'उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक मंजिल प्राप्त न हो जाए' 'उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक मंजिल प्राप्त न हो जाए' का संदेश देने वाले युवाओं के प्रेरणास्त्रोत, समाज सुधारक युवा युग-पुरुष स्वामी विवेकानंद की आज जयंती है निश्चित ही उनकी जयन्ती से जुड़ा यह वर्ष उनके व उनकी वैचारिकी का वर्तमान सन्दर्भ में मूल्यांकन करने का एक स्वर्णिम अवसर है। देश में प्रत्येक वर्ष 12 जनवरी 'राष्ट्रीय युवा दिवस' के रूप में मनाया जाता है। परन्तु इस वर्ष 12 जनवरी, 2016 को उनकी 153वीं जयन्ती है। इस अवसर पर उनके वैचारिक जीवन से जुड़े प्रतिबिम्ब ही नहीं, बल्कि उनके उदात्त सिद्धान्तों का चित्रण भी वर्तमान की आधारपीठिका तैयार करते हुये भारत के भविष्य का भी प्रतिचित्र तैयार करेगा। हमेशा जोश और जुनून से सराबोर रहने वाली युवा पीढ़ी ही देश का भविष्य है। देश की युवा शक्ति ही उसका सबसे बड़ा हथियार है। हरदम कुछ नया कर गुजरने की चाह रखना। नित नई-नई चुनौतियों का सामना करने तैयार रहना और संकल्प शक्ति ऐसी कि जो एक बार करने की ठान लें तो लाख मुश्किलें भी उसको बदल न पाएं| स्वामी विवेकानन्द ने कह...