कल्चरल रिप्रजेंटेशन एंड पावर ऑफ़ मीडिया पर एकदिवसीय राष्ट्रीय सगोष्ठी का आयोजन नई दिल्ली , 23 मार्च 2017 - मीडिया द्वारा कला और संस्कृति पर और गहराई से मनन करने और उसे सही पैकेजिंग में पेश करने से कला-संस्कृति का प्रस्तुतिकरण भी मीडिया के लिए लाभदायक हो सकता है। डिस्कवरी जैसा एक पूरा चैनल यदि लोक संस्कृति पर ऐसे कार्यक्रम प्रस्तुत कर सकता है, जो दर्शकों को घंटों तक बांधे रहता है और वह लाभ कमा सकताहै, तो अखबारों, पत्रिकाओं तथा अन्य खबरिया चैनलों के लिए भी यह कठिन नहीं होना चाहिए। यह माना जाता है कि टीआरपी के लिए चैनलों का सनसनीखेज होना आवश्यक है, जबकिसच यह है कि आज युवा वर्ग सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी जड़ों की ओर लौट रहा है, अपनी संस्कृति से जुड़ रहा है। यह बात टेक्निया इंस्टिट्यूट ऑफ़ एडवांस्ड स्टडीज में‘"कल्चरल रिप्रजेंटेशन एंड पॉवर ऑफ मीडिया ”विषय पर 28 वें एकदिवसीय राष्ट्रीय सगोष्ठी के दौरान प्रो डॉ श्याम कश्यप ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत कर विद्यार्थियों ,शिक्षको , और शोधकर्ताओं को संबोधित करते हुए कही | कार्यक्रम का शुभारंभ प्रो (डॉ) श्याम कश्...