ‘संविधान दिवस’

  सिद्ध भूमि न्यूज़ नेटवर्क:    ‘आजादी के अमृत महोत्सव’ के तहत संसद के केंद्रीय कक्ष में 26 नवंबर को ‘संविधान दिवस’ पर एक कार्यक्रम का आयोजन होगा जिसे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी संबोधित करेंगे। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। जोशी ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘आजादी के अमृत महोत्सव के तहत संसद के केंद्रीय कक्ष में संविधान दिवस के अवसर पर 26 नवंबर 2021 को एक समारोह आयोजित किया जायेगा। राष्ट्रपति कोविंद समारोह को संबोधित करेंगे।’’ उन्होंने बताया कि इस समारोह को उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति नायडू, प्रधानमंत्री मोदी और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी संबोधित करेंगे। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति अपने संबोधन के बाद संविधान की प्रस्तावना को पढ़ेंगे। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि सभी केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों, राज्य सरकारों, स्कूलों, कॉलेजों, संस्थानों, विभिन्न निकायों एवं नागरिकों से आग्रह किया जाता है कि वे कोविड-19 प्रोटोकॉल का ध्यान रखते हुए 26 नवंबर को राष्ट्रपति के साथ संविधान की प्रस्...

शांति रक्षकों को खतरा चिंता का मुख्य विषय: संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षण प्रमुख

  सिद्ध भूमि न्यूज़ नेटवर्क:  संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षण के प्रमुख ने कहा है कि शांति रक्षकों को खतरा चिंता का प्रमुख विषय है और उनकी बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत है। शांति अभियानों के लिए अवर महासचिव ज्यां-पियरे लैक्रोइ ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र ने इन चुनौतियों से निपटने में प्रगति हासिल की है, लेकिन ये खतरे बढ़े हैं। लैक्रोइ ने यहां ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए साक्षात्कार में कहा, “ हमारे शांति रक्षकों को खतरे चिंता का मुख्य विषय हैं, खासकर दुर्भावनापूर्ण कृत्य से। हम वास्तव में और काम करना चाहते हैं।” उनका कहना है कि 2017 के बाद से हमलों में सैनिकों के हताहत होने की संख्या में कमी आई है लेकिन एक भी शांतिसैनिक की जान जाना बहुत ज्यादा है। लैक्रोइ ने कहा कि बेहतर प्रशिक्षण, खतरों के प्रति जागरुक करना, बेहतर उपकरण देना और सूचना जुटाने की बेहतर क्षमता की जरूरत है, ताकि हमलों को रोका जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि यह आईईडी से किए जाने वाले हमलों का मुकाबला करने के लिए भी अहम है। उन्होंने कहा कि खतरे बढ़ रहे हैं और वे बढ़ेंगे। संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षण मंत्रिस्तरीय बैठक की त...