अटल के अधूरे मिशन को मोदी करेंगे पूरा: भाजपा नयी दिल्ली :18 जनवरी 2014 : भाजपा ने आज कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की ढांचागत क्रान्ति के अधूरे मिशन को उसके भावी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पूरा करेंगे। भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की दो दिवसीय बैठक का उद्घाटन करते हुए कहा, ‘‘अटल जी ने इस देश में पहली ‘ढांचागत क्रान्ति’ का नेतृत्व किया था - वह मिशन अभी अधूरा है। उसे पूरा करने की अब यह महती जिम्मेदारी हमारे भावी प्रधानमंत्री नरेन्द्र भाई मोदी निभाएंगे। हमारी सरकार का प्रयास होगा कि अगले पांच साल में जीडीपी के अनुपात में ढांचागत क्षेत्र में निवेश दोगुना किया जा सके।’’ राजनाथ ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की नरेन्द्र मोदी के बारे में की गयी टिप्पणियों को लेकर उन पर हमला बोला। प्रधानमंत्री ने कहा था कि यदि मोदी प्रधानमंत्री बने तो यह विनाशकारी होगा। इस पर राजनाथ ने कहा कि मनमोहन सिंह का कार्यकाल विनाशकारी रहा है जबकि मोदी के नेतृत्व में गुजरात आदर्श राज्य बना। उन्होंने कहा कि भाजपा और उसके प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी नरेन्द्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस राजनीतिक संघर्ष में अपने को बेहद बौना और कमजोर महसूस कर रही है। उनके विरूद्ध कांग्रेस दुष्प्रचार और कानूनी दांव पेंचों का सहारा ले रही है लेकिन कानूनी लडाई में भी कांग्रेस की पराजय हो रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज से नहीं कई सालों से, मोदी को वोट बैंक राजनीति के चलते बदनाम करने में लगी हुई है। राजनाथ ने कहा कि गुजरात में 2002 में जो कुछ हुआ, वह बेहद दु:खद था परंतु कुछ मायनों में इन दंगों को रोकने के लिए तत्कालीन प्रदेश सरकार ने जो प्रयत्न किये, उसकी कोई दूसरी मिसाल नहीं हो सकती। गुजरात सरकार द्वारा दंगा भडकने के बाद की गयी प्रभावी कार्रवाई के बावजूद आज तक कांग्रेस की गोद में खेल रहे संगठनों के द्वारा जिस जिस प्रकार के भी आरोप लगाये गये, उनकी जांच के लिए गुजरात सरकार ने पूरा सहयोग किया - कई प्रमुख आरोपियों को कडी सजाएं भी हुईं। मोदी की पैरवी करते हुए उन्होंने कहा कि जिस ढंग से विगत 11 वर्षों से कांग्रेस मोदी के पीछे पडी है, वह सर्वथा अनुचित है। यदि एक मामले में अदालत बरी करे तो सरकार कोई न कोई प्रपंच तैयार रखती है जबकि दूसरी तरफ 1984 के दंगों में कांग्रेस ने आज तक कितने लोगों को सजा करायी है ? उलटे उनके नेताओं पर तो सीबीआई ने ‘क्लोजर रिपोर्ट’ तक लगा दी। राजनाथ ने कहा कि उन्हें भारत की जनता की परिपक्वता और विवेक पर पूरा भरोसा है कि वह ऐसी किसी परिस्थिति को जन्म नहीं देगी बल्कि देश की सभी समस्याओं का समाधान करने में समक्ष नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा को निर्णायक ताकत देगी। इन सारी समस्याओं का समाधान भाजपा के पास है। भाजपा देश के समक्ष प्रस्तुत समस्याओं के निदान के लिए सुशासन, विकास, स्थिरता और सुरक्षा मुहैया कराएगी।
राहुल के बारे में लिया फैसला अंतिमः सोनिया नई दिल्ली :17 जनवरी 2014 :कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज कहा कि राहुल गांधी के बारे में लिया गया फैसला अंतिम है और उसमें कोई बदलाव नहीं किया जायेगा। राजधानी के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित एआईसीसी की बैठक को संबोधित करने के लिए सोनिया जैसे ही खड़ी हुईं, राहुल को प्रधानमंत्री उम्मीदवार बनाने की मांग करते हुए नारे लगने लगे जिस पर सोनिया ने कहा कि गुरुवार को कांग्रेस कार्यसमिति बैठक में राहुल के बारे में जो निर्णय लिया गया वह अंतिम है। इसके बाद उन्होंने अपने भाषण में संप्रग सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए सवाल किया कि क्या इससे पहले किसी सरकार ने इतना कुछ किया है। उन्होंने कहा कि जो हम कहते हैं वह हम करते हैं। प्रधानमंत्री की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष के असहयोग, झूठे आरोपों और दुष्प्रचार के बावजूद हमारी पार्टी और सरकार जमीन पर अपने पैर जमाए रही और अपनी नीतियों पर कायम रही। उन्होंने कहा, ''हमारे देश के सामाजिक तानेबाने को सबसे बड़ा खबरा साम्प्रदायिक शक्तियों से है। कांग्रेस का उद्देश्य सदैव लोगों को जोड़ने का रहा है।'' उन्होंने कहा कि यही हमारी राजनीतिक परंपरा है। उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा, ''मुख्य विपक्षी पार्टी समाज को बांटने का काम करती है। यह हमारे नेताओं की निंदा करती है और झूठे आरोप लगाती है। इस तरह की विचारधारा को कैसे बर्दाश्त किया जा सकता है। हमने ऐसी साम्प्रदायिक शक्तियों से कभी समझौता नहीं किया और सदैव इनके खिलफ संघर्ष किया है।'' उन्होंने कहा कि इस देश में जो भी बड़े बदलाव हुए उसकी बुनियाद हमारी पार्टी ने ही रखी। उन्होंने कहा कि देश के लोकतंत्र की बुनियाद भी कांग्रेस ने ही रखी जिसमें सबका बराबर का प्रतिनिधित्व है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि हमारी पार्टी को हार जीत से फर्क नहीं पड़ता और इसकी परवाह के बगैर वह जनसेवा करती रहती है इसलिए हम तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक गरीबी कायम है। अभिनेता अनुपम खेर का ‘आप’ से मोहभंग हुआ नई दिल्ली : 17 जनवरी 2014 :फिल्म अभिनेता अनुपम खेर ने कहा है कि ‘आम आदमी पार्टी’ अपने उद्देश्यों से भटक गयी है और उनका पार्टी से मोहभंग हो गया है। उन्होंने एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा, ‘‘मुझे लगता है कि पिछले 20 दिन में मेरा मोहभंग हो गया है। मुझे लगता है कि पार्टी के उद्देश्य और प्रतिबद्धताएं बदल गयी हैं। यह किसी व्यक्ति या टीम के खिलाफ नहीं है। फोकस किसी और चीज की ओर चला गया है। यू-टर्न हो रहे हैं।’’ सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन को समर्थन जताने वाले अभिनेता ने कहा, ‘‘अरविंद केजरीवाल के शपथ ग्रहण करने के बाद पत्रकारों ने उनसे पूछा कि वह शीला दीक्षित के खिलाफ क्या कार्रवाई करेंगे। मैं हैरान था, जब उन्होंने कहा कि भाजपा नेता सबूत दें तो मैं दो घंटे में कार्रवाई करंगा।’’ खेर ने अपने ट्वीट में भी लिखा कि वह आप के टिकट के पर चुनाव नहीं लड़ रहे।उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘एक चिंतित निर्माता ने मुझे फोन करके पूछा कि अगर आप आप के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं तो शूटिंग का क्या होगा। इसलिए मैं साफ कर दूं कि मैं नहीं लड़ रहा।’’ खेर ने ट्वीट किया, ‘‘जो भी इस तरह की अफवाह फैला रहा है कि मैं चुनाव लड़ रहा हूं, उसे यह बंद कर देना चाहिए। मैं फिल्मों की दुनिया में ही खुश हूं।’’
सैफई महोत्सव पर 300 करोड़ नहीं खर्च हुएः अखिलेश लखनऊ 11 जनवरी 2014 :उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुजफ्फरनगर दंगों की विभीषिका के बीच अपने पैतृक गांव सैफई में महोत्सव आयोजित किये जाने की आलोचना के लिये मीडिया पर बरसते हुए कल कहा कि वह महोत्सव प्रदेश में पर्यटन और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिये आयोजित किया जाता है और इस पर 300 करोड़ रुपए खर्च होने सम्बन्धी खबर लिखने वाले लोगों को माफी मांगनी चाहिये। मुख्यमंत्री ने गत आठ जनवरी को सैफई महोत्सव के समापन अवसर पर फिल्मों सितारों की चकाचौंध भरी शाम के आयोजन को लेकर मीडिया में खिंचाई के बाद कल दोपहर बुलाये गये संवाददाता सम्मेलन में मीडिया को ही कठघरे में खड़ा किया।इसका उद्देश्य अपनी संस्कृति को आगे बढ़ाना, युवा कलाकारों को नया मंच देना और छोटे व्यापारियों को सुविधाएं देना है। इस आयोजन पर कभी छह-सात करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च नहीं हुए। अखिलेश ने कहा, ‘‘जानबूझकर कहा गया कि सैफई महोत्सव पर 300 करोड़ रुपए का बजट रखा गया। जो लोग 300 करोड़ रुपए का दावा करके लिख रहे हैं, वे माफी मांगें नहीं तो हिसाब-किताब दें। उन्होंने मीडिया द्वारा महोत्सव में आये फिल्मी कलाकारों से मुजफ्फरनगर दंगों के बारे में सवाल पूछे जाने पर भी नाराजगी जाहिर की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सैफई महोत्सव का आयोजन वहां की मेला कमेटी, स्थानीय नवजवान और अन्य लोग मिलजुलकर करते हैं। उन्होंने दावा किया कि मुजफ्फरनगर दंगा पीड़ितों के लिये उनकी सरकार ने जितनी सहायता दी है उतनी आज तक किसी अन्य सरकार ने नहीं दी। सैफई महोत्सव में फिल्मी कलाकारों के आने पर अखिलेश ने कहा, ‘‘महोत्सव में कलाकार हर बार आते हैं। किसी घटना के बारे में उनको नीचा दिखाना गलत है। आज सुबह मेरे मोबाइल फोन पर एक पत्रकार का एसएमएस आया। उसमें वह शब्द इस्तेमाल किया गया जो मैं सोच भी नहीं सकता था मैंने भी लिखा कि आई डोंट सी योर चैनल।’’ बॉलीवुड फिल्मों ‘डेढ़ इश्किया’ और ‘बुलेट राजा’ फिल्मों को एक-एक करोड़ रुपए दिये जाने का भी बचाव करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘क्या आप नहीं चाहते कि फिल्मों में लखनऊ की तहजीब और संस्कृति को दिखाया जाए। विदेश में इसके लिये बाकायदा नीति बनी है। हमने भी पालिसी बनायी है। कुछ चैनल के लोग लखनऊ की तहजीब से भी नफरत करते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम आप सब चाहते हैं कि उत्तर प्रदेश में पर्यटन बढ़े। सूबे में लोग आयें। मुझे खुशी हुई कि प्रदेश में अब ऐसा माहौल बन रहा है कि फिल्मकार शूटिंग के लिये आ रहे हैं।’’ अखिलेश ने प्रदेश के आठ मंत्रियों समेत 17 सदस्यों के प्रतिनिधिमण्डल की विदेश यात्रा का भी बचाव करते हुए कहा, ‘‘स्टडी टूर पर या कामनवेल्थ टूर पर कौन सी सरकार के लोग नहीं जाते।’’ अखिलेश ने कहा कि मुख्यमंत्री होने के नाते मैं मुजफ्फरनगर दंगों पर जवाब दूंगा। दंगों पर मीडिया द्वारा फिल्मी कलाकारों से सवाल पूछना गलत है। उन्होंने कहा कि मीडिया को निष्पक्ष रहना चाहिए और बेवजह सरकार के खिलाफ माहौल नहीं बनाना चाहिए। देवयानी भारत लौटीं, परिवार से भावुक मिलन नई दिल्ली :11 जनवरी 2014 :अमेरिका में एक ज्यूरी द्वारा वीजा धोखाधड़ी और झूठे बयान देने के लिए अभ्यारोपित वरिष्ठ भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरागड़े शुक्रवार रात यहां लौट आईं और उनका अपने परिजनों से भावुक मिलन हुआ। देवयानी के पिता उत्तम खोबरागड़े ने कहा कि देवयानी को लेकर यूनाइटेड एयरलाइंस की फ्लाइट इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रात करीब पौने दस बजे आई और वह 10 बजकर 40 मिनट पर टर्मिनल से बाहर आईं। उन्होंने कहा कि वह अवसाद का शिकार नहीं है। वह ठीक है। देवयानी के हवाई अड्डे पर उतरने पर विदेश मंत्रालय के कुछ अधिकारी भी मौजूद थे। उत्तम खोबरागड़े ने कहा कि वह उनकी बेटी के समर्थन के लिए सभी के आभारी हैं। अमेरिकी अटार्नी प्रीत भराड़ा ने डिस्ट्रिक्ट जज शीरा श्वेइनडलिन को लिखे पत्र में कहा कि मैनहट्टन में एक फेडरल ग्रांड ज्यूरी ने कहा है कि देवयानी के खिलाफ आरोप बने रहेंगे और अगर वह राजनयिक छूट के बगैर अमेरिका आती हैं तो उन्हें सुनवाई का सामना करना होगा। दो बच्चों की मां देवयानी की न्यूयार्क में गिरफ्तारी और फिर कपड़े उतारकर तलाशी का भारत में काफी विरोध हुआ था। वर्ष 1999 बैच की आईएफएस अधिकारी देवयानी को 12 दिसंबर को अपनी नौकरानी के वीजा आवेदन में झूठी घोषणा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उन्हें ढाई लाख डालर के मुचलके पर रिहा किया गया। अरविंद केजरीवाल को दी जा रही है सुरक्षा: शिन्दे नई दिल्ली 11 जनवरी 2014 :केन्द्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिन्दे ने कल कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के बार बार मना करने के बावजूद उन्हें जानकारी दिये बिना सुरक्षा कवर मुहैया कराया जा रहा है। शिन्दे ने कहा कि सरकार और गृह मंत्रालय का कर्तव्य है कि वह अति विशिष्ट लोगों (वीवीआईपी) की सुरक्षा सुनिश्चित करे। संवाददाताओं के सवालों के जवाब में शिन्दे ने कहा, ‘‘केजरीवाल को मुख्यमंत्री बनने के तत्काल बाद सुरक्षा मुहैया करायी गयी लेकिन उन्होंने सुरक्षा लेने से इंकार कर दिया। दिल्ली पुलिस को उन्होंने लिखित दिया है कि उन्हें सुरक्षा नहीं चाहिए। हालांकि केजरीवाल की जानकारी के बिना उन्हें सुरक्षा कवर मुहैया कराया जा रहा है।’’ शिन्दे ने बताया कि केजरीवाल को सुरक्षा एजेंसियों ने तीन बार सुरक्षा लेने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने दो बार इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि केजरीवाल की सुरक्षा का कार्य दिल्ली पुलिस कर रही है। दिल्ली के पुलिस आयुक्त ने गाजियाबाद के पुलिस अधीक्षक से बात कर उनसे कहा है कि कौशाम्बी स्थित केजरीवाल के आवास की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
आप शासन ने 'लालू राज' की याद दिलाईः कांग्रेस नई दिल्ली : 10 जनवरी 2014 :कांग्रेस के एक नेता ने पार्टी के नेताओं द्वारा आप की प्रशंसा किये जाने पर बेचैनी व्यक्त करते हुए उसकी तुलना 1990 के दशक में बिहार में लालू प्रसाद के शासन के शुरूआती दिनों से की जबकि एक अन्य नेता ने अरविंद केजरीवाल की पार्टी की प्रशंसा करने के लिए केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश को आड़े हाथ लिया। कांग्रेस महासचिव एवं पार्टी मामलों के दिल्ली प्रभारी शकील अहमद ने ट्विटर पर कहा, ‘‘आप की सरकार मुझे लालू राज के शुरूआती दिनों की याद दिलाती है। जयप्रकाश नारायण की मूर्ति के निकट शपथ ग्रहण करना, भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष का आह्वान करना, जनता दरबार लगाना, गरीब बच्चों के बाल कटवाना और उन्हें नहलाना आदि।’’ ‘लालू राज’ शब्द का इस्तेमाल आम तौर पर राजद विरोधी पार्टियों और विश्लेषकों द्वारा उन दिनों की विकास पहल की कमी, अराजकता और शासन की कमी बताने के लिए किया जाता है। अहमद की यह टिप्पणी पार्टी महासचिव एवं संगठन प्रभारी जनार्दन द्विवेदी द्वारा गुरुवार को की गई टिप्पणी के बाद आयी है। उन्होंने कहा, ‘‘मार्क्सवादियों को ही उन बातों का ख्याल रखने दीजिये जो वे कहते हैं। शायद उन्हें अराजकता की स्थिति ही पसंद आती है। उन्हें ऐसी स्थिति में राजनीति करने का मौका मिलता है..यह एक ऐतिहासिक तथ्य है जिसके बारे में हममें से अधिकतर को जानकारी है और जिसे हम मानते भी हैं।’’ वाम दलों के कुछ नेताओं के साथ ही केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश द्वारा आप की प्रशंसा किये जाने के बारे में पूछने पर द्विवेदी ने कहा, ‘‘जहां तक कांग्रेस का सवाल है तो प्रत्येक कार्यकर्ता इस बात को लेकर दुखी है कि ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई। उसे दुख होता है। वह नाराज भी है।’’ कांग्रेस के हिंदी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष एवं कांग्रेस कार्य समिति में विशेष आमंत्रित अनिल शास्त्री ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘जयराम रमेश ने आप की काफी प्रशंसा की है। यह लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ जाएगा। उन्हें अपनी सरकार की उपलब्धियों के बारे में बोलना चाहिए।’’ शास्त्री ने कहा, ‘‘जयराम रमेश कहते हैं कि लोकपाल विधेयक दो वर्ष पहले ही पारित हो जाना चाहिए था। वह सरकार में मंत्री थे। उन्होंने पार्टी के लिए उसके लिए दबाव क्यों नहीं बनाया?’’ शास्त्री ने कहा, ‘‘जयराम अपनी कार दिल्ली के यातायात में फंस जाने को लेकर नाराज हैं। वीआईपी आवाजाही के चलते आम जनता को होने वाली परेशानियों का क्या?’’ रमेश के विचार पर द्विवेदी ने कहा कि ऐसी टिप्पणियां ऐसे व्यक्ति की ओर से ही आ सकती हैं जो एक पार्टी कार्यकर्ता नहीं है और उसे पार्टी के काम में मेहनत किए बिना ही प्रमुखता मिलने लगी हो। हालांकि उन्होंने कहा कि वह किसी विशेष व्यक्ति का उल्लेख नहीं कर रहे हैं। मेरा वोट नरेंद्र मोदी को जाएगाः किरन बेदी नई दिल्ली :10 जनवरी 2014 :भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार को खुलकर समर्थन करते हुए पूर्व आईपीएस अधिकारी और अन्ना हजारे की प्रमुख सहयोगी किरन बेदी ने कहा है कि नरेंद्र मोदी स्थिर, जवाबदेह और अच्छी सरकार दे सकते हैं। गुरुवार की देर रात को बेदी ने कहा कि स्थिर, बेहतर शासन वाले और अच्छे देश के लिए मेरा वोट मोदी को जाएगा। उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि मेरे लिए पहले भारत आता है। स्थिर, बेहतर शासन, बेहतर प्रशासन, जवाबदेह और समग्र निष्पक्ष मतदाता के तौर पर मेरा वोट नमो (नरेंद्र मोदी) को जाएगा। पिछले साल अक्तूबर में, अहमदाबाद में भाषण देते हुए उन्होंने मोदी का समर्थन किया था। आम आदमी पार्टी पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए बेदी ने कहा कि आज देश के लिए स्थिरता और अनुभवी हाथों की जरूरत है। उन्होंने ट्वीट किया कि हममें से कोई भी जो घोटाला मुक्त देश चाहता है वह कांग्रेस को वोट नहीं दे सकता। भारत को स्थिरता और अनुभवी हाथों की जरूरत है। उन्होंने मांग की कि भ्रष्टाचार निरोधक हेल्पलाइन के साथ दिल्ली विधानसभा को पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को ‘दोषारोपित’ करने वाली लोकायुक्त रिपोर्ट पर भी चर्चा करनी चाहिए। वीके सिंह, बेदी को आमंत्रित करे भाजपाः स्वामी नई दिल्ली 10 जनवरी 2014 :भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने आज कहा कि पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह और अन्ना हजारे की सहयोगी किरण बेदी को पार्टी में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाना चाहिए। पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री पद के लिए भाजपा के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी का समर्थन किया था। स्वामी ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘हमें किरण बेदी और जनरल सिंह को भाजपा में शामिल होने के लिए आमंत्रित करना चाहिए।’’ मोदी का गुरुवार को समर्थन करने वाली किरण ने आज फिर से उनकी प्रशंसा की। उन्होंने कहा, ‘‘मैं किसी ऐसे व्यक्ति की तलाश में हूं जो इस देश का नेतृत्व कर सके या कोई एक पार्टी जो स्थिरता दे। मोदी को मेरा समर्थन मजबूत और यह स्थिर सरकार के लिए है।’’ उन्होंने इस विचार को भी खारिज करने का प्रयास किया कि इंडिया अगेंस्ट करप्शन का आंदोलन कांग्रेस और भाजपा दोनों के ही खिलाफ था। उन्होंने कहा, ‘‘नहीं, वह भाजपा के खिलाफ नहीं था। यह गलत धारणा है। वह केवल कांग्रेस के घोटालों के खिलाफ था। भाजपा सरकार में नहीं थी।’’ किरण बेदी ने कहा, ‘‘वह आंदोलन कोलगेट, 2जी, राष्ट्रमंडल खेल जैसे घोटालों के खिलाफ था। वह आंदोलन वास्तव में राष्ट्रमंडल के साथ शुरू हुआ। वह सत्ता में काबिज पार्टी के खिलाफ था जो आपको लोकपाल विधेयक नहीं दे रही थी।’’ उन्होंने गुरुवार को ट्विटर पर लिखा था, ‘‘मेरे लिए सबसे पहले भारत है, स्थिर, अच्छे शासन, प्रशासन, जवाबदेह और समावेशी विकास वाला भारत। एक मतदाता के तौर पर मेरा वोट नमो (नरेंद्र मोदी) के लिए है।’’ उन्होंने सवाल किया कि यदि लोकसभा चुनाव के परिणाम में त्रिशंकु संसद आती है तो देशवासी कहां जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘वास्तव में लोगों में पहले से ही इस बात को लेकर बेचैनी है कि एक त्रिशंकु संसद आ सकती है। इसलिए आपको यदि एक त्रिशंकु संसद मिलती है तो आप गिरावट की ओर जा रहे हैं, हमारे पास एकमात्र विकल्प भाजपा का है जो कि एक राष्ट्रीय दल है। दूसरी राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस है, जो सभी घोटालों की कारक है।’’ किरण ने कहा, ‘‘मैं फिर से कांग्रेस को वोट कैसे दूं या किसी अन्य पार्टी को भी वोट कैसे दूं। कांग्रेस के पास पीछे के रास्ते से सत्ता में आने का एक बहुत ही रोचक तरीका है, इसलिए मैं ऐसे किसी अन्य दल को भी वोट नहीं दूंगी जिन्हें मैं पसंद करती हूं। क्योंकि उनका इस्तेमाल कांग्रेस पीछे के रास्ते से वापसी के लिए कर सकती है।’’ किरण बेदी का इशारा अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी की ओर था जिसने कांग्रेस के समर्थन से दिल्ली में सरकार बनायी है और जिसके बारे में व्यापक सोच यह है कि इस पार्टी के लोकसभा चुनाव में भाजपा के वोट बैंक में सेंध लगाने की संभावना है। अरुण गोविल ने केजरीवाल से मुलाकात की नई दिल्ली :10 जनवरी 2014 :रामानंद सागर के प्रसिद्ध टीवी धारावाहिक रामायण में भगवान राम की भूमिका निभाने वाले अरुण गोविल ने गुरुवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से दिल्ली सचिवालय स्थित उनके कार्यालय में मुलाकात की जिससे उनके आप पार्टी में शामिल होने की अटकलें शुरू हो गईं। गोविल गुरुवार सुबह दिल्ली सचिवालय पहुंचकर मुख्यमंत्री से मिलने के लिए उनके कार्यालय पहुंचे जिसके बाद मीडिया ने उनसे कई तरह के सवाल किये। हालांकि गोविल ने कहा कि वह निजी कारण से यहां आए थे। अभिनेता ने कहा कि उनकी राजनीति में शामिल होने की कोई योजना नहीं है और वह रामलीला मैदान में ‘समागम’ में केजरीवाल को आमंत्रित करने के लिए आए थे।
लोकपाल में देरी के चलते आप उभरीः जयराम
नई दिल्ली : 09 जनवरी 2014कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश के उस बयान से अपने को अलग कर लिया है जिसमें उन्होंने कथित तौर पर यह संकेत दिया था कि दो साल पहले लोकपाल विधेयक पारित हो गया होता तो आम आदमी पार्टी नहीं उभरती। कांग्रेस महासचिव शकील अहमद ने रमेश के बयान के बारे में पार्टी ब्रीफिंग में पूछे जाने पर कहा, ''यह उनकी निजी राय और टिप्पणी हो सकती है और उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है।’’ गौरतलब है कि दिल्ली विधानसभा चुनावों में आप के हाथों कांग्रेस की हार का परोक्ष रूप से जिक्र करते हुए रमेश ने कहा था, ''हम दो साल पहले भी लोकपाल विधेयक ला सकते थे। हम इसे नहीं लाए। अगर हम दो साल पहले लोकपाल विधेयक लाने में कामयाब हो जाते तो हमें इस प्रकार की चुनौती का सामना नहीं करना पड़ता।’’
रमेश ने साथ ही राजनीतिक वर्ग से कहा कि वह आम आदमी पार्टी का मजाक नहीं बनाए और आगाह किया कि यह नयी पार्टी ‘वाजिब मुद्दों’ पर राज्यों में अलग अलग अवतार ले सकती है। कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि देश में कम्युनिस्ट ही ऐसे राजनीतिक समूह हैं जो भव्य जीवनशैली और ‘धन के खुले प्रदर्शन’ की ‘बीमारी’ से मुक्त हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम आम आदमी पार्टी की उपेक्षा नहीं कर सकते क्योंकि वे भ्रष्टाचार, राजनीति में मितव्ययिता, राजनीति में सादगी को लेकर आंदोलन कर रहे हैं तो उचित मूल्यों वाले मुद्दे हैं।’’ ग्रामीण विकास मंत्री रमेश ने कहा, ‘‘आज कांग्रेस पार्टी आप के बारे में सोच रही है, लेकिन भाजपा आम आदमी पार्टी के कारण पहले ही अपनी नींद गंवा चुकी है। प्रकाश करात कह रहे हैं कि हम आम आदमी पार्टी हैं। पंजाब में अगर बादल अपने रास्ते नहीं सुधारते हैं तो आम आदमी पार्टी अकाली दल को भी खा जाएगी। आप दशावतार है। अलग अलग राज्यों में यह पार्टी अलग अवतार ले सकती है।’’ उनका बयान सूचना प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी की उस टिप्पणी के बाद आया है कि जिसमें उन्होंने कहा था कि आप भारतीय राजनीतिक क्षितिज से जल्द ही गायब हो जाएगी।
कांग्रेस के 150-200 प्रत्याशियों का चयन इसी माह!
नई दिल्ली :09 जनवरी 2014 :राहुल गांधी चूंकि लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के उम्मीदवारों के नामों की घोषणा जल्दी करना चाहते हैं, इसलिए समझा जाता है कि कांग्रेस इस महीने के अंत तक 150 से 200 उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप दे सकती है। लोकसभा के चुनाव अप्रैल-मई में हो सकते हैं और इस फैसले से उम्मीदवारों को चुनावी तैयारियों के लिए कम से कम तीन महीने का समय मिल जाएगा। पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि 17 जनवरी को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की बैठक के फौरन बाद उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप देने का काम शुरू हो जाएगा।
इस काम में करीब से जुड़े एआईसीसी के एक पदाधिकारी ने कहा, ‘‘एआईसीसी की बैठक के फौरन बाद पार्टी की छानबीन समितियां उम्मीदवारों के चयन के लिए बैठकें करना शुरू कर देंगी और महीने के अंत में 100 से कहीं ज्यादा उम्मीदवारों के नामों पर फैसला कर लिया जाएगा।’’ विधानसभा और लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी की कार्रवाई योजना तैयार करने के इरादे से कुछ वर्ष पूर्व गठित एके एंटनी समिति ने सिफारिश की थी कि चुनाव के लिए उम्मीदवारों का चयन मतदान से कम से कम कुछ माह पहले किया जाना चाहिए। इन सिफारियों को लागू करने का प्रयास कई बार किया गया, लेकिन टिकटों के बंटवारे को लेकर मचने वाली मारकाट के कारण और इसी तरह के कई कारणों से उम्मीदवारों का चयन समिति की सिफारिशों के अनुरूप नहीं हो पाता।
सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी चाहते हैं कि उम्मीदवारों को लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिए पर्याप्त समय दिया जाए। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार की एक वजह यह भी मानी जा रही है कि उम्मीदवारों के नामों का ऐलान काफी देर से किया गया, जिससे उम्मीदवारों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाया।
केजरीवाल ने हमले के मकसद पर उठाये सवाल
दिल्ली : 09 जनवरी 2014 :आम आदमी पार्टी के कौशांबी स्थित मुख्यालय पर आज पूर्वाह्न हुए हमले के कुछ ही घंटे बाद मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने उपद्रवी तत्वों के मकसद पर सवाल उठाया और हैरत जतायी कि क्या वे उन्हें और प्रशांत भूषण को मारना चाहते थे क्योंकि भूषण ने कश्मीर पर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा, ‘‘चलिये, हम यह मान लेते हैं कि प्रशांत भूषण ने वाकई कुछ आपत्तिजनक बात कही है। लिहाजा वे क्या चाहते हैं। क्या वे प्रशांतजी को मारना चाहते हैं।’’ केजरीवाल ने कहा, ‘‘हमने अपनी पार्टी का रूख स्पष्ट कर दिया है तथा उन्होंने (भूषण) भी कई बार कहा है कि उनकी राय को गलत ढंग से पेश किया गया। उन्होंने यहां तक कहा था कि वह जनमत संग्रह नहीं चाहते।’’
केजरीवाल ने यह भी कहा, ‘‘क्या वे मुझे भी मारना चाहते हैं।’’ कश्मीर पर अपना रूख दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह भारत का अभिन्न अंग है तथा कोई भी इसे देश से अलग नहीं कर सकता। उन्होंने कहा, ‘‘देश के विभिन्न हिस्सों में सेना की तैनाती का मामला आंतरिक सुरक्षा आकलन के आधार पर सरकार तय करती है। ऐसे फैसलों में स्थानीय जनता की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।’’ साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जनमत संग्रह से मुद्दे का समाधान नहीं निकाला जा सकता है।
केजरीवाल ने यह भी कहा, ‘‘कोई भी भगवान ऐसी सेना नहीं बना सकता जो लोगों के घरों और कार्यालयों पर हमला करे। यह भगवान राम के सिद्धांतों के विरूद्ध है। मैं भी एक हिन्दू हूं।’’ गौरतलब है कि दक्षिणपंथी समूह हिन्दू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने आज आप मुख्यालय पर हमला कर तोड़फोड़ की। यह हमला कश्मीर में जनमत संग्रह के बारे में भूषण की टिप्पणी के खिलाफ प्रदर्शन के तौर पर हुआ। आप कार्यालय के बाहर करीब 40 कार्यकर्ताओं ने गमले तोड़े एवं पोस्टर फाड डाले। हमले में कांच के कुछ दरवाजों को भी तोड़ दिया गया।
वीरभद्र मुद्दाः जेटली का सोनिया, राहुल पर हमला
नई दिल्ली :06 जनवरी 2014 :हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी की चुप्पी पर निशाना साधते हुए भाजपा ने कल राज्य सरकार से इन आरोपों में सीबीआई जांच की मंजूरी देने की चुनौती दी। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष अरण जेटली ने आज अपने ब्लॉग में आलेख में आरोप लगाया, ‘‘कांग्रेस पार्टी और वीरभद्र सिंह ने भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना बेशर्मी से करने का फैसला कर लिया है। सोनिया गांधी और राहुल गांधी चुप्पी साध लेंगे।’’ जेटली ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने या भ्रष्टाचार के आरोप साबित करने की चुनौती दी है। 29 दिसंबर को सीबीआई निदेशक को इस संबंध में उनका पत्र प्राथमिकी रूप में ही है। उन्होंने कहा, ‘‘इसकी जांच करने के लिए दिल्ली विशेष पुलिस (स्थापना) अधिनियम की धारा 6 के तहत राज्य सरकार की मंजूरी जरूरी है।’’ जेटली ने कहा, ‘‘मैं हिमाचल प्रदेश की राज्य सरकार को चुनौती देता हूं कि अपनी मंजूरी दे ताकि इन आरोपों में जांच हो सके।’’ कांग्रेस नेतृत्व पर जेटली का बयान ऐसे समय में आये हैं जब इस तरह के संकेत मिल रहे हैं कि कांग्रेस ने वीरभद्र सिंह का समर्थन करते हुए इस मुद्दे पर मुकाबले का फैसला कर लिया है और आरोपों को विपक्ष की साजिश का हिस्सा करार दिया है। भाजपा नेता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के खिलाफ पहले ही दो आरोपों की जांच सीबीआई उनकी सहमति के अनुसार कर रही है। जेटली ने कहा कि सिंह के खिलाफ किसी बिजली कंपनी से जुड़ा यह तीसरा आरोप है जिसकी जांच किये जाने की जरूरत है।
जेटली ने आरोप लगाया कि सिंह, उनके परिजन और उनकी कंपनी को एक बिजली कंपनी के प्रमोटर की ओर से ब्याज रहित कर्ज मिला था। इस कंपनी का हिमाचल सरकार से लेन-देन था। आरोप हैं कि राज्य सरकार ने कंपनी का पक्ष लेते हुए आदेश जारी किये। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि प्रथमदृष्टया तथ्य साबित करते हैं कि कर्ज में लिये गये धन का इस्तेमाल कर्जदाता के समूह की अन्य कंपनियों में शेयर खरीदने में किया गया। जेटली के मुताबिक भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम की धारा 11 में प्रावधान है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी किसी पार्टी से अपने लिये या किसी अन्य के लिए कोई बेशकीमती वस्तु स्वीकार करता है या प्राप्त करता है जो किसी व्यावसायिक लेन-देन से जुड़ी हो सकती है तो दंड का प्रावधान है।
उन्होंने लिखा है कि इस अपराध में पांच साल तक की कैद का प्रावधान है। यह लेन-देन भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम की धारा 13 (1) (बी) के प्रावधानों का भी उल्लंघन करता है। जेटली का कहना है कि सिंह के खिलाफ पहला आरोप ‘वीबीएस’ नाम से है जो एक इस्पात निर्माता कंपनी की डायरी में मिला था और जिसकी जांच सीबीआई कर रही है। उन्होंने कहा कि दूसरा आरोप शिमला की एक बैंक के खाते में 5.5 करोड़ रुपये जमा होने और उसका हस्तांतरण आनंद चौहान नामक व्यक्ति द्वारा वीबी सिंह और उनके परिजनों की एलआईसी पॉलिसियों के लाभ के लिए किये जाने से जुड़ा है। जेटली ने कहा, ‘‘मेरी समझ है कि इसकी जांच भी सीबीआई कर रही है।’’ भाजपा ने इस मामले को जोरदार तरीके से उठाया है और भाजयुमो अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने इस विषय को लेकर पिछले हफ्ते राहुल गांधी के घर के बाहर प्रदर्शन का नेतृत्व किया था।
प्रशांत भूषण ने आफस्पा हटाने की वकालत की नई दिल्ली : 06 जनवरी 2014 :आम आदमी पार्टी (आप) के नेता प्रशांत भूषण ने जम्मू कश्मीर से सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (आफस्पा) हटाये जाने की वकालत करते हुए कहा है कि यह मानवाधिकारों के मामले में सेना को छूट प्रदान करता है, साथ ही लोगों में अलगाव की भावना पैदा करता है। भूषण ने एक चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा, ''यह अत्यंत जरूरी है कि हम लोगों के दिलों और मन को जीतें तथा अलगाव की भावना को उभरने से रोकें। इसके लिए जो पहली चीज किये जाने की जरूरत है, वह आफस्पा को हटाने की है जो सेना को मानवाधिकार के उल्लंघन के मामलों में छूट प्रदान करता है।’’
उन्होंने कहा कि आंतरिक सुरक्षा के मामलों में सेना की तैनाती लोगों की मंजूरी के बाद ही प्रभावी होनी चाहिए सिवाए ऐसे स्थानों पर जहां अल्पसंख्यकों के हितों की सुरक्षा जरूरी हो। भूषण हालांकि अपने पूर्व के उस रूप से दूरी बनाते दिखे जिसमें उन्होंने कथित तौर पर राज्य के लोगों के चाहने पर कश्मीर को अलग किये जाने का पक्ष लिया था।
मोदी का PM बनना विनाशकारी होगाः मनमोहन
नई दिल्ली 03 जनवरी 2014 :प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी को आज सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि उनका प्रधानमंत्री बनना देश के लिए ‘‘विनाशकारी’’ साबित होगा। आगामी लोकसभा चुनाव के बाद प्रधानमंत्री पद की दौड़ से खुद को बाहर रखते हुए मनमोहन सिंह ने इस पद के लिए राहुल गांधी की जोरदार वकालत भी की।लोकसभा चुनाव से कुछ महीने पहले सिंह ने प्रधानमंत्री के रूप में अपने दो कार्यकालों के दौरान आज तीसरे संवाददाता सम्मेलन में सवालों के जवाब में कहा, ‘‘मैं ईमानदारी से मानता हूं कि श्री नरेन्द्र मोदी जो कह रहे हैं, वह होने वाला नहीं है।’’ उनसे सवाल किया गया था कि क्या वह मानते हैं कि भारी समर्थन की लहर के चलते मोदी प्रधानमंत्री बनेंगे।मुख्य विपक्षी दल की ओर से उन्हें ‘कमजोर’’ प्रधानमंत्री बताये जाने के सवाल पर सिंह ने मजबूत नेता बताये जाने वाले मोदी पर प्रहार करते हुए कहा कि यदि आप अहमदाबाद की सड़कों पर निर्दोष नागरिकों के नरसंहार से प्रधानमंत्री की क्षमता को आंकते हैं तो ‘‘मैं इसे नहीं मानता।’’ सिंह ने हालांकि 1984 के सिख विरोधी दंगों पर सवाल किये जाने पर कहा कि वह सार्वजनिक रूप से सरकार की ओर से सिख समुदाय से माफी मांग चुके हैं। ''1984 में जो कुछ हुआ, वह नहीं होना चाहिए था।''मोदी के प्रधानमंत्री बनने की संभावनाओं को खारिज करते हुए सिंह ने दावा किया कि उन्हें पूरा विश्वास है कि अगला प्रधानमंत्री भी कांग्रेस नेतृत्व वाले संप्रग का ही होगा। आगामी लोकसभा चुनाव में खुद को प्रधानमंत्री पद की दौड़ से अलग करते हुए इसके लिए उन्होंने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की पैरवी की। उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी में प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनने की अपार क्षमताएं हैं और मुझे उम्मीद है कि पार्टी इस बारे में उचित समय पर फैसला करेगी।'' मोदी कालाधन वापस लाएं तभी समर्थनः रामदेव
जालंधर 03 जनवरी 2014 :भ्रष्टाचार और काले धन को देश का सबसे बड़ा मुद्दा बताते हुए योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा है कि आगामी चुनावों में उनका संगठन भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को तभी समर्थन देगा जब वह विदेशों में रखे काले धन को वापस लाने के बारे में आश्वासन देंगे। बाबा रामदेव ने आज यहां बातचीत में कहा, ‘‘हमारे कई मुद्दे हैं। इनमें काले धन का मुद्दा सबसे प्रमुख है, क्योंकि विदेशी बैंकों में इतना धन पड़ा है कि अगर वह सब यहां लाया जाए तो देश के प्रत्येक गांव के हिस्से में करोड़ों रुपये आयेंगे। इन रुपयों से भारत के प्रत्येक गांव को विकसित किया जा सकता है।’’योग के क्षेत्र में क्रांति लाने वाले रामदेव ने कहा, ‘‘नरेंद्र मोदी अगर मुझे काला धन वापस लाने का आश्वासन देते हैं तभी मैं उनको अपना समर्थन दूंगा। हालांकि, भाजपा भी काले धन को वापस लाना चाहती है और व्यक्तिगत तौर पर मोदी ईमानदार व्यक्ति हैं। इसलिए मुझे लगता है कि वह भी इस मुद्दे पर अपनी सहमति जता सकते हैं।’’ बाबा रामदेव ने बताया कि वह नयी दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में एक रैली करने वाले हैं। इससे पहले वह भाजपा नेतृत्व से इन मुद्दों पर बातचीत करेंगे और उनके मुद्दों पर सहमति बनी तभी वह इसी रैली में मोदी को समर्थन देने का औपचारिक ऐलान कर सकते हैं।हालांकि, बाबा ने इसके साथ ही यह भी कहा कि कांग्रेस और भाजपा दोनों भ्रष्ट पार्टी है, लेकिन कांग्रेस और उसके तमाम नेता भ्रष्टाचार में डूबे हैं। लेकिन भाजपा के साथ ऐसा नहीं है। इस पार्टी के कुछ नेता भ्रष्ट हैं लेकिन इसका शीर्ष नेतृत्व बिल्कुल साथ सुथरी छवि का है। उन्होंने दावा किया, ‘‘कांग्रेस नेतृत्व और उनके संबंधी पर कई आरोप लगे हैं लेकिन मोदी पर ऐसा कोई आरोप नहीं है। मोदी की राष्ट्रभक्ति और उनकी शुचिता पर कोई उंगली नहीं उठा सकता है लेकिन कांग्रेस नेतृत्व के साथ ऐसा नहीं है।’’ बाबा ने यह भी दावा किया कि भ्रष्टाचार के अलावा देश में बांग्लादेशी घुसपैठ और नकली नोट की समस्या भी एक बड़ी समस्या है। देश में औसतन पांच फीसदी नकली आवाम तथा 12 फीसदी नकली मुद्रा है। नकली आवाम (बांग्लादेशी घुसपैठिये) की संख्या इतनी बड़ी है कि देश के प्रत्येक हिस्से साठ बांग्लादेशी आयेंगे। उन्होंने कहा कि अब सवाल यह है कि प्रत्येक गांव में जब साठ लोग ऐसे होंगे जिन्हें वहां के विकास और अन्य चीजों से कोई मतलब नहीं है तो उस गांव की स्थिति क्या होगी? इसलिए देश को अब इन राजनीतिक विद्रूपताओं और चुनौतियों से निपटना आवश्यक है। बाबा ने कहा ये सब हमारे आवश्यक मुद्दे हैं जिन पर हम मोदी और भाजपा नेताओ से बातचीत करेंगे। इसके बाद अगर इन पर सहमति बनती है तो औपचारिक रूप से समर्थन का ऐलान कर दिया जाएगा।
महाराष्ट्रः आदर्श जांच रिपोर्ट आंशिक रूप से स्वीकार
मुंबई :02 जनवरी 2014 महाराष्ट्र सरकार ने आदर्श हाउसिंग सोसायटी घोटाले की जांच के संबंध में न्यायिक आयोग की रिपोर्ट को आज आंशिक रूप से स्वीकार कर लिया। इससे पहले सरकार इस रिपोर्ट को खारिज कर चुकी थी। आज हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में रिपोर्ट को आंशिक रूप से स्वीकार करने का फैसला किया गया। राज्य के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा, 'हाउसिंग सोसायटी के 25 अयोग्य सदस्यों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।' चव्हाण ने कहा कि आदर्श पैनल की रिपोर्ट में उल्लिखित राजनीतिक संरक्षण के मामले में हमें कोई आपराधिकता दिखायी नहीं देती। सरकार ने गलत तरीके से आवंटित किये गये फ्लैटों का आवंटन रद्द कर दिया है।
गौरतलब है कि पहले राज्य सरकार ने जांच रिपोर्ट को खारिज कर दिया था लेकिन मुख्यमंत्रियों के साथ कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की बैठक के दौरान राहुल ने रिपोर्ट खारिज किए जाने को लेकर सवाल उठाए थे जिसके बाद अब यह रिपोर्ट आंशिक तौर पर स्वीकार कर ली गई।रिपोर्ट में राज्य के चार पूर्व मुख्यमंत्रियों विलासराव देशमुख, सुशील कुमार शिंदे, शिवाजीराव निलंगेकर और अशोक चव्हाण को दोषी पाया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक मुंबई की आदर्श सोसायटी में 22 फ्लैट बेनामी पाए गए थे, जबकि 25 फ्लैट ऐसे लोगों के नाम पाए गए जो सोसायटी में घर लेने के अयोग्य थे। ये सोसायटी पूर्व सैनिकों के लिए बनवाई गई थी, लेकिन गैरकानूनी तरीके से इसमें नेताओं और अफसरों ने फ्लैट खरीद लिए थे।
आदर्श हाउसिंग सोसायटी घोटाले की जांच के लिए महाराष्ट्र सरकार द्वारा करीब दो साल पहले गठित दो सदस्यीय आयोग ने कुछ समय पहले ही रिपोर्ट दी थी। घोटाला सामने आने के तीन महीने बाद जनवरी 2011 में आयोग का गठन किया गया था और उच्च न्यायालय के अवकाशप्राप्त न्यायाधीश जेए पाटिल को अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
केजरीवाल की सरकार का कांग्रेस ने किया समर्थन
नई दिल्ली : 02 जनवरी 2014: दिल्ली में अरविंद केजरीवाल सरकार को आज कांग्रेस और जनता दल युनाइटेड का समर्थन मिल गया जिससे सरकार को छह महीने तक किसी भी प्रकार का खतरा नहीं है। इससे पहले आज दोपहर को आम आदमी पार्टी की सरकार ने आज दिल्ली विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पेश किया और सदस्यों से राजनीतिक प्रतिबद्धताओं से ऊपर उठकर दिल्ली की जनता के हित में वैकल्पिक शासन का समर्थन करने का आग्रह किया। आप के नेता मनीष सिसोदिया ने विश्वास प्रस्ताव पेश करते हुए कहा, ‘‘यहां बैठे हुए लोग सिर्फ विधायक भर नहीं हैं, जो यहां बैठे हैं वह दिल्ली के लोग हैं, यहां बैठे 70 विधायकों में से प्रत्येक दिल्ली की जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं। देश की जनता आज देख रही है कि यहां किस तरह का फैसला लिया जाएगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम एक दल नहीं हैं, हम जनता के प्रतिनिधि हैं और सभी पार्टियों के विधायकों से आग्रह करते हैं कि पार्टी विचारधारा से ऊपर उठकर दिल्ली की जनता के लिए वैकल्पिक सरकार का समर्थन करें।’’
केजरीवाल के नेतृत्व वाली आप सरकार में मंत्री सिसोदिया ने कहा कि उनकी पार्टी सरकार बनाने के लिए समझौता नहीं करेगी। दिल्ली की जनता ने आप को सरकार बनाने के लिए ‘‘नैतिक जनादेश’’ दिया है। इसे आप के लिए ऐतिहासिक दिन बताते हुए सिसोदिया ने कहा, ‘‘हम यहां विकास के लिए हैं। हम देश की राजनीति को साफ करने के लिए यहां खड़े हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम भरोसा दिलाना चाहते हैं कि दिल्ली की जनता को पीने के लिए साफ पानी और सस्ती बिजली मिलेगी। हम कारोबारियों, किसानों और दिल्ली के युवाओं के लिए यहां हैं। हम दिल्ली के लोगों के लिए सुविधाओं में सुधार करेंगे।’’ केजरीवाल सरकार को इस अग्नि परीक्षा पर खरा उतरने के लिए 36 के आंकड़े को छूना है। 70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा में आप के पास 28 विधायक हैं, जो बहुमत से 8 कम हैं। आप के पास कांग्रेस के 8 विधायकों का समर्थन है। भाजपा के 31 विधायक हैं और उसके सहयोगी शिरोमणि अकाली दल के पास एक विधायक है।
दिल्ली विधानसभा में मुख्य विपक्षी भाजपा ने विश्वास प्रस्ताव की मुखालफत करने का ऐलान किया है। पार्टी नेता हर्षवर्धन ने अपने संबोधन में केजरीवाल और उनकी पार्टी पर कांग्रेस का समर्थन लेने पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि जब केजरीवाल ने कहा था कि वह भ्रष्ट कांग्रेस का समर्थन नहीं लेंगे तो उनके प्रति सबके दिल में सम्मान था। उन्होंने कुछ कठोर वक्तव्य भी दिए थे जैसे एक टेलीविजन चैनल पर उन्होंने कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करने की कसम ली थी, लेकिन उनके पुत्र के नाम पर ली गई कसम टूटी तो उस पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘एक पार्टी जिसे केजरीवाल ने सबसे भ्रष्ट पार्टी बताया, एक पार्टी जिसके खिलाफ उन्होंने चुनाव लड़ा, एक ऐसी पार्टी जिसके बारे में उन्होंने कहा कि अगर चुनाव जीतकर सत्ता में आए तो उसके भ्रष्ट मंत्रियों को जेल भेजेंगे और सरकार के सभी घोटालों को उजागर करेंगे, उन्होंने उसी पार्टी का समर्थन ले लिया।’’ हर्षवर्धन ने कहा, ‘‘आज देश यह जानना चाहता है कि उसी पार्टी के साथ मिलकर सरकार बनाने के पीछे उनकी क्या मजबूरी थी।’’
सत्ता में आने के फौरन बाद बिजली और पानी पर लिए आप के फैसलों पर हमला करते हुए वर्धन ने कहा कि आप ने लोकप्रिय उपाय करने में जो जल्दी दिखाई है भ्रष्ट लोगों को ठिकाने लगाने में वह नजर नहीं आई। उन्होंने दावा किया कि स्वच्छ छवि वाले लोगों को सबसे ज्यादा वोट मिले। उन्होंने कहा, ‘‘लोगों ने सबसे ईमानदार पार्टी (भाजपा) को सबसे ज्यादा सीटें दीं, जो सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह विडम्बना है कि 15 वर्ष से शासन कर रही सरकार से सत्ता छिन गई, वह पार्टी जिसे सबसे ज्यादा सीटें मिलीं आज विपक्ष में बैठी है और जो दूसरी स्थान पर रही उसने सरकार बना ली।’'
दूसरी ओर, सारी अटकलों पर विराम लगाते हुए कांग्रेस ने आज आप को आश्वस्त किया कि जनहित में दिल्ली में नयी सरकार को वह समर्थन देगी। दिल्ली विधानसभा में सरकार द्वारा लाए विश्वासमत प्रस्ताव पर बोलते हुए कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि अगर आप सरकार जनहित में काम करती है तो पार्टी पूरे पांच साल तक समर्थन दे सकती है। उन्होंने कहा, ‘‘केजरीवाल जी आप लगातार बयान दे रहे हैं कि सरकार 48 घंटे की है। मैं आज आपको आश्वस्त करता हूं कि जब तक आप दिल्ली के लोगों के हित में फैसला लेते रहेंगे तब तक आपकी सरकार को कोई खतरा नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जरूरत पड़ने पर हम आपको पांच साल तक समर्थन करेंगे जिससे कि आप अच्छी सरकार दे सकें..जब तक हमें लगेगा कि जो फैसला आपने किया है उससे विकास बाधित नहीं हो रहा है हम आपका समर्थन करते रहेंगे। लोगों के हित में और विकास के लिए आप जो भी फैसला करते हैं हमारी पार्टी का वहां समर्थन होगा।’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि उनकी पार्टी ने दिल्ली के लोगों को एक और चुनाव से बचाने के लिए सरकार को समर्थन दिया है।
बहरहाल, लवली ने बिजली और पानी आपूर्ति मुफ्त करने के फैसले पर सरकार पर यह कहते हुए हमला किया कि एक से दूसरे जगह सब्सिडी के स्थानांतरण पर सदन फैसला कर सकता है, सरकार नहीं। लवली ने मुख्यमंत्री से कहा, ‘‘आप सरकार में नये हैं। अधिकारियों को आपको अच्छी तरह बताना चाहिए। पहले के बजट ने कुछ सब्सिडी मंजूर की थी और अब वह बदल नहीं सकता। सदन की हिस्सेदारी होनी चाहिए। आपको अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करना चाहिए, जिन्होंने आपको गुमराह किया।’’ उन्होंने इस पर भी आश्चर्य जताया कि अगर 1300 करोड़ रूपये सब्सिडी देने का फैसला होता है तो सरकार किन वादों को ठंडे बस्ते में डालेगी। उन्होंने केजरीवाल से यह भी कहा कि उनकी सरकार को भ्रष्टाचार में सलिप्त लोगों और विभागों के खिलाफ ‘कड़ी कार्रवाई’ करनी चाहिए। लवली ने कहा कि केजरीवाल ने जब दिल्ली सरकार के भ्रष्टाचार के बारे में बात की थी तो उन्होंने एमसीडी के बारे में भी बात की थी। दिल्ली सरकार में कुछ मिले न मिले लेकिन एमसीडी में निश्चित तौर पर मिलेगा।
2014 में मतदाता कठोर फैसला देंगे: जेटली
नई दिल्ली : 02 जनवरी 2014 :भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने आज कहा कि वर्ष 2014 भारतीय राजनीति और शासन के मामले में काफी बदला हुआ होगा जिसमें मतदाताओं का एक नया वर्ग भारतीय राजनीति, नेताओं और शासन की गुणवत्ता पर बहुत कठोरता से अपना फैसला देगा। ऐसे में दिल्ली के विधानसभा चुनाव के नतीजों के मद्देनजर भाजपा को आत्मनिरीक्षण करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मतदाताओं के इस नए वर्ग का दिल्ली में आम आदमी पार्टी को काफी संख्या में वोट देना परंपरागत राजनीति के खिलाफ खामोश विरोध जताना था। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष ने अपने फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘‘2014 भारत की राजनीति और शासन के लिहाज़ से काफी अलग होने जा रहा है। भारत के लोगों की उम्मीदों का मानदंड काफी ऊंचा हो गया है। अब केवल मध्य वर्ग ही सशक्त विचार बनाने वाला वर्ग नहीं रह गया है। इसके अतिरिक्त भी भारत में बड़े पैमाने पर ऐसा वर्ग है जिसकी आकांक्षाओं का स्तर एकदम अलग है।’’
उन्होंने पार्टी को सचेत किया कि यह नया वर्ग भारतीय राजनीति, सार्वजनिक जीवन में सक्रिय लोगों और शासन की गुणवत्ता पर बहुत कठोरता से अपना फैसला देने जा रहा है। यह वर्ग अगर अपनी लोकप्रिय आकांक्षाओं पर किसी को खरा नहीं पाएगा तो उसे सत्ता से निकाल बाहर करेगा और जिसे आकांक्षाओं के करीब पाएगा उसे सत्ता में लाएगा। उनका कहना है, ‘‘नए साल का अगर कोई राजनीतिक संदेश है तो वह है कि ‘‘विश्वसनीयता मायने रखती है।’’
जेटली ने कहा, 'दिल्ली में कांग्रेस सरकार ने अपनी विश्वसनीयता खो दी। दिल्ली भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन का मुख्य केन्द्र बना। इस बिंदु पर कांग्रेस पूरी तरह फेल हुई। इसी कारण वह चुनाव में हारी।' उन्होंने कहा, ‘‘सामान्य स्थिति में भाजपा को इस चुनाव में भारी जीत दर्ज करनी चाहिए थी। लेकिन मतदाताओं का एक वर्ग नए विकल्प को आज़माने के विचार से प्रभावित हुआ। आम आदमी पार्टी को काफी संख्या में वोट देना परंपरागत राजनीति के खिलाफ खामोश विरोध जताना था।’’ भाजपा नेता ने कहा, दिल्ली चुनाव में सीटों की संख्या के लिहाज से भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में उभरी लेकिन ‘‘यहां के चुनावी परिणाम भाजपा के लिए आत्मनिरीक्षण किए जाने की बड़ी वजह हैं। दिल्ली के पार्टी नेतृत्व और व्यक्तिगत उम्मीदवारों को भी खुद को लोकप्रिय आकांक्षाओं के अनुरूप बनाना चाहिए।’’ जेटली ने कहा, ‘‘दिल्ली में पार्टी को अपनी खुद की विश्वनीयता की धारणा को मजबूत करने के लिए काफी कुछ करना होगा।’’
सोनिया से नहीं मिल पाए वीरभद्र, अंबिका से बात की
नई दिल्ली : 01 जनवरी 2014: भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण विवादों में आये हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने प्रदेश की प्रभारी एवं कांग्रेस महासचिव अंबिका सोनी के समक्ष इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखा। बहरहाल, उनकी पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी से मुलाकात नहीं हो सकी। राहुल दिल्ली में नहीं हैं। सिंह भाजपा द्वारा यह आरोप लगाये जाने के बाद मंगलवार को कांग्रेस आलाकमान से मिलने के लिए दिल्ली आ गये थे कि उन्होंने एक निजी बिजली कंपनी को उसकी परियोजना के लिए विस्तार देने के एवज में कथित तौर पर रिश्वत ली है।
समझा जाता है कि अंबिका के साथ मुलाकात में उन्होंने सभी आरोपों को बकवास बताया और मामले से संबंधित कुछ दस्तावेज दिखाये। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पर आरोप ऐसे समय में लगाया गया है जब कांग्रेस भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अपने को नैतिक रूप में मजबूत होने का दावा कर रही है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह भी मंगलवार को कांग्रेस मुख्यालय आयीं और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। प्रतिभा मंडी से कांग्रेस सांसद हैं और उन पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। सिंह ने विपक्षी दल को आड़े हाथ लेते हुए उनके एवं उनके परिवार के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण दुष्प्रचार चलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने आरोपों से इंकार करते हुए कहा कि वे राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने आरोप लगाया है कि वीरभद्र सिंह ने राज्य में एक निजी कंपनी से बिजली परियोजना के विस्तार की मंजूरी देने के लिए ‘‘रिश्वत’’ ली। सिंह ने जेटली के आरोपों का बिन्दुवार जवाब देने का प्रयास करते हुए आठ पेज का एक बयान जारी किया और इस बात पर जोर दिया कि उन्होंने कोई घूस नहीं ली है। उन्होंने अपने बयान में कहा, ‘‘हताश भाजपा नेता झूठी कहानियां गढ़ रहे हैं और अपनी सुविधा अनुसार तथ्यों को तोड़ मरोड़ रहे हैं। वह मेरे आयकर रिटर्न और मेरे परिवार द्वारा लिये गये ऋण से जुड़े वही पुराने मुद्दे उठा रहे हैं जिसका जवाब और स्पष्टीकरण समय समय पर दिया जा चुका है और इसमें कुछ भी नया नहीं है।
अपने बयान में सिंह ने आरोप लगाया कि जब से उन्होंने अपने राज्य में चुनाव प्रचार की कमान संभाली और विधानसभा चुनावों में पार्टी की जीत का नेतृत्व किया तब से भाजपा के नेता और उनके कर्ताधर्ता उनके और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण प्रचार में लगे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जैसे जैसे राज्य में कांग्रेस पार्टी और उसकी सरकार धीरे धीरे मजबूत स्थिति में पहुंची तथा पिछली भाजपा सरकार खासकर पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल और उनके पुत्र के गलत कामों का पर्दाफाश हो रहा हैं, मेरे खिलाफ व्यक्तिगत हमले उसी गति एवं अनुपात में बढ़ने लगे हैं।’'
बिहार: नीतीश-पासवान-कांग्रेस गठबंधन की अटकलें
नई दिल्ली: 01 जनवरी 2014: बिहार में राजनीतिक ताकतें नये गठजोड़ और तालमेल की ओर बढ़ती दिख रही हैं जिससे प्रदेश में वर्तमान समीकरण को धक्का लग सकता है। राज्य में जदयू के राजग से अलग होने के बाद सामाजिक समीकरण में तेजी से बदलाव आ रहा है। कांग्रेस ने हालांकि लालू प्रसाद की अध्यक्षता वाले राजद के साथ गठबंधन करने की अनिच्छा को त्यागने का संकेत दिया था, लेकिन ऐसा लगता है कि कांग्रेस अब इससे अपने कदम पीछे खींच रही है क्योंकि पार्टी के कई शीर्ष नेता ‘दागी नेता’ के साथ गठजोड़ को लेकर काफी सजग दिख रहे हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम, जयराम रमेश और राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले बिहार कांग्रेस के प्रभारी सीपी जोशी कांग्रेस के भ्रष्टाचार विरोधी रूख को आगे बढ़ाने के क्रम में गठबंधन के कारण पड़ने वाले प्रभाव को लेकर आशंकित हैं। ऐसी दलीलें दी जा रही हैं कि जब कांग्रेस लोकपाल विधेयक को पारित कराने का श्रेय ले रही है और राहुल गांधी भ्रष्टाचार निरोधक आचार लाने की बात कर रहे हैं तब पार्टी को चारा घोटाले में लालू को दोषी करार दिये जाने के बाद राजद से गठजोड़ करने में कठिनाई पेश आयेगी।
विचार विमर्श की प्रक्रिया का हिस्सा रहे एक नेता ने कहा, ''इस बात के स्पष्ट संकेत हैं कि हम इस बार बिहार में गठबंधन करेंगे। हालांकि इस बारे में कुछ और स्पष्टता जरूरी है कि हम किस पार्टी के साथ गठजोड़ करने जा रहे हैं।’’ पिछले लोकसभा चुनाव में राजद के साथ गठबंधन करने वाली रामविलास पासवान की लोजपा अब लालू की पार्टी के साथ गठजोड़ को इच्छुक नजर नहीं आती है और सूत्रों की मानें तो समझा जाता है कि वह बिहार में नीतीश कुमार की पार्टी के साथ संवाद का मार्ग खोले हुए हैं।
लोजपा प्रमुख के करीबी एक पार्टी पदाधिकारी ने कहा, ''लोजपा के अधिकांश नेताओं का मत है कि पार्टी को जदयू के साथ गठबंधन करना चाहिए और इससे कांग्रेस को भी जोड़ना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस-जदयू के साथ लोजपा का गठबंधन काफी मजबूत हो सकता है क्योंकि नीतीश कुमार की पार्टी ने अति पिछड़ी जातियों और महादलितों में व्यापक पैठ बनायी है। इसके अलावा उनकी छवि साफ है।’’ उन्होंने कहा, ''आम आदमी पार्टी का राष्ट्रीय परिदृश्य पर प्रभाव पड़ने के बीच दोषी करार दिये गए लालू के साथ जाने से पार्टी को नुकसान होगा। दूसरी ओर राजद अपने बड़े भाई के रूख को छोड़ने को तैयार नहीं दिखती है। हालांकि इस बारे में अंतिम निर्णय पासवान को करना है।’’
राहुल के सामने कुछ नहीं हैं मोदी, केजरीवाल: लालू
मुजफ्फरनगर :29 दिसंबर 2013 :मुजफ्फरनगर में दंगा पीड़ितों के राहत शिविरों का दौरा करने आए राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने राहुल गांधी की प्रशंसा करते हुए आज कहा कि नरेंद्र मोदी और अरविंद केजरीवाल कांग्रेस उपाध्यक्ष के सामने कुछ भी नहीं हैं। लालू प्रसाद ने यहां साम्प्रदायिक हिंसा के लिए भाजपा और सपा को दोषी ठहराया। राजद प्रमुख ने कहा कि उनका दल लोकसभा चुनावों के लिए कांग्रेस के साथ गठबंधन करेगा। उन्होंने कहा, ''राहुल के सामने केजरीवाल और मोदी कुछ नहीं है। आप लोगों ने उन्हें (केजरीवाल, मोदी को) चांद पर बैठा दिया है। आप ही हैं, जिन्होंने उनका प्रचार किया है। उन्होंने अब तक किया क्या है?’’शामली में गत रविवार को राहुल गांधी के दौरे के एक सप्ताह बाद यहां दौरे पर आए लालू ने कांग्रेस उपाध्यक्ष के विचारों का समर्थन करते हुए कहा कि शिविरों में रह रहे लोगों को अपने गांवों में लौट जाना चाहिए। लालू ने संवाददाताओं से कहा, ''हम यहां पीड़ितों के आंसू पोंछने आए हैं। उन्हें अपने घर लौट जाना चाहिए। सरकार को इस कार्य में मदद करनी चाहिए।’’ लालू ने आम आदमी पार्टी की आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी लाल बत्ती वाली कारों और सुरक्षा आदि जैसी सुविधाएं लेने से इनकार करके ‘‘नाटक’’ कर रही है। उन्होंने कहा, ''आप भ्रष्टाचार के बारे में बात कर रही है, लेकिन वे खुद भ्रष्ट हैं।’’
लालू ने मोदी पर निशाना साधते हुए उनके निकट सहयोगी अमित शाह को ‘‘समाज को साम्प्रदायिक बनाने के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री का महाप्रबंधक’’ करार दिया। उन्होंने कहा, ‘‘वह (शाह) पूरे माहौल को खराब कर रहे हैं। यहां उत्तर प्रदेश में काम कर रहे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, मोदी और अमित शाह इसके लिए जाने जाते हैं और देखिए दंगे हो गए। लोग यहां साथ मिलकर रहा करते थे लेकिन दंगे हो गए..।’’ लालू ने कहा, ''अमित शाह को उत्तर प्रदेश में पार्टी की चुनाव मुहिम संभालने के लिए भेजे जाने के बाद यहां साम्प्रदायिक हिंसा हुई। वह राज्य का माहौल खराब कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ''भाजपा देश की दुश्मन है, हम भाजपा के दुश्मन हैं।’’ लालू ने कहा, ''जिन ताकतों ने अफवाह फैलाई थी कि भगवान गणेश दूध पी रहे हैं, वे पूरे समाज को साम्प्रदायिक बनाने और बाह्य एवं आंतरिक विभाजन को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही हैं। युवक मुख्य रूप से इसका शिकार हैं।’’ लालू को अल्पसंख्यक समुदाय के बीच एक लोकप्रिय नेता माना जाता है और उनकी पार्टी राजद ने मुख्य रूप से मुस्लिम-यादव समर्थन से 15 वर्ष तक बिहार में सत्ता संभाली।
राजद प्रमुख ने कहा, ‘‘विभाजनकारी ताकतें और हस्तिनापुर (दिल्ली) की सीट पर कब्जा करने की चाहत रखने वालों ने हिंदू राज्यों को निशाना बनाया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने पटना में एक रैली में कहा था कि लोगों को यह निर्णय लेना है कि 2014 के चुनावों में देश एक रहेगा या विभाजित हो जाएगा।’’ चारा घोटाला मामले में जमानत पर जेल से बाहर आए लालू ने दंगा पीड़ितों से बात करते हुए कहा कि वह जेल में होने के कारण उनसे मिलने पहले नहीं आ सके। लालू ने कहा, ‘‘राहत शिविरों में रह रहे लोगों पर शुरुआत में कोई ध्यान नहीं दिया गया। यदि शुरुआत में ही उन पर ध्यान दिया जाता तो आज हालात बेहतर होते।’’
सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने विवादास्पद बयान दिया था कि शिविरों में रह रहे लोग दंगा पीड़ित नहीं बल्कि राजनीतिक कार्यकर्ता हैं। यादव ने इस बयान का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘यह बहुत बुरी बात है.. मैंने लोगों को यह कहते भी सुना है कि शिविरों में रह रहे लोग पीड़ित नहीं हैं।’’ लालू ने सपा प्रमुख को याद दिलाते हुए कहा कि उनकी धर्मनिरपेक्ष सरकार के लिए अल्पसंख्यकों ने इतने खुले दिल से मतदान किया था कि उन्हें भी उम्मीद नहीं थी कि वह इतने बड़े अंतर से जीत दर्ज करेंगे। लालू ने कहा, ''मैं किसी की आलोचना नहीं कर रहा हूं। लेकिन प्रशासन को इस मामले में शुरुआत में जो ध्यान देना चाहिए था, वह नहीं दिया गया।’’ उत्तर प्रदेश के एक वरिष्ठ अधिकारी के राहत शिविरों में लोगों के ठंड ने नहीं मरने संबंधी बयान के बारे में पूछे जाने पर लालू ने कहा, ‘‘वे सभी पागल हो गए हैं इन अधिकारियों के ऐसे बयानों का खामियाजा किसी और को भुगतना पड़ेगा।’’
'मुझ पर मुसीबत आई, तो भाग खड़े हुए अमिताभ'
कभी अमिताभ बच्चन के गहरे दोस्त रहे अमर सिंह ने 'बिग बÓ पर करारा प्रहार किया है। अमर सिंह ने अमिताभ पर तंज कसते हुए कहा, अच्छा एक्टर, अच्छा इंसान भी हो, यह कोई जरूरी नहीं है। उन्होंने कहा कि जब मुझ पर मुसीबत आई, तो अमिताभ भाग खड़े हुए। अमर सिंह ने लंदन में कहा कि अमिताभ उनकी 2 दशक की दोस्ती भूल गए। दोस्ती न चल पाने के लिए उन्होंने 'बिग बीÓ को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि अमिताभ ने खुद ही स्वीकार किया था कि अगर अमर सिंह नहीं होते, तो 'सदी का महानायकÓ मुंबई की सड़कों पर टैक्सियां चला रहा होता।
अमर ने कहा, मैं उनका अभार मानता हूं कि उन्होंने मेरे प्रति ऐसे शब्द कहे, पर मेरे बुरे दिनों में वे मेरा साथ नहीं दे सके। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अमिताभ अच्छे एक्टर हैं, पर उनकी रीढ़ में हड्डी नहीं है, इतना ही नहीं, अमर ने कहा कि अमिताभ अपने परिवार की नेहरू परिवार से 4 दशक पुरानी दोस्ती भी भुला बैठे। अमर सिंह का वार यहीं तक नहीं रूका। उन्होंने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान राज ठाकरे के साथ एक ही मंच पर खड़े होने पर भी अमिताभ को आड़े हाथों लिया। अमर ने पुरानी बातें याद दिलाते हुए कहा कि अमिताभ ने एक वक्त बाल ठाकरे के प्रति सम्मान जताते हुए कहा था कि वे मेरे पिता समान हैं। उन्होंने कहा कि जब बाल ठाकरे नहीं रहे, तो अमिताभ राज ठाकरे के साथ हो गए। अमिताभ बच्चन की निष्ठा पर सवाल उठाते हुए अमर सिंह ने कहा, अमिताभ गुजरात में नरेंद्र मोदी के साथ हैं, यूपी में मुलायम के साथ हैं। पता ही नहीं चलता कि वे कब किसके साथ हो जाएंगे...यत्र, तत्र, सर्वत्र (यहां, वहां, हर जगह)।
गौरतलब है कि अमर सिंह ने अमिताभ बच्चन की तरफ दोस्ती का हाथ तब बढ़ाया था, जब अमिताभ की कंपनी एबीसीएल भारी घाटे से उबरने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही थी। कुल मिलाकर अमर सिंह अमिताभ के बुरे दिनों के साथी रहे हैं। बहरहाल, ऐसा लगता है कि दोनों की राहें अब पूरी तरह से जुदा हो चुकी हैं।अमिताभ बच्चन की निष्ठा पर सवाल उठाते हुए अमर सिंह ने कहा, अमिताभ गुजरात में नरेंद्र मोदी के साथ हैं, यूपी में मुलायम के साथ हैं। पता ही नहीं चलता कि वे कब किसके साथ हो जाएंगे...यत्र, तत्र, सर्वत्र (यहां, वहां, हर जगह)
राहुल गांधी का 'आदर्श' धमाका
नई दिल्ली। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर धमाका किया है। उन्होंने महाराष्ट्र की कांग्रेस-एनसीपी सरकार के आदर्श घोटाले की रिपोर्ट खारिज करने के फैसले पर सवाल उठा दिए हैं। राहुल ने कहा कि वह इस फैसले से सहमत नहीं हैं और राज्य सरकार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए। गौरतलब है कि राहुल ने इससे पहले केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ जाते हुए दागी नेताओं को बचाने वाले अध्यादेश को फाड़कर फेंकने की सलाह दे डाली थी जिससे सरकार को इस पर यू-टर्न लेना पड़ा था। हालांकि बाद में राहुल ने सार्वजनिक तौर पर माना कि उन्हें उतने कड़े शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए था। इस बार उन्होंने कड़े शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया, लेकिन इस बयान का असर होते भी देर नहीं लगी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि वह कैबिनेट की बैठक में सहयोगियों के साथ इस पर चर्चा करेंगे। न्यायमूर्ति जे पी पाटिल ने इस मामले की जांच की थी और रिपोर्ट खारिज किए जाने के बाद उन्होंने आक्रोश जाहिर करते हुए कहा था कि इस रिपोर्ट में राज्य के चार पूर्व मुख्यमंत्रियों के नाम थे जिसे देखते हुए उन्हें पहले ही लगता था कि सरकार इसे खारिज कर देगी। इस बीच यह मामला राजनीतिक तूल भी पकड़ चुका है और राज्य में सरकार की सहयोगी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी कह चुकी है कि अगर मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहें तो उनकी पार्टी इसका साथ देगी।
राहुल ने कांग्रेस मुख्यमंत्रियों के साथ की बैठक
नई दिल्ली ,27 दिसंबर 2013: हालिया विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी की करारी हार के बाद पहली बड़ी चुनावी कसरत के तहत कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज शीर्ष नेताओं और कांग्रेस शासित 12 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ रणनीतिक बैठक की जिसमें पार्टी को पूरे दमखम के साथ चुनावी समर के लिए तैयार करने पर जोर दिया गया। आज सुबह शुरू हुई इस एक दिवसीय बैठक में कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं की शत प्रतिशत उपस्थिति रही आज सुबह शुरू हुई इस एक दिवसीय बैठक में कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं की शत प्रतिशत उपस्थिति रही जिसमें एके एंटनी, सुशील कुमार शिंदे, पी चिदम्बरम, अहमद पटेल, जयराम रमेश, दिग्विजय सिंह, जनार्दन द्विवेद्वी, कपिल सिब्बल और केवी थामस ने भाग लिया। दिल्ली और राजस्थान में सत्ता गंवाने के बाद कांग्रेस इस समय केवल 12 राज्यों में सत्ता में बची है जिनमें मणिपुर, मिजोरम, असम, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, अरुणाचल प्रदेश, केरल और मेघालय शामिल हैं।
केंद्र सरकार मोदी को परेशान कर रहीः भाजपा
नई दिल्ली ,27 दिसंबर 2013: गुजरात सरकार द्वारा एक महिला की कथित जासूसी मामले की पड़ताल के लिए जांच आयोग गठित करने के कांग्रेस नीत केन्द्र सरकार के फैसले की आलोचना करते हुए भाजपा ने आज कहा कि यह नरेन्द्र मोदी को परेशान करने के लिए बदले की भावना से उठाया गया कदम है। भाजपा ने आगाह किया कि सरकार के इस कदम से केन्द्र और राज्यों के संबंध प्रभावित होंगे। भाजपा की प्रवक्ता निर्मला सीतारमण ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में इस तरह की जांच शुरू करके ‘‘मोदी से राजनीतिक बदला लेने के लिए कांग्रेस की फासीवादी और आपातकाल जैसी मनोवृत्ति’’ की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया, ''यह राजनीतिक बदले की भावना से किया गया फैसला है।
स्पष्ट रूप से फासीवादी कांग्रेस ने आपातकाल की मानसिकता से ऐसा फैसला किया है और भाजपा ऐसी किसी भी चुनौती का मुकाबला करेगी और हर मंच पर संघर्ष करेगी। ये न्याय के लिए नहीं बल्कि राजनीतिक रूप से प्रेरित कदम है।’’ आयोग के गठन के औचित्य पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जिस उत्साह से आयोग का गठन किया गया, उससे पता चलता है कि सरकार की प्राथमिकताएं क्या हैं। पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि जांच राज्य का विषय है, उसमें केन्द्र की ओर से जांच बिठाना उसके अधिक उत्साह का संकेत है। इससे पता चलता है कि कांग्रेस पार्टी अपने राजनीतिक विरोधियों का दमन करने के लिए कोई भी तरीका अपना सकती है।
हजारे की तबियत खराब, नहीं आएंगे शपथ में
अन्ना हजारे ने आज कहा कि वह तबियत खराब होने की वजह से शनिवार को मुख्यमंत्री के रूप में अरविन्द केजरीवाल के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हो पाएंगे। दिल्ली में 28 दिसंबर को शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के बारे में पूछे जाने पर हजारे ने कहा, ‘‘मेरा स्वास्थ्य ठीक नहीं है।’’ जब दोबारा प्रश्न पूछा गया तो हजारे ने कहा, ‘‘मैं अभी नहीं कह सकता, मैं ठीक नहीं हूं।’’
दिल्ली के मुख्यमंत्री मनोनीत ने कहा था कि वह अपने गुरु हजारे को समारोह के लिए निजी तौर पर आमंत्रित करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘अन्ना हजारे मेरे गुरु हैं और मैं समारोह में आमंत्रित करने के लिए निजी तौर पर उनसे फोन पर बात करूंगा।’’ केजरीवाल ने कहा, ‘‘आमंत्रण सरकार की ओर से भेजा जाएगा और मैंने उनसे हजारे, किरण बेदी और न्यायमूर्ति संतोष हेगड़े को आमंत्रण भेजने को कहा था।’’ गांधीवादी कार्यकर्ता हजारे ने दो दिन पहले कहा था कि उन्हें अभी शपथ ग्रहण समारोह के लिए आमंत्रण नहीं मिला है, लेकिन अगर उन्हें आमंत्रण मिला तब भी वह खराब स्वास्थ्य के चलते वहां नहीं जा पाएंगे।
कांग्रेस के स्थापना दिवस पर CM बनेंगे अरविंद
दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में अरविन्द केजरीवाल के शपथ ग्रहण की तारीख एक विचित्र संयोग से उस तारीख को पड़ रही है जिस दिन कांग्रेस का 128वां स्थापना दिवस है। केजरीवाल 28 दिसंबर को शपथ लेंगे और यही कांग्रेस के स्थापना दिवस की भी तारीख है। कार्यकर्ता से राजनेता बने केजरीवाल दिल्ली के सातवें मुख्यमंत्री के रूप में यहां के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में शपथ लेंगे। नयी सरकार का जन्म संयोग से भारत की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस के स्थापना दिवस की तारीख को होगा। कांग्रेस को हाल में दिल्ली विधानसभा चुनाव में आप के हाथों शर्मनाक पराजय का सामना करना पड़ा है।
कांग्रेस ने ‘आप’ को ‘‘बाहर से समर्थन’’ देने का फैसला किया। हालांकि, इस मुद्दे पर कांग्रेस आपस में बंट गई है। आप को जहां 28 सीटें मिली थीं, वहीं भाजपा के खाते में 31 सीटें आई थीं और यह सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। लेकिन दोनों ही दल सरकार बनाने के लिए जरूरी 36 के आंकड़े को छूने में असफल रहे।
दिल्ली सरकार के शीर्ष अधिकारियों ने बताया कि केजरीवाल और छह विधायकों को रामलीला मैदान में दोपहर 12 बजे एक सार्वजनिक समारोह में शपथ दिलाई जाएगी। रामलीला मैदान में ही अन्ना हजारे ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा आंदोलन चलाया था और तभी केजरीवाल पूरे देश में जाने जाने लगे थे। केजरीवाल के साथ कैबिनेट मंत्रियों के रूप में मनीष सिसौदिया, राखी बिरला, सोमनाथ भारती, सौरभ भारद्वाज, गिरीश सोनी और सतेंद्र जैन शपथ लेंगे।
चार राज्यों में विधानसभा चुनावों में मुंह की खाने के बाद कांग्रेस आगामी लोकसभा चुनावों से पहले अपनी चुनावी रणनीति को दुरूस्त करने की कोशिशों में लगी है। 128 साल पुरानी पार्टी अब राष्ट्रीय राजधानी में इतिहास रचने वाली आम आदमी पार्टी के शपथ ग्रहण समारोह के साथ अपने स्थापना दिवस को कोष्ठक में पा रही है।
महिला जासूसी मामले में केंद्र बनाएगा जांच आयोग
भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी के कथित इशारे पर गुजरात में एक महिला की जासूसी के मामले की पड़ताल के लिए केन्द्र ने आज जांच आयोग नियुक्त करने का फैसला किया। केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय का फैसला किया गया। यह फैसला जांच आयोग कानून की धारा 3 के तहत किया गया जो केन्द्र को किसी आयोग के गठन का अधिकार देता है। आयोग के गठन का प्रस्ताव गृह मंत्रालय का था, जिसमें सुझाव था कि आयोग का अध्यक्ष उच्चतम न्यायालय का कोई सेवारत या सेवानिवृत्त न्यायाधीश हो
गुजरात सरकार ने हालांकि मामले की जांच के लिए एक आयोग का पहले ही गठन कर रखा है लेकिन केन्द्रीय मंत्रिमंडल का फैसला इन ताजा दावों के परिप्रेक्ष्य में आया है कि कथित जासूसी गुजरात राज्य की सीमाओं से बाहर का भी मामला है। वेब पोर्टल गुलेल डाट काम ने बुधवार को दावा किया था कि मोदी के कथित इशारे पर महिला की जासूसी केवल गुजरात ही नहीं बल्कि कर्नाटक से भी जुड़ा मामला है। गुलेल ने एक अन्य पोर्टल कोबरा पोस्ट डाट काम के साथ मिलकर सबसे पहले इस मामले का खुलासा किया था। आरोप था कि गुजरात पुलिस ने 2009 में बेंगलूर में महिला के टेलीफोन को टैप करने के लिए कर्नाटक पुलिस से संपर्क किया था। महिला बेंगलूर में रह रही थी और उस समय कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा थे।
मुलायम के बयान को तोड़ा मरोड़ा गयाः सपा
उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी ने मुजफ्फरनगर दंगा राहत शिविरों में षड्यंत्रकारियों के रहने सम्बन्धी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव के बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किये जाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि कुछ राजनीतिक दल इस मसले पर षड्यंत्र कर रहे हैं। सपा के प्रान्तीय प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने यहां कहा कि यादव के मुजफ्फरनगर दंगा राहत शिविरों से सम्बन्धित बयान को प्रसंग से अलग और तोड़-मरोड़ कर गलत तरीके से पेश किया गया है। कुछ राजनीतिक दल इस मसले पर षड्यंत्र कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दंगा पीड़ितों के प्रति सरकार और पार्टी की पूरी सहानुभूति है और सद्भाव बहाली के कदम उठाये गये हैं। सपा मुजफ्फरनगर की घटना को दुखद मानती है और उसने पीड़ितों को सही मायने में राहत पहुंचायी है।
गौरतलब है कि सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने गत 23 दिसम्बर को पार्टी राज्य मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में कहा था, ‘‘मुजफ्फरनगर दंगा पीड़ितों के लिये बनाये गये राहत शिविरों में अब कोई पीड़ित नहीं रह रहा है। आप चाहे पता लगा लें। ये वो लोग हैं जो षड्यंत्रकारी हैं। यह भाजपा और कांग्रेस ने षड्यंत्र किया है। भाजपा और कांग्रेस के लोग रात में जाकर उनसे कहते हैं कि बैठे रहो, धरना दो..लोकसभा चुनाव तक यह मुद्दा बनाए रखो।’’
इस बीच, विधानसभा में बहुजन समाज पार्टी तथा विपक्ष के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने मुजफ्फरनगर दंगा राहत शिविरों में रह रहे लोगों को षड्यंत्रकारी करार देने वाले समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव के बयान की कड़ी निन्दा करते हुए कहा कि यादव को अपने इस बयान के लिये देश से माफी मांगनी चाहिये।
नई दिल्ली, 24 दिसंबर 2013 : लोकसभा चुनावों के लिए 'मोदी फॉर पीएम' नारे के साथ उतरेगी भाजपा
भाजपा ने आज निर्णय लिया है कि आगामी लोकसभा चुनावों के लिए उसके अभियान को प्रधानमंत्री पद के पार्टी के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर केंद्रित रखा जाएगा और जनता को बताया जाएगा कि देश में इस समय 1975 में कांग्रेस द्वारा लगाये गये आपातकाल के बाद जैसे हालात हैं। भाजपा शासित पांच राज्यों के मुख्यमंत्रियों और पार्टी के संसदीय बोर्ड की यहां हुई बैठक के बाद महासचिव अनंत कुमार ने संवाददाताओं को बताया कि पार्टी के लिए चुनावी नारा ‘मोदी फॉर पीएम’ (प्रधानमंत्री पद के लिए मोदी) होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा का ‘मोदी फॉर पीएम’ अभियान जेपी आंदोलन की तर्ज पर होगा जो आपातकाल के समय कांग्रेस सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकने के लिए शुरू किया गया था।’’ अनंत कुमार ने कहा कि 1977 में जबरदस्त कांग्रेस विरोधी लहर थी और आज भी वैसे ही हालात हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह ऐतिहासिक साल है। किसी ने नहीं सोचा था कि विपक्ष इतने वोट हासिल कर सकता है।’’ भाजपा महासचिव के अनुसार हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे दिखाते हैं कि भाजपा अपने प्रतिद्वंद्वियों से काफी आगे है।
अनंत कुमार ने बताया कि भाजपा कार्यकर्ता अपने महत्वाकांक्षी अभियान के तहत ‘एक वोट, एक नोट’ कार्यक्रम के तहत धन भी एकत्रित करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘न्यूनतम 10 रुपये और अधिकतम 1,000 रुपये एकत्रित किये जाएंगे।’’ बैठक में भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने दावा किया कि तीन राज्यों में जीत और दिल्ली में विधानसभा चुनावों में अच्छे प्रदर्शन ने पार्टी के पक्ष में माहौल बना दिया है और इससे आगामी लोकसभा चुनावों में मदद मिलेगी।
नेताओं ने एक प्रस्ताव भी पारित किया जिसके मुताबिक ये चुनाव परिणाम इस बात का जनमत सर्वेक्षण है कि सरकार को काम करके दिखाना चाहिए या हट जाना चाहिए। पार्टी का केवल एक ही लक्ष्य है कि लोकसभा चुनावों में 272 से अधिक सीटें प्राप्त करना। पार्टी लोकसभा चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों का चुनाव करने से पहले 400 से अधिक लोकसभा क्षेत्रों में सभाएं भी करेगी। पार्टी के बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की राष्ट्रीय स्तर की बैठक 28 फरवरी तक होगी जिसमें चुनावों के दौरान जमीनी स्तर के प्रबंधन पर चर्चा की जाएगी। मुख्य विपक्षी दल बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन को ‘सुशासन दिवस’ के तौर पर मनाने जा रहा है। भाजपा केंद्र में सरकार बनाने की अपनी संभावनाओं को मजबूती प्रदान करने के लिए राजग में और दलों को जोड़ने का प्रयास करेगी।
भ्रष्ट पूर्व मंत्रियों पर करेंगे कार्रवाई: अरविंद केजरीवाल
कांग्रेस के बाहर से समर्थन से सरकार बनाने जा रही आम आदमी पार्टी (आप) संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आज कहा कि उनकी सरकार पिछले कांग्रेस शासन के किसी भी भ्रष्ट मंत्री के खिलाफ कार्रवाई करेगी। दो मिनट के वीडियो में उन्होंने कांग्रेस से समर्थन लेने को सही ठहराया और बताया कि आप अपने एजेंडे का पालन करने और दिल्ली के लोगों से किए गए वादे पूरे करने के लिए कटिबद्ध है।
वीडियो में केजरीवाल यह कहते हुए अपनी बात शुरू करते हैं कि उन्हें दो तरह की राय मिली, एक राय थी आप कांग्रेस और भाजपा दोनों से दूर रहें। दूसरी राय थी कि जब कांग्रेस समर्थन दे रही है तो आप सरकार बनाए और साबित करे कि वह भी सरकार चला सकती है और वादे पूरे कर सकती है। आप ने साफ कर दिया है कि सरकार में किसी भी कांग्रेस विधायक को मंत्रालय नहीं दिया जाएगा और आप कांग्रेस और भाजपा के किसी भी पूर्व भ्रष्ट मंत्री के खिलाफ कार्रवाई करेगी। केजरीवाल ने कहा कि लोग अपनी राय के प्रति भावुक थे। इसलिए पार्टी को इस मुद्दे पर फिर से जनता के पास जाना पड़ा।
वीडियो में एक जनसभा नजर आ रही है जहां बड़ी संख्या में लोग आप के सरकार गठन के हामी भर रहे हैं। आप ने यह भी दावा किया कि उसने सरकार गठन का दावा करने का फैसला करने से पहले 26 लाख लोगों की राय पूछी। संदेश में कहा गया है, ‘‘हां, हम बाहरी समर्थन से अल्पमत सरकार बना रहे हैं।’’ फिर संदेश में अल्पमत सरकार की व्याख्या की गयी है। आप कहती है, ‘‘कोई भी मंत्रालय कांग्रेस को नहीं दिया जाएगा और वह सरकार का हिस्सा नहीं होगी।’’
आप ने दोहराया कि वह जनता से किए अपने सभी 18 वादे पूरा करेगी जिसके बारे में उसने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह को लिखा था। कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाने पर भाजपा द्वारा हो रही आलोचना पर आप ने पलटवार किया है, ‘‘भाजपा की रणनीति क्या है? यदि हम सरकार नहीं बनाते तो वे कहते कि हम भाग रहे हैं। हम सरकार बना रहे हैं तो वे अब कहते हैं कि हम कांग्रेस की बी टीम हैं।’’ आप ने कहा कि उसे कांग्रेस या भाजपा की परवाह नहीं है, उसे बस आम आदमी की चिंता है और उसका ध्यान उनकी समस्याएं हल करने पर है।
जनलोकपाल के लिए अन्ना फिर बैठे अनशन पर अन्ना हजारे ने संसद में जनलोकपाल विधेयक तत्काल पारित कराने को लेकर सरकार पर दबाव डालने के लिए आज यहां अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। हजारे ने अपना उपवास शुरू करने से पहले संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने उपवास शुरू करने से पहले एक स्थानीय मंदिर में पूजा अर्चना की और ईश्वर से जनलोकपाल विधेयक को पारित कराने के लिए सरकार को सद्बुद्धि देने के लिए कहा।’’ हजारे ने कहा, ‘‘राष्ट्र निर्माण की दिशा में जनलोकपाल विधेयक एक बड़ा कदम होगा।’’ कांग्रेस पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि समय आ गया कि संप्रग सरकार अपने वादे पूरे करे या सत्ता छोड़े। अन्ना हजारे ने कहा, ‘‘अगर कोई देश में बदलाव लाना चाहता है तो यह केवल सरकार, विपक्ष या किसी दूसरे दल के जरिए नहीं हो सकता, वह देश का भविष्य नहीं बदल सकते..देश के 68 सालों की आजादी में यह साफ हो गया है। केवल एक ही रास्ता है..देश की जनता को संगठित होना पड़ेगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आजादी का अर्थ स्वाचार लगाकर (अपने हिसाब से काम कर) चलने वालों लोगों के विरोध में आंदोलन करना है। यह देश को बचाने का एकमात्र रास्ता है।’’ ना समर्थन देगी ना समर्थन लेगी आम आदमी पार्टी आप के संयोजक अरविन्द केजरीवाल ने दिल्ली में सरकार के गठन के लिए भाजपा को किसी तरह का समर्थन देने की बात खारिज करते हुए आज कहा कि इस संदर्भ में पार्टी नेता प्रशांत भूषण ने जो कुछ कहा वह उनकी व्यक्तिगत राय थी। पार्टी नेताओं के साथ एक बैठक में शामिल होने के बाद केजरीवाल ने आज सुबह ट्विटर पर लिखा, ‘‘भाजपा को समर्थन देने का कोई सवाल नहीं है। प्रशांत ने सोमवार को जो कहा वह उनकी व्यक्तिगत राय थी।’’ बैठक में यह फैसला लिया गया कि पार्टी ना तो कांग्रेस या भाजपा से समर्थन लेगी ना ही उन्हें समर्थन देगी। भूषण ने सोमवार रात एक टीवी चैनल से बात करते हुए कहा था कि अगर भाजपा जनलोकपाल विधेयक पारित करने का लिखित आश्वासन दे तो आप उसे समर्थन देने पर विचार कर सकती है। उन्होंने आज खुद भी यह साफ करते हुए कहा कि उन्होंने सोमवार रात जो कुछ कहा था वह उनकी व्यक्तिगत राय थी। भूषण ने आज संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने जो कहा वह व्यक्तिगत बयान था। मेरा यह मतलब था कि अगर भाजपा आप जैसी बन जाती है एवं वह चीजें करती हैं जिनके लिए आप का गठन किया गया और जिनमें आप विश्वास करती है तो हम उन्हें समर्थन देने पर विचार कर सकते हैं। लेकिन ऐसा संभव नहीं है क्योंकि ये दल कभी भी आप जैसे नहीं बन सकते।’’ सरकार के गठन को लेकर पूछे जाने पर केजरीवाल ने कहा कि सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर भाजपा को सरकार बनानी चाहिए और कांग्रेस से समर्थन लेना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा को जनादेश मिला है। वह सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी है। इसलिए उसे कोशिश करनी चाहिए और कांग्रेस से समर्थन लेकर सरकार बनानी चाहिए।’’ भूषण ने कहा कि पार्टी सरकार के गठन का दावा पेश नहीं करेगी और विपक्ष में बैठना पसंद करेगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम भाजपा या कांग्रेस का समर्थन नहीं कर सकते क्योंकि आप का गठन उनके विकल्प के तौर पर किया गया है। लोगों ने हमारा समर्थन किया ताकि हम देश में एक वैकल्पिक राजनीति की स्थापना कर सकें।’’ विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद आज भी आप और भाजपा दोनों ही खेमों में चर्चाएं जारी रहीं। 70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा में किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है। भाजपा 31 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी है। उसके सहयोगी अकाली दल को 1 सीट मिली है लेकिन तब भी 36 सीटों (बहुमत) के आकंड़े से वह पीछे है। वहीं दूसरी तरफ आप को 28 सीटें मिली हैं जबकि कांग्रेस को आठ सीटों से संतोष करना पड़ा। जद (यू) को एक सीट मिली जबकि एक सीट पर निदर्लीय उम्मीदवार विजयी रहा। भाजपा ने भी कहा है कि वह सरकार बनाने का दावा नहीं करेगी। दिल्ली में पार्टी मामलों के प्रभारी और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी ने सोमवार को कहा था, ‘‘हमारे पास संख्या नहीं है। हम किसी भी विधायक को खरीदना नहीं चाहते।’’ प्रशांत भूषण की टिप्पणी के बाद, आप द्वारा भाजपा को समर्थन देने की संभावनाएं तेज हो गयी थी जिसके बाद केजरीवाल ने कहा कि उनकी पार्टी दिल्ली में सरकार के गठन के लिए किसी से भी ना तो समर्थन लेगी ना ही किसी को समर्थन देगी। केजरीवाल ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने सोमवार को एक बैठक की थी और आज एक और बैठक की। यह फैसला लिया गया कि हम ना तो समर्थन लेंगे, ना ही समर्थन देंगे।’’ भाजपा को मुद्दा आधारित समर्थन देने से जुड़े भूषण के बयान को लेकर केजरीवाल ने कहा, ‘‘यह उनकी (भूषण की) अपनी राय है..वह सोमवार की बैठक में नहीं आ सके थे। आज सुबह हुई बैठक में तय किया गया कि हम ना तो किसी से समर्थन लेंगे, ना ही किसी को समर्थन देंगे।’’ आप संयोजक ने कहा, ‘‘मैं देश से कहना चाहता हूं कि दिल्ली ने एक उम्मीद जगायी है। यह हमारी लड़ाई नहीं है, आप कुछ लोगों की एक छोटी पार्टी है। यह केवल आप की लड़ाई नहीं है बल्कि आम आदमी की लड़ाई है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं सभी अच्छे लोगों, अच्छे संगठनों और राजनीतिक ताकतों से एकजुट होने की अपील करता हूं क्योंकि यह देश को बदलने का एक ऐतिहासिक समय है..हमारे साथ आइए, हम अलग तरीके से बढ़ेंगे और आप को प्राथमिकता देंगे। हमारे साथ अहं की कोई समस्या नहीं है, हम सभी को एक साथ आने की जरूरत है।’’ केजरीवाल ने राजनीतिक दलों में शामिल ‘अच्छे’ लोगों से अपील की कि अगर वह अपनी संगठन की नीतियों से नाखुश हैं और वहां घुटन महसूस कर रहे हैं तो अपनी पार्टियों के खिलाफ विद्रोह करें। उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप उनके साथ संतुष्ट नहीं हैं तो हमारे साथ आइए।’’ सरकार गठन को लेकर कांग्रेसी नेता शकील अहमद की टिप्पणी के संदर्भ में उन्होंने कहा कि कांग्रेस से समर्थन लेने का कोई सवाल ही नहीं उठता। कांग्रेसी नेता वी नारायणसामी द्वारा यह कहे जाने पर कि सरकार लोकपाल विधेयक पारित कराने को लेकर गंभीर है, केजरीवाल ने पूछा ‘‘कौन सा लोकपाल विधेयक, कमजोर और पंगु लोकपाल विधेयक या जनलोकपाल विधयेक।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आप किसी भी विधेयक को लोकपाल विधेयक कह सकते हैं।’’ कांग्रेस, सरकार ने हार से सबक नहीं सीखाः जेटली 2जी स्पेक्ट्रम मामले में संयुक्त संसदीय सिमति की राज्यसभा में आज पेश की गयी रिपोर्ट को लेकर कांग्रेस और सरकार के रवैये पर निराशा जताते हुए सदन में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी ने विधानसभा चुनावों की हार से भी कोई सबक नहीं लिया है और सरकार इस मामले में शर्मिंदगी से बच नहीं सकेगी। वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की रिपोर्ट आज राज्यसभा में पेश करने का कांग्रेस और संप्रग सरकार का रवैया स्पष्ट करता है कि उन्होंने हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों के परिणामों से सबक नहीं सीखा है। उनकी रणनीति है कि पहले भ्रष्टाचार की गतिविधियों में लिप्त रहो और फिर भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग करो। जेटली ने दावा किया कि समिति को जिन प्रमुख विषयों का अध्ययन करना था, रिपोर्ट में ऐसे कई मुद्दों की उपेक्षा की गयी है। इसके विपरीत रिपोर्ट के बड़े हिस्से में राजग सरकार को जिम्मेदार ठहराने का प्रयास किया गया है। निश्चित रूप से रिपोर्ट की कोई विश्वसनीयता नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर हम संसदीय संस्थाओं की गरिमा बनाये रखना चाहते हैं तो हमें सुनिश्चित करना होगा कि सच सामने आये और उसे ढका नहीं जाए। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि विपक्षी सांसदों द्वारा जेपीसी के अध्यक्ष को दिये गये असहमति नोट्स को बदला गया है। जेटली ने अपने फेसबुक पेज पर इस बारे में लिखा है, ‘‘आज मैंने राज्यसभा में इस विषय को उठाया था कि क्या समिति का अध्यक्ष असहमति नोट में केवल अनावश्यक या असंसदीय सामग्री को हटा सकता है या वह जमा किये गये असहमति नोट की मूल भावना को ही बदल सकता है? ऐसा करके समिति के अध्यक्ष ने विशेषाधिकार का हनन किया है। मैंने इस पर आसन से व्यवस्था मांगी थी। अफसोस की बात है कि कोई व्यवस्था नहीं दी गयी।’’ उन्होंने लिखा, उन्हें केवल इतनी तसल्ली है कि सरकार की कलई खुल गयी है और अब किसी जेपीसी के माध्यम से सचाई को ढकने का प्रयास भी सरकार को शर्मिंदगी से नहीं बचा सकेगा।’’ इससे पहले राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने इस मामले में आसन से व्यवस्था की मांग करते हुए कहा था, ‘‘सदन के सदस्यों द्वारा दी गयी असहमति टिप्पणी की मूल भावना बदल दी गयी है। कृपया आप व्यवस्था दीजिये। क्या यह अनुमति योग्य है।’’ बहरहाल उपसभापति कुरियन ने रिपोर्ट को सदन के पटल पर रखने की अनुमति देते हुए कहा कि विपक्ष के नेता ने ‘‘उचित बिन्दु’’ उठाया है लेकिन आसन इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता क्योंकि उसने रिपोर्ट को देखा या पढ़ा नहीं है।
तस्वीर बदल देंगी मनरेगा और खाद्य सुरक्षा : राहुल गांधी
रायबरेली : 26 नवंबर 2013: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज कहा कि सिर्फ रेलवे लाइन बिछाने से देश की गरीबी नहीं मिट सकती। यही वजह है कि केन्द्र की कांग्रेसनीत संप्रग सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) और खाद्य सुरक्षा जैसी क्रांतिकारी योजनाएं शुरू की हैं जो आने वाले समय में देश का नक्शा बदल देंगी। राहुल ने अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र अमेठी के दायरे में आने वाले रायबरेली के सलोन में ऊंचाहार-सलोन-अमेठी रेलमार्ग का शिलान्यास और लखनऊ-सुलतानपुर मेमू और लखनऊ-प्रतापगढ़ डेमू को हरी झंडी दिखाने के बाद उपस्थित जनसमूह से कहा, ‘‘मैं बार-बार कहता हूं कि सिर्फ रेलवे लाइन से गरीब की गरीबी नहीं मिट सकती। इसके लिये हम बड़ी बड़ी योजनाएं लाये हैं। पहले मनरेगा और अब खाद्य सुरक्षा कानून। यह क्रांतिकारी कदम हैं। इनसे देश की तस्वीर बदलेगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हजारों सालों से लोग भूखे सोते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। नियति बदलेगी। पहले नारा था कि आधी रोटी खाएंगे, अब नारा होगा कि पूरी रोटी खाएंगे।’’ अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र अमेठी को पर्याप्त समय नहीं दे पाने का मलाल जाहिर करते हुए राहुल ने कहा, ‘‘मैं कांग्रेस उपाध्यक्ष बन गया हूं तो मुझे बाहर भी जाना पड़ता है। जितना समय अमेठी को चाहिये, उतना नहीं दे पाता हूं-लेकिन इस रिश्ते से मुझे शक्ति मिलती है।’’ उन्होंने कहा ‘‘मैं पिछले दिनों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और मिजोरम गया। लेकिन जितना मजा यहां आकर मिलता है, वह कहीं और नहीं मिलता।’’
कांग्रेस को मप्र में 110 से 120 सीटें: दिग्विजय सिंह गुना (मप्र) :26 नवंबर 2013: कांग्रेस महासचिव एवं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भरोसा जताया है कि विधानसभा के लिए प्रदेश में कल हुए चुनाव में उनकी पार्टी को 110 से 120 सीटें हासिल होंगी। सिंह ने आज यहां विमान पट्टी पर संवाददाताओं से कहा कि इस चुनाव में प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा को 85 से 90 सीटें ही मिलेंगी। उन्हें अनुमान है कि समाजवादी पार्टी को तीन से पांच और बसपा को पांच से सात सीटों पर जीत हासिल हो सकती है। तरूण तेजपाल मामले को लेकर पूछने पर उन्होंने कहा कि तेजपाल उनके दोस्त हैं। लेकिन यदि उन्होंने (तेजपाल) कुछ गलत किया है, तो कानून अपना काम करेगा। आम आदमी पार्टी (आप) के अरविंद केजरीवाल को लेकर कांग्रेस महासचिव ने कहा कि उनका हमेशा से यह मत रहा है कि आप के नेता व्यावसायिक लोग हैं और यह सच साबित हो चुका है। एक अन्य प्रश्न पर उन्होंने कहा कि दस साल तक कोई चुनाव नहीं लड़ने संबंधी उनके संकल्प की समय-सीमा समाप्त होने जा रही है और यदि पार्टी ने उन्हें टिकट दिया, तो वह लोकसभा चुनाव लड़ना चाहेंगे। उन्होंने कहा कि हालांकि इस दौरान उन्होंने चुनावी राजनीति में भाग नहीं लिया, लेकिन भाजपा और कट्टरवादी ताकतों के खिलाफ उनका संघर्ष जारी रहा है।
महंगाई से त्रस्त लोग परिवर्तन चाहते हैं: राजनाथ सिंह भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने केन्द्र की संप्रग सरकार को सभी मोर्चों पर विफल बताते हुए कहा कि महंगाई से आम आदमी त्रस्त है, देश परिवर्तन चाहता है। सिंह आज यहां राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का सुराज संकल्प पत्र जारी करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की कथनी और करनी में अंतर होने की वजह से देशवासी परेशान हैं, देशवासियों में विश्वास का संकट पैदा हो गया है। भाजपा ने इसे चुनौतियों के रूप में मंजूर किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आन्तरिक सुरक्षा, बाहरी सुरक्षा, आर्थिक, कुटनीतिक समेत अन्य मोर्चों पर बुरी तरह से विफल रही है। कांग्रेस देश के समक्ष उत्पन्न चुनौतियों का सामना करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देशवासियों के हौसले को तोड़ा है, यदि हौसला बुलंद हो तो चुनौती चाहे कैसी हो उससे निपटा जा सकता है। कांग्रेस ने देशवासियों का हौसला और जनमानस में अपनी साख खो दी है ऐसे में देश परिवर्तन चाहता है, भाजपा सुराज देने का वायदा करती है। राजनाथ सिंह ने कहा कि महंगाई ने सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं, रुपये का अवमूल्यन, राजकोषीय घाटा, चालू खाते का घाटा नियंत्रण से बाहर हो रहा है। विदेशी कर्ज का बोझ भारत पर लगातार बढ़ रहा है। पड़ोसी देशों से संबंध मधुर नहीं हैं बल्कि कड़वे हो रहे हैं, हमारे जवानों को पाकिस्तान अपनी ही धरती पर मार रहा है, चीन लगातार घेराबंदी कर रहा है पर सरकार के पास इन चुनौतियों से निपटने के लिए कोई योजना नहीं है। राजस्थान के चुनावी दौरे की शुरूआत करने से पहले राजनाथ सिंह ने कहा कि पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव में से दो मध्य प्रदेश और छतीसगढ़ में हम तिकड़ी बनाएंगे, राजस्थान और दिल्ली में हमारी सरकार बनेगी ऐसा हमारा विश्वास है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की कांग्रेस सरकार और वसुंधरा राजे की पूर्ववर्ती सरकार की तुलना करेंगे तो राजे की सरकार गुड गवर्नेंस देने वाली सरकार साबित हुई है। उन्होंने कहा कि हम वसुंधरा राजे को मुख्यमंत्री के रूप में प्रस्तुत कर चुनाव मैदान में उतरे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने राज्य को बीमारू राज्य की श्रेणी में ला दिया है, राज्य में भाजपा की सरकार बनने पर राजस्थान विकासशील राज्यों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा। आप का 15 दिन में जनलोकपाल लाने का वादा आम आदमी पार्टी (आप) ने चार दिसंबर को दिल्ली विधानसभा चुनावों के लिए अपना घोषणापत्र जारी करते हुए वादा किया कि अगर वह सत्ता में आई तो 15 दिन में जनलोकपाल विधेयक लागू किया जाएगा। आप के घोषणापत्र ‘संकल्प पत्र’ में राष्ट्रीय राजधानी में सत्ता के विकेन्द्रीकरण के लिए ‘स्वराज’ लाने का वादा किया गया। सिख समुदाय को लुभाने के लिए पार्टी ने कहा कि वर्ष 1984 सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों को न्याय दिलाया जाएगा। इसके अलावा इस पार्टी ने फर्जी मुठभेड़ और मुस्लिम युवकों के खिलाफ झूठे मामले खत्म करने का आश्वासन दिया। अरविंद केजरीवाल नीत पार्टी ने सत्ता में आने पर 29 दिसंबर को दिल्ली विधानसभा सत्र का खुला सत्र बुलाकर 15 दिन में जनलोकपाल लाने का वादा किया। आप की घोषणापत्र समिति के प्रमुख योगेंद्र यादव ने इसे जारी करते हुए कहा कि इस दिल्ली जनलोकपाल विधेयक के दायरे में दिल्ली सरकार के सभी अधिकारी और कर्मचारी, मुख्यमंत्री से लेकर सभी विधायक तक होंगे। इस कानून के तहत, सभी के लिए अपनी संपत्ति की घोषणा करना अनिवार्य होगा। लोकपाल के पास पूर्ण स्वायत्तता होगी। इसके पास प्रशासनिक, वित्तीय और संचालन की स्वतंत्रता और लोक सेवकों के खिलाफ कार्रवाई करने की शक्तियां होंगी। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार का दोषी पाये जाने पर उन्हें निष्कासित करके जेल भेजा जाएगा और उनकी संपत्ति जब्त होगी। इन चुनावों में खुद को भाजपा और कांग्रेस का विकल्प बता रही आप ने मोहल्ला सभा गठित करके लोगों को सत्ता सौंपने का वादा किया जिसका काम विकास कार्यों, साफ सफाई, मृत्यु एवं जन्म प्रमाणपत्र जारी करने और स्थानीय सरकारी स्कूल तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के बारे में फैसले लेना होगा। बिजली के बिल बढ़ाने को लेकर दिल्ली सरकार पर निशाना साध रही केजरीवाल की पार्टी ने बिजली वितरण कंपनियों के खातों की जांच के आदेश देकर बिल 50 प्रतिशत कम करने का वादा किया। यादव ने कहा कि अगर कोई इससे इंकार करता है तो उनके लाइसेंस रद्द किये जाएंगे, बढ़े हुए बिल संशोधित किये जाएंगे और बिजली मीटरों को स्वतंत्र एजेंसियों द्वारा जांचा जाएगा। यादव के साथ इस मौके पर केजरीवाल, मनीष सिसौदिया, संजय सिंह, प्रशांत भूषण और कुमार विश्वास मौजूद थे। पिटे मोहरों के सहारे साजिश रच रही कांग्रेसः भाजपा नरेन्द्र मोदी के खिलाफ नित नये आरोपों के पीछे ‘मल्टी नेशनल सिंडिकेट’ की साजिश होने का आरोप लगाते हुए भाजपा ने आज कहा कि कांग्रेस जंग हार चुकी है और पिटे हुए मोहरों के सहारे पर्दे के पीछे से षड्यंत्र का सहारा ले रही है। भाजपा उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के खिलाफ साजिशों का सिंडिकेट सक्रिय हो गया है। यह सिंडिकेट देश और विदेश दोनों जगहों से मोदी के खिलाफ साजिशों का तानाबाना बुन रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘यह साजिशों का ‘मल्टी नेशनल सिंडिकेट’ देश में चल रही बदलाव की आंधी को राष्ट्रविरोधियों के खिलाफ तूफान के रूप में देख रहा है। इसलिए घबड़ाहट और बौखलाहट में भिन्न भिन्न तरह की साजिशें रची जा रही हैं।’’ नकवी ने कहा कि इस सब के बावजूद ऐसी साजिशों के सूरमाओं का सूपड़ा साफ होगा। ‘‘कांग्रेस जंग हार चुकी है और पिटे हुए मोहरों के सहारे पर्दे के पीछे से षड्यंत्र रच रही है।’’ भाजपा नेता ने कांग्रेस को चेताया कि फुकीं हुई बंदूकों और चूके हुए कारतूसों से जंग नहीं जीती जा सकती। हताश और निराश कांग्रेस अब नरेन्द्र मोदी और भाजपा के खिलाफ अनैतिक, अलोकतांत्रिक और अमर्यादित व्यक्तिगत हमले कर रही है। इससे साफ है कि कांग्रेस लोकतांत्रिक मूल्यों की बजाए ‘‘माफिया मंसूबों’’ में लगी हुई है। दूसरी ओर भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने आज कांग्रेस को आगाह किया कि वह गुजरात सरकार द्वारा एक महिला की कथित जासूसी की बात को उछालने से बाज़ आए वर्ना अगर उसकी छिपी कारगुजारियों का खुलासा होना शुरू हुआ तो उसे अपना मुंह छिपाने की भी कोई जगह नहीं मिलेगी। जावडेकर ने यहां कहा कि लड़की के पिता द्वारा राष्ट्रीय महिला आयोग को लिखे पत्र के बाद कांग्रेस को अब इस मामले को छोड़ देना चाहिए। इस पत्र में कहा गया है कि परिवार की सहमति से उनकी बेटी को नरेन्द्र मोदी सरकार ने सुरक्षा मुहैया कराई थी और इस मामले की जांच की जरूरत नहीं है। जावडेकर ने इस मामले में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा, ‘‘मेरा मानना है कि कांग्रेस यह सब अब रोके। अगर व्यक्तिगत हमले शुरू हुए, तो कांग्रेस की बहुत सारी छिपी कारगुजारियां हैं और उसे छिपने की कोई जगह नहीं मिलेगी।’’ भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि मुद्दाविहीन कांग्रेस पार्टी मोदी को निशाना बनाने के लिए एक परिवार की निजता पर हमला करने की ‘‘शर्मनाक नीति’’ अपनाए हुए है। इस नीति को ‘‘शर्मनाक और खतरनाक’’ बताते हुए उन्होंने कहा, ‘‘हमें मुद्दों की राजनीति करनी चाहिए।’’ इस मामले में मोदी पर कटाक्ष करने वाले वित्त मंत्री पी चिदंबरम की आलोचना करते हुए भाजपा ने कहा कि वह परिवार की निजता को निशाना बनाने की बजाय महंगाई, रुपए के अवमूल्यन और बढ़ती बेरोजगारी के बारे में बात करें तो अच्छा रहेगा। गौरतलब है कि कांग्रेस का कहना है कि मोदी सरकार ने एक युवती की गैर-कानूनी जासूसी की जबकि भाजपा का दावा है कि उस लड़की के पिता के आग्रह पर राज्य सरकार ने उसे सुरक्षा मुहैया कराई थी। अमीर व गरीब के बीच की दीवार गिराएंगेः राहुल गांधी कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज यहां कहा कि कांग्रेस पार्टी जहां गरीबों की राजनीति करती है वहीं अन्य दल अमीरों की राजनीति में उलझे हुए हैं। राहुल गांधी ने आज यहां तालनपुर मैदान में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी का सपना गरीब, दलित तथा आदिवासियों का उत्थान करना है। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि केन्द्र की संप्रग सरकार जब खाद्य सुरक्षा विधेयक लेकर आई तो विपक्ष ने सवाल उठाया था कि इसके क्रियान्वयन के लिये राशि कहां से आयेगी। उन्होंने कहा कि सरकार जानती है कि इस महत्वपूर्ण योजना के लिये राशि कहां से आनी है। उन्होंने कहा कि देश में अमीरों एवं गरीबों के बीच एक बड़ी दीवार है और हम इस दीवार को गिराना चाहते हैं। उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया कि वह आदिवासियों के कल्याण की योजनाओं पर व्यय होने वाली बजट की राशि को कम कर रही है और उसे प्रदेश में केवल अमीरों की ही चिंता शेष रह गई है। राहुल ने कहा कि कांग्रेस देश में सड़क निर्माण और बिजली उत्पादन चाहती है लेकिन सड़क निर्माण और बिजली देने मात्र से गरीब का पेट नहीं भरा जा सकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी देश और समाज में सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास करती है जबकि विपक्षी दल लोगों को बांटने में विश्वास करते हैं।
बसपा सांसद धनंजय की जमानत याचिका खारिज
नई दिल्ली , 20 नवंबर 2013: दिल्ली की एक अदालत ने नौकरानी की हत्या के मामले में पत्नी जागृति सिंह के साथ गिरफ्तार बसपा सांसद धनंजय सिंह की जमानत याचिका आज यह कहते हुए खारिज कर दी कि उनके खिलाफ आरोप ‘‘बहुत गंभीर’’ हैं और उनके पिछले आचरण के चलते वह किसी तरह की ढिलाई पाने के पात्र नहीं हैं। इसके साथ ही, अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया कि वह मुख्य गवाहों के बयान दर्ज होने तक उन्हें सुरक्षा प्रदान करें।
मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट गोमती मनोचा ने कहा, ‘‘आरोपी धनंजय सिंह के पिछले आचरण और सामाजिक पृष्ठभूमि के मद्देनजर वह इस अदालत से कोई ढिलाई पाने के पात्र नहीं हैं। इसलिए, इस मामले के तथ्यों और परिस्थितियों के मद्देनजर, यह अदालत इस चरण में आरोपी धनंजय सिंह को जमानत प्रदान करने के लिए उन्मुख नहीं है।’’ मनोचा ने कहा, ‘‘एततद्वारा यह आवेदन खारिज किया जाता है।’’ अदालत ने 14 पन्ने के अपने आदेश में कहा कि मामले के आरोपी ‘‘बहुत शक्तिशाली लोग’’ हैं जबकि पीड़ित गरीब हैं। पुलिस को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि वे बिना किसी डर-भय के गवाही दे सकें।
अदालत ने कहा, ‘‘इसलिए, मुख्य गवाहों.. (एक नाबालिग और एक अन्य नौकरानी) को सुनवाई के समय उसकी गवाही दर्ज किए जाने तक सुरक्षा प्रदान करने के लिए आदेश की एक प्रति पुलिस उपायुक्त, नयी दिल्ली को भेजी जाए।’’ अदालत ने कहा, ‘‘आदेश की एक अन्य प्रति गवाहों और उनके परिवारों को सुरक्षित आश्रय एवं अन्य सुविधाएं प्रदान करने, उन्हें सुरक्षा और संरक्षा प्रदान करने में पुलिस के साथ आवश्यक सहयोग करने के लिए संयुक्त सचिव (गृह), जीएनसीटी, दिल्ली को भेजी जाए। आदेश की एक प्रति पुलिस आयुक्त, दिल्ली को सूचना और उनकी तरफ से आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी जाए।’’ अदालत ने अपने आदेश में बसपा सांसद के खिलाफ दायर मामलों की सूची का भी जिक्र किया। पुलिस ने 31 मामलों की यह सूची उपलब्ध कराई है। इनमें से सिर्फ दो में फैसला होना बाकी है। बाकी में उन्हें आरोप-मुक्त कर दिया गया या बरी कर दिया गया। धनंजय और जागृति को 5 नवंबर को अपनी 35 वर्षीय नौकरानी राखी भद्रा की मौत के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है।
महिला को सुरक्षा, संरक्षण देना जासूसी नहीं: अरुण जेटली
एक युवती की कथित अवैध जासूसी करने को लेकर कांग्रेस द्वारा नरेंद्र मोदी पर लगातार हमला किए जाने के बीच आज भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने इस मामले को उछालने के पीछे ‘राजनीतिक उद्देश्य’ होने का आरोप लगाया और दावा किया कि किसी को सुरक्षा प्रदान करना जासूसी नहीं है। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष जेटली ने यहां दिल्ली भाजपा के मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा, ‘‘सुरक्षा या संरक्षण जासूसी नहीं होती।’’
उन्होंने कहा, ‘‘पिछले कई वर्षों से केंद्र में कांग्रेस की सरकार है। मेरे कॉल डिटेल रिकॉर्ड निकाले गए और इस मामले में कई लोगों की गिरफ्तारी हुई है। मैंने पहले कभी नहीं कहा, लेकिन आज कह रहा हूं कि इस मामले (जासूसी प्रकरण) पर आरोप लगा रहे लोगों को मुझसे संबंधित मामले में चिंता क्यों नहीं हुई। जब एक राज्य के गृह मंत्री (अमित शाह) के फोन टैप किए गए तो चिंता क्यों नहीं जताई गई?’’ जेटली ने कहा, ‘‘संबंधित लड़की और उसके पिता ने कहा कि जासूसी नहीं की गई तथा जांच की जरूरत नहीं है। ऐसे में जांच का सवाल कहां उठता है। सरकार ऐसे दूसरे मामलों में जांच क्यों नहीं करा रही है? इसके पीछे तथ्य कम, राजनीतिक उद्देश्य ज्यादा है।’’ राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा जासूसी प्रकरण की जांच के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय से सिफारिश किए जाने के बारे में पूछे जाने पर जेटली ने टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। गौरतलब है कि ‘कोबरा पोस्ट’ और ‘गुलेल’ नामक दो वेबसाइटों ने पिछले दिनों कथित जासूसी प्रकरण का खुलासा किया। आरोप है कि शाह ने गुजरात के गृह राज्य मंत्री रहते हुए ‘साहब’ के कहने पर एक लड़की की जासूसी कराई। इस मामले को लेकर कांग्रेस मोदी और शाह को लगातार निशाने पर लिए हुए है।
दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल पर काला रंग फेंकने वाले व्यक्ति की जमानत भाजपा के एक स्थानीय नेता की ओर से कराए जाने के मामले पर पार्टी ने आज पल्ला झाड़ते हुए कहा कि इस पूरे मामले से उसका दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है। जेटली ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमारी पार्टी की नेता सुषमा स्वराज पहले ही कह चुकी हैं कि इस मामले से हमारा कोई संबंध नहीं है। हम ऐसी घटना की निंदा करते हैं। लोकतंत्र में ऐसी घटनाओं के लिए कोई स्थान नहीं है।’’ बीते 18 नवंबर को दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में नचिकेता नामक व्यक्ति ने केजरीवाल पर काला रंग फेंका था। उसने खुद को ‘अन्ना भक्त’ और भाजपा कार्यकर्ता बताया था। भाजपा की नयी दिल्ली इकाई के कोषाध्यक्ष यशपाल वर्मा ने मुचलके की राशि जमा करके नाचिकेता की जमानत कराई। भाजपा के स्थानीय नेता द्वारा नाचिकेता की जमानत कराए जाने के बारे में पूछे जाने पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विजय गोयल ने कहा, ‘‘इसका पार्टी से कोई मतलब नहीं है। किसी व्यक्ति के आपसी संबंध हो सकते हैं। इसी आधार पर जमानत कराई गई होगी।’’ यह पूछे जाने पर दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद समर्थन की जरूरत पड़ी तो भाजपा केजरीवाल की पार्टी का समर्थन लेगी, जेटली ने कहा, ‘‘इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी।’'
इस बीच, गुजरात पुलिस द्वारा एक लड़की की जासूसी को लेकर हुए विवाद के बीच केन्द्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिन्दे ने आज संकेत दिया कि सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे प्रकरण पर जानकारी एकत्र कर रही हैं और जरूरत पड़ी तो जांच के आदेश दिये जा सकते हैं। शिन्दे ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम इस बारे में सूचना एकत्र कर रहे हैं और उसके बाद हम इस मसले पर विचार करेंगे।’’ उनसे सवाल किया गया था कि भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी के निकट सहयोगी अमित शाह के कथित इशारे पर गुजरात में एक लड़की की जासूसी के मामले में क्या गृह मंत्रालय जांच का कोई आदेश देने पर विचार कर रहा है। शिन्दे ने हालांकि स्पष्ट किया कि गृह मंत्रालय को राष्ट्रीय महिला आयोग सहित कहीं से कोई ऐसा पत्र नहीं मिला है जिसमें इस मुद्दे की जांच का आग्रह किया गया हो। ‘‘हमें अभी तक कोई पत्र नहीं मिला है।’’
जगमोहन रेड्डी की 34 करोड़ की मियादी जमा जब्त होगी
मनी लांड्रिंग मामलों की सुनवाई करने वाली विशेष अदालत ने वाईएसआर कांग्रेस नेता जगमोहन रेड्डी की मीडिया कंपनी के 34 करोड़ रुपये से अधिक की मियादी जमाओं को जब्त करने का आज आदेश दिया। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस साल मई में 34.66 करोड़ रुपये की मियादी जमाओं को जब्त करने का आदेश दिया था। इन मियादी जमाओं को कथित तौर पर हैदराबाद में ओरिएंटल बैंक आफ कामर्स की शाखा में जगती पब्लिकेशन लि. के नाम से रखा गया है। इस कंपनी के मालिक आंध्र प्रदेश के कडप्पा के सांसद हैं।
मनी लांड्रिंग निरोधक कानून (पीएमएलए) के तहत गठित प्राधिकरण के चेयरमैन के. राममूर्ति (चेयरमैन) तथा सदस्य मुकेश कुमार की पीठ ने इस मामले में अपने आदेश में कहा, ‘‘उच्च न्यायालय के आदेश, सीबीआई की प्राथमिकी तथा आरोपपत्र, प्रवर्तन निदेशालय की जांच तथा पीएमएलए की धारा 50 के तहत रिकार्ड किये गये बयान को देखने तथा शिकायकर्ता (ईडी) तथा बचाव पक्ष (जगती पब्लिकेशन) की दलीलों को सुनने के बाद प्रथम दृष्ट्या हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि प्रतिवादी ने मनी लांड्रिंग कानून का उल्लंघन किया।’’
पीठ ने ताजा आदेश में कहा, ‘‘इसमें कोई संदेह नहीं है कि जब्त संपत्ति मनी लांड्रिंग कानून का उल्लंघन कर अर्जित की गयी हैं इसीलिए हम जब्ती आदेश की पुष्टि करते हैं।’’ जगन को पिछले साल गिरफ्तार किया गया था और वह फिलहाल जमानत पर हैं। सीबीआई की एफआईआर के आधार पर एजेंसी जगन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले की तहकीकात कर रही है। इससे पहले, एजेंसी ने मामले में 51 करोड़ रुपये, 71 करोड़ रुपये तथा 143.74 करोड़ रुपये जब्त करने के अलग-अलग आदेश दिये थे।
राजस्थान चुनावः भाजपा का घोषणापत्र जारी
भारतीय जनता पार्टी ने राजस्थान में अपनी सरकार बनने पर किसानों को एक प्रतिशत पर कृषि ऋण और पंजीकृत बेरोजगारों को बीस लाख रूपये की गारंटी पर तीन प्रतिशत की दर पर कर्ज देने का वादा किया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वसुंधरा राजे ने आज प्रदेश पार्टी मुख्यालय में कहा, ‘‘राज्य में सुराज लाने के लिए हम घोषणापत्र नहीं, सुराज संकल्प पत्र जारी कर रहे हैं। सुराज संकल्प पत्र के माध्यम से हम संकल्प लेते हैं कि हमारी सरकार बनने पर नये राजस्थान का निर्माण करने को संकल्पबद्ध हैं, यह अभियान है, पक्का इरादा है, यह वायदा नहीं है।’’
राजे ने अपनी सरकार बनने पर न्यूनतम मजदूरी की दरों को महंगाई सूचकांक को दृष्टिगत रखते हुए तय करने, कृषक सुरक्षा अधिनियम बनाने, गौवंश संवर्धन के लिए अलग से गौ-पालन मंत्रालय की स्थापना करने, मनरेगा अधिनियम के तहत स्वीकृत कार्यों की अधिसूची में पशुपालन व इससे जुड़ी गतिविधियों को शामिल करने के लिए संशोधन करने के लिए भारत सरकार से प्रयास करने का संकल्प लिया है।
राजे ने घरेलू बिजली की चौबीस घंटे आपूर्ति सुनिश्चित करने, सिंचाई के लिए आठ घंटे थ्री-फेज बिजली देने, मौजूदा टेट की परीक्षा की समीक्षा कर इसकी बाधाओं को दूर करने, अक्षत योजना के माध्यम से स्नातक, स्नातकोत्तर डिग्रीधारी युवाओं को पांच सौ से एक हजार रूपये प्रति महीने बेरोजगारी भत्ता, महिलाओं के उत्पीड़न और दुष्कर्म प्रकरण की सुनवाई के लिए जिला स्तर पर फास्ट ट्रेक अदालत खोलने का वादा किया।
भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी ने कहा कांग्रेस ने गिराई प्रधानमंत्री पद की गरिमा
भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार एवं गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज यहां कांग्रेस पर प्रधानमंत्री पद की गरिमा गिराने का आरोप लगाया है। मोदी ने एक चुनावी सभा में प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह द्वारा भाजपा पर राजनीति को नीचे गिराने संबंधी आरोपों का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘मैं प्रधानमंत्री से पूछना चाहता हूं कि इस पद की गरिमा किसने गिराई, कैबिनेट का मजाक किसने उड़ाया, संसद को अपमानित किसने किया, आपके निर्णय को ‘नानसेंस’ किसने कहा और उसके मसौदे को किसने फाड़कर फेंका।’’
मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री पद की गरिमा उन लोगों ने ही गिराई जिनकी कृपा से मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री पद की कुर्सी पर बैठे हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री ऐसे लोगों के खिलाफ बोल नहीं पा रहे हैं, लेकिन वह हम लोगों पर तो झूठे आरोप नहीं लगायें। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि कांग्रेस के ‘साहबजादे’ भाजपा को चोरों की पार्टी बता रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हां हम चोर हैं लेकिन हमने कांग्रेस की नींद चुराई है।’’
गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि यह परिवार ऐसा है कि यदि कोई भी एक उसे ललकारे तो कांग्रेसी सहज नहीं रह सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह परिवार चाहे किसी को भी कुछ भी कहता रहे लेकिन कोई नहीं बोलता है। लेकिन यदि कोई भी इस परिवार के खिलाफ बोले तो चारों ओर से आवाजें सुनाई देने लगती हैं। मोदी ने कांग्रेस सरकार पर जनता को हिसाब नहीं देने का आरोप लगाते हुए कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान चुनाव से पूर्व मध्य प्रदेश के गांव गांव गये और उन्होंने वहां जाकर अपने दस साल के कार्यों का पूरा पूरा ब्यौरा दिया।
प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार ने कहा कि कांग्रेस मध्य प्रदेश में अस्पताल, स्कूल और सड़क नहीं होने का आरोप लगा रही है। लेकिन उसे यह नहीं भूलना चाहिये कि वह कांग्रेस ही है जिसने 50 साल तक प्रदेश पर शासन किया। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘कांग्रेस ने अपने दस साल के शासनकाल के दौरान प्रदेश में इतने गड्ढे दिये कि उन्हें भरने में ही दस साल लग गये लेकिन इसके बावजूद प्रदेश ने सभी क्षेत्रों में प्रगति की है।’’
कांग्रेस ने चुनाव आयोग से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी की शिकायत की
सोनिया गांधी को ‘‘बीमार’’ बताए जाने सहित नरेन्द्र मोदी की कई विवादास्पद टिप्पणियों को लेकर कांग्रेस ने आज फिर चुनाव आयोग में भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। छत्तीसगढ़ की चुनावी सभाओं में मोदी की इन टिप्पणियों के बारे में शिकायत करते हुए कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मुख्य विपक्षी दल और उसके नेता ‘‘लगातार चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन’’ कर रहे हैं इसलिए भाजपा की मान्यता वापस ले ली जाए। उसने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव के लिए ऐसा किया जाना जरूरी है।
कांग्रेस के विधि प्रकोष्ठ के संयोजक केसी बंसल ने कहा कि मोदी ने ‘‘जानबूझकर और सोच-समझ कर’’ कई अवसरों पर सोनिया गांधी और उनके बेटे तथा कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी के विरूद्ध ‘‘अपमानजनक और अशिष्ट’’ टिप्पणियां की हैं। इस शिकायत में कांग्रेस ने मोदी की इस टिप्पणी को खासतौर पर उद्धृत किया, ‘‘मैं शहज़ादे से पूछना चाहता हूं कि यह धन क्या आपके मामा के यहां से आया है’’ और यह भी कि ‘‘अगर आप में हिम्मत है, मैडम आप बीमार हैं, अपने बेटे को काम दे दो।’’
कांग्रेस ने कहा कि मोदी की ऐसी टिप्पणियां चुनाव आयोग की उस दिशा-निर्देशिका का उल्लंघन है जो राजनीतिक दलों और उनके नेताओं को अन्य दलों के नेताओं के निजी जीवन के पहलुओं पर टीका-टिप्पणी करने से मना करती है। शिकायत में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज द्वारा राहुल गांधी को ‘‘भ्रमित’’ कहे जाने का भी उल्लेख किया गया है। इससे पहले कांग्रेस ने उसके चुनाव चिन्ह के बारे में मोदी की ‘‘खूनी पंजा’’ की टिप्पणी के विरूद्ध आयोग से शिकायत की थी। मोदी को ‘खूनी पंजा’ की टिप्पणी पर आयोग नोटिस दे चुका है जिसका जवाब भाजपा नेता को अब 20 नवंबर को देना है।
मुज्जफ्फरनगर दंगा पीड़ितों से आईएसआई के कथित संपर्क करने संबंधी राहुल गांधी की टिप्पणी के खिलाफ भाजपा की शिकायत पर चुनाव आयोग कांग्रेस उपाध्यक्ष से भी अपनी अप्रसन्नता जता चुका है। आयोग ने अपनी अप्रसन्नता जताने के साथ राहुल को आगाह किया है कि भविष्य की अपनी सार्वजनिक सभाओं में वह सतर्कता बरतें।
आंध्र प्रदेश के विभाजन से जुड़े मुद्दों पर संबद्ध पक्षों से चर्चा की प्रक्रिया पूरी
आंध्र प्रदेश के विभाजन से जुड़े मुद्दों पर विचार के लिए गठित मंत्री समूह ने विभिन्न संबद्ध पक्षों के साथ चर्चा की प्रक्रिया पूरी कर ली है और वह अपनी रिपोर्ट संभवत: जल्द से जल्द केन्द्रीय मंत्रिमंडल को सौंप देगा ताकि तेलंगाना पर विधेयक संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किया जा सके। गृह मंत्री सुशील कुमार शिन्दे ने आज यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने अन्य लोगों के साथ चर्चा की प्रक्रिया पूरी कर ली है। अब मंत्री समूह के सदस्य रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के लिए बैठक करेंगे ताकि उसे जल्द से जल्द कैबिनेट को सौंपा जा सके।’’ मंत्री समूह और आंध्र प्रदेश से संबद्ध केन्द्रीय मंत्रियों एवं राज्य के मुख्यमंत्री एन किरन कुमार रेडडी के साथ कई दौर की बैठकों के बाद शिन्दे ने कहा कि तेलंगाना से जुड़ा विधेयक संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा। शिन्दे की अध्यक्षता वाले मंत्री समूह की बैठक 21 नवंबर को होने की उम्मीद है। यह भी संभावना है कि मंत्री समूह अपनी रिपोर्ट कैबिनेट के विचारार्थ इसी महीने के अंत तक भेज देगा। सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस आलाकमान के निर्देश के बाद मंत्री समूह ने विभिन्न संबद्ध पक्षों के साथ पिछले दस दिन में कई दौर की बैठकें कीं, जिनमें राज्य से जुड़ी आठ राजनीतिक पार्टियां शामिल हैं। इस बीच परिसंपत्तियों के बंटवारे और नये राज्य एवं आंध्र प्रदेश के बीच के अन्य मुद्दों को लेकर विभिन्न मंत्रालयों की रिपोर्ट को गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने संकलित करना शुरू कर दिया है।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद प्रस्ताव राष्ट्रपति के पास जाएगा, जो उसे मंजूरी के लिए आंध्र प्रदेश विधानसभा को भेजेंगे। विधानसभा का प्रस्ताव संविधान के तहत हालांकि बाध्यकारी नहीं होगा। उसके बाद सरकार आंध्र प्रदेश पुनर्गठन विधेयक तैयार करेगी और केन्द्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद इसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। फिर इसे संसद में पेश किया जाएगा। संसद का शीतकालीन सत्र पांच दिसंबर से शुरू होकर 20 दिसंबर को समाप्त हो रहा है।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा ,मिजोरम में घुसपैठ रोकेगी केंद्र सरकार
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज कहा कि केन्द्र सरकार को मिजोरम में अवैध घुसपैठ की जानकारी है और वह इसे रोकने के लिए उपाय करेगी। लुंगलेइ कस्बे में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए संप्रग प्रमुख ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा के जरिये विदेशियों की अवैध घुसपैठ की समस्या को दूर करने के लिए उचित कार्रवाई की जाएगी। लेंगपुइ हवाई अड्डे से हेलीकाप्टर से यहां से 200 किलोमीटर दूर लुंगलेइ पहुंची सोनिया ने कहा कि पड़ोसी देशों और राज्यों के साथ सीमा विवाद को सुलझाने के लिए प्रयास किये जाएंगे।
सोनिया ने कहा कि हाइड्रोकार्बन भंडारों की खोज और उत्पादन होने पर युवाओं के लिए और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि हाइड्रोकार्बन की बिक्री से होने वाला लाभ केन्द्र तथा राज्य में समान रूप से साझा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान कलादान, तुईरियल और तुइवई पनबिजली परियोजनाएं और कलादान बहुउपयोगी यातायात परियोजना जल्द पूरी होंगी जिससे युवाओं के लिए और रोजगार पैदा होंगे। युवा मतदाताओं से अपील करते हुए सोनिया ने कहा कि छात्रों और कामकाजी महिलाओं की मदद के लिए बेहतर खेल आधारभूत ढांचे और महिला छात्रावास सभी जिला मुख्यालयों में स्थापित किये जाएंगे।
खाद्य सुरक्षा विधेयक पर बोलते हुए सोनिया ने कहा कि यह कानून न केवल कुपोषण को न्यूनतम करेगा बल्कि यह सुनिश्चित करेगा कि ग्रामीण और शहरी इलाकों के गरीब सस्ते और वाजिब कीमत पर भोजन प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि केन्द्र को पता है कि मिजोरम में कैंसर फैलने की आशंका ज्यादा है इसलिए कैंसर के इलाज के लिए सौ बिस्तरों और आधुनिक सुविधायुक्त अस्पताल स्थापित किया जाएगा। इस मौके पर सोनिया के साथ मुख्यमंत्री लल थनहावला, एआईसीसी नेता अंबिका सोनी ओर लुइजिन्हो फालेइरो और लुंगलेइ जिले से पार्टी के तीन उम्मीदवार मौजूद थे।
फारूक अब्दुल्ला ,नीतीश ने कहा- वाजपेयी को भारत रत्न दें
केंद्रीय मंत्री फारूक अब्दुल्ला ने आज पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को ‘भारत रत्न’ प्रदान किए जाने की मांग का समर्थन किया और कहा कि उनकी (वाजपेयी की) शख्सियत इस सम्मान से भी बड़ी है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री ने कहा कि वाजपेयी को यह सम्मान देने का वह ‘‘व्यक्तिगत आग्रह’’ करेंगे। अब्दुल्ला ने यहां अर्धसैनिक बल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर से इतर संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं भाजपा का आदमी नहीं हूं लेकिन मैं एक भारतीय हूं और मुझे लगता है कि कोई भी यह नहीं भूल सकता कि वह (वाजपेयी) बेहतरीन नेता हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं आपको अवश्य बताना चाहूंगा कि जब उन्होंने (वाजपेयी ने) पहली बार लोकसभा में भाषण दिया था तब जवाहर लाल नेहरू उनके पास गए थे और उन्होंने उनसे कहा था कि एक दिन आप जरूर देश के प्रधानमंत्री बनेंगे। नेहरू ने ये बात तब कही जब कोई भी यह नहीं सोच सकता था कि एक दिन वे सच में प्रधानमंत्री बनेंगे।’’ अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘मैं व्यक्तिगत आग्रह करूंगा कि ऐसी बड़ी शख्सियत (वाजपेयी), जो ‘भारत रत्न’ से भी बड़ी है, उन्हें उनका उचित सम्मान दिया जाना चाहिए और अभी दिया जाना चाहिए।’’
सरकार द्वारा क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और वैज्ञानिक सीएनआर राव को भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किए जाने की घोषणा के बाद भाजपा ने वाजपेयी को भी इस सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजे जाने की मांग की है। अब्दुल्ला की नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय राजग सरकार का हिस्सा थी, लेकिन गुजरात दंगों के बाद उसने राजग का साथ छोड़ दिया था।
उधर, राजग के पूर्व सहयोगी भाजपा के साथ संबंध विच्छेद होने और एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी रहने के बावजूद पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी भारत रत्न दिए जाने की भाजपा की मांग का बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समर्थन किया है। यहां एक अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास पर आज आयोजित जनता दरबार के बाद संवाददताओं से बातचीत के दौरान नीतीश से इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वे (अटल) लायक हैं, उन्हें क्यों नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक क्षेत्र में विशिष्ट सेवा के लिए अटल जी के अलावा समाजवादी नेता राम मनोहर लोहिया और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर को भी भारत रत्न दिया जाना चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने वाले सचिन तेंदुलकर को भारत रत्न दिए जाने की घोषणा पर अपनी पार्टी जदयू के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी द्वारा प्रश्न उठाए जाने के बारे में पूछे जाने पर यह उनकी व्यक्तिगत राय है। लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपना विचार रखने का अधिकार है। नीतीश ने कहा कि खेल के क्षेत्र में सचिन तेंदुलकर के योगदान और जो मुकाम हासिल किया है, उसके लिए उन्हें भारत रत्न दिया जाना स्वागत योग्य है।
सचिन तेंदुलकर के साथ भारत रत्न के लिए चयनित जाने-माने वैज्ञानिक सीएनआर राव की नेताओं के बारे में की गयी टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि राव का विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान है। वे बहुत बड़े वैज्ञानिक हैं, उन पर समाज को नाज है। उन्होंने कहा कि नेताओं के बारे में उनकी व्यक्तिगत राय हो सकती है, पर वह एक उत्कृष्ठ वैज्ञानिक हैं। हम लोगों के यहां अनुसंधान पर उतना खर्च नहीं हुआ, जितना होना चाहिए। नीतीश ने कहा कि बिहार में शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कुल बजट का 23 प्रतिशत शिक्षा पर खर्च हो रहा है। उल्लेखनीय है कि भारत रत्न के लिए चयनित जाने माने वैज्ञानिक सीएनआर राव ने बेंगलूर में रविवार को एक समारोह के दौरान विज्ञान के क्षेत्र में कम आर्थिक सहायता पर वैज्ञानिक समुदाय के भीतर के असंतोष को जाहिर करते हुए तल्ख लहजे में नेताओं को ‘मूर्ख’ करार देते हुए कहा था कि उन्होंने इस क्षेत्र में ज्यादा कुछ नहीं दिया है
(भाजपा)’ ने छह प्रमुख सरकारी कार्यक्रमों के लिये आवंटित धन में भारी कटौती करने की सरकार की कथित पहल की कड़ी आलोचना की
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं और छह प्रमुख सरकारी कार्यक्रमों के लिये आवंटित धन में भारी कटौती करने की सरकार की कथित पहल की कड़ी आलोचना करते हुये कहा कि प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को ‘‘नींद से जागना चाहिये’’ और पुराने र्ढे से बाहर आकर सोचना चाहिये। भाजपा के वरिष्ठ नेता एम वैंकया नायडू ने आज यहां संवाददाताओं से कहा कि रिपोटोर्ं के अनुसार राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.8 प्रतिशत के दायरे में रखने के लिये वित्त मंत्रालय समाज कल्याण की अनेक योजनाओं को आवंटित धन में भारी कटौती कर रहे हैं। इसके अलावा रोजगार, स्वास्थ्य, पानी, आवास, विद्युतीकरण और ग्रामीण सड़कों के विकास से जुड़े छह अग्रणी कार्यक्रमों के मामले में भी धन में कटौती की जा रही है।
उन्होंने कहा कि पहले ही चालू वित्त वर्ष के दौरान विभिन्न योजनाओं के लिये आवंटित धन या तो पिछले वर्ष के ही बराबर रखा गया या फिर उसमें मामूली वृद्धि ही की गई। लेकिन सरकार इसमें भी कटौती करना चाहती है। उन्होंने कहा खुदरा महंगाई 10.09 प्रतिशत पर दहाई अंक में पहुंच गई। निजी क्षेत्र का निवेश भी करीब करीब समाप्त हो गया है, चालू खाते का घाटा बुरी स्थिति में है और 1991 जैसी स्थिति बन रही है। उस समय देश को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा था। नायडू ने कहा कि भारतीय निवेशक बाहर जा रहे हैं, वैश्विक निवेशक निवेश करने में डर रहे हैं और सरकार के हर प्रमुख निर्णय में भारी भ्रष्टाचार का बोलबाला है। और ‘‘अब आप सार्वजनिक खर्च में भी कटौती की योजना बना रहे हैं। देश को कहां ले जाया जा रहा है, देश इसका जवाब चाहता है।’’ नायडू ने कहा ‘‘प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को नींद से जागना चाहिये और दायरे से बाहर निकलकर समस्या का निदान ढूंढना चाहिये।’’
पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने आज कहा स्थिति काबू से बाहर,मोदी ही अकेले विकल्प
पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने आज दावा किया कि महंगाई, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के चलते देश में स्थिति नियंत्रण से बाहर हो चुकी है तथा मतदाताओं के समक्ष नरेंद्र मोदी ही एकमात्र विकल्प हैं। बादल ने संप्रग सरकार पर सभी मोर्चों पर असफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने एसोसिएशन आफ मेडिकल बायोकेमिस्ट्स आफ इंडिया के वार्षिक सम्मेलन के इतर यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘देश में मतदाताओं के समक्ष नरेंद्र मोदी ही एकमात्र विकल्प हैं क्योंकि कांग्रेस नीत संप्रग सरकार सभी मोर्चों पर पूरी तरह से असफल रही है।’’ उन्होंने दावा किया कि ‘‘देश कांग्रेस के हाथों में सुरक्षित नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘महंगाई, भ्रष्टाचार, और बेरोजगारी के मामले में देश की स्थिति नियंत्रण से बाहर चली गई है।’’ बादल ने कहा, ‘‘संप्रग सरकार देश की आंतरिक के साथ ही बाहरी सुरक्षा के मुद्दे पर बुरी तरह से असफल रही है।’’
उन्होंने सवाल किया, ‘‘हम कितनी बार ऐसी सरकार को आजमाएंगे जिसे बार बार आजमाया गया।’’ उन्होंने 1984 के दंगों के लिए भी कांग्रेस पर हमला किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर साम्प्रदायिकता को हवा देने का आरोप लगाने से पहले सिख विरोधी दंगे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘यह संदेह से परे साबित हुआ है कि वह कांग्रेस और उसके नेता थे जिन्होंने 1984 में एक विशेष समुदाय के खिलाफ पूरी हिंसा की योजना बनायी।’’
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा , मोदी ही रहेंगे पीएम पद के हमारे प्रत्याशी
नरेंद्र मोदी के खिलाफ अवैध जासूसी के आरोपों से इंकार करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आज कांग्रेस की इस मांग को खारिज कर दिया कि पार्टी प्रधानमंत्री पद के अपने उम्मीदवार पर फिर से विचार करे। भाजपा ने दावा किया कि इस विवाद के पीछे सत्तारूढ़ पार्टी की ‘गंदे खेल करने वाली शाखा’ (डर्टी ट्रिक विंग) है।
भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि अगर नरेंद्र मोदी के खिलाफ इस तरह के हजारों बेबुनियाद आरोप भी लगें तो हमारे प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार पर फिर से विचार करने का कोई सवाल नहीं है। हम काफी पहले ही कह चुके हैं कि हमें चिंता है कि चुनाव करीब आने पर कांग्रेस की गंदे खेल करने वाली शाखा मोदी के खिलाफ इस तरह के आधारहीन आरोप लगाएंगे। वह कानून मंत्री कपिल सिब्बल की कल की इस मांग पर प्रतिक्रिया दे रहे थे कि भाजपा प्रधानमंत्री पद के अपने उम्मीदवार पर फिर से विचार करने के लिए मजबूर होगी क्योंकि आरोप बहुत गंभीर हैं।
भाकपा नेता गुरुदास दासगुप्ता ने कहा ,जेपीसी रिपोर्ट पर लोकसभा में बहस हो
भाकपा नेता गुरुदास दासगुप्ता ने दूरसंचार लाइसेंस और 2जी स्पेक्ट्रम जांच से जुड़ी संयुक्त संसदीय समिति की रपट पर यह कहते हुए हुए संसद में चर्चा की मांग की कि इस रिपोर्ट पर समिति में कभी चर्चा नहीं कराई गई और सीधे मतदान करा दिया गया। दासगुप्ता ने लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को लिखे पत्र में कहा ‘‘मैं बहस चाहता हूं, इसलिए नहीं कि किसी को अपशब्द कहे जाएं और कम से कम प्रधानमंत्री को तो नहीं - लेकिन यह दर्ज करने के लिए कि यह रपट किस तरह राजनीतिक मंशा से प्रेरित रही है।’’ उन्होंने कहा ‘‘इससे संसद की छवि खराब होगी क्योंकि संसद ने संयुक्त संसदीय समिति का गठन किया था।’’
उन्होंने कहा कि जेपीसी की इस रपट पर कोई चर्चा नहीं कराई गई सीधे मतदान के जरिए पारित कर दिया गया। दासगुप्ता ने कहा ‘‘तथ्यों पर कभी विचार नहीं किया गया। यह रपट बेतरतीब तरीके से तैयार की गई।’’ उन्होंने कहा ‘‘रपट में कहा गया है कि प्रधानमंत्री को स्पेक्ट्रम आवंटन के मामले में गुमराह किया गया।’’ उन्होंने कहा ‘‘मेरे पास ऐसे तथ्य हैं जिससे पता चलता है कि प्रधानमंत्री को चीजों का पता था।’’ भाकपा नेता ने कहा कि मौजूदा लोकसभा का कार्यकाल खत्म होने वाला है और ऐसे में इस तरह का महत्वपूर्ण मामला संसद के ध्यान से नहीं छूटना चाहिये। उन्होंने कहा ‘‘जिस भी नियम के तहत संभव हो मैं उम्मीद करता हूं कि आप इस विषय पर चर्चा कराने की अनुमति देंगी।’’
मप्र में केंद्रीय राशि के दुरुपयोग का आरोप
नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा है कि पिछले पांच सालों में चार लाख करोड़़ से अधिक की राशि मध्य प्रदेश को प्राप्त हुई है और इस राशि से प्रदेश चमन हो जाना चाहिए था। लेकिन यहां प्रदेश नहीं बल्कि मुख्यमंत्री, मंत्री और भाजपा नेता ‘चमन’ हो गए। नेता प्रतिपक्ष ने आज विंध्य क्षेत्र में अपने सघन चुनावी दौरे में पहाडी, मउगंज, देवतालाव सुनौरी एवं रीवा में चुनावी सभाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर ‘तानाशाह’ होने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि केन्द्र सरकार से चार लाख 39 हजार करोड़़ पिछले पांच साल में विकास के लिए मिले। लेकिन इसे शिवराज सरकार ने जनता के हित में उपयोग करने के बजाय भ्रष्टाचार में खर्च कर दिया।
सिंह ने कहा कि उन्होंने केन्द्र सरकार से प्रदेश को मिलने वाली राशि की जब जानकारी प्राप्त की तो जो सच निकल के आया और विकास की जो असलियत देखी उसमें जमीन आसमान का अंतर दिखलाई दिया। उन्होंने कहा, ‘‘सच यह है कि भाजपा की चाहे मोदी, शिवराज या रमन सरकार हो, इसने केन्द्र सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर दी गई राशि में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया और वहीं भ्रष्ट कमाई अब चुनाव में वह झूठा प्रचार करने में खर्च कर रही है।’’
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी करुणा शुक्ला ने कहा ,मोदी का राज तिलक असंवैधानिक
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी करुणा शुक्ला ने आज अपनी पुरानी पार्टी भाजपा पर प्रहार करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद के लिए पार्टी का उम्मीदवार बनाया जाना संविधान के खिलाफ है। शुक्ला ने कहा, ‘‘यह हमारे देश के संविधान के खिलाफ है। संसद के निर्वाचित सदस्य (सांसद) या विधानसभा के निर्वाचित सदस्य (विधायक) ही क्रमश: प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री का चयन कर सकते हैं। मैं इसे सही नहीं समझती।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह संविधान के स्थापित सिद्धांतों के विरुद्ध है।’’
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों में आक्रामक प्रचार कर रहे मोदी का छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, मिजोरम और दिल्ली के चुनावी नतीजों पर कोई प्रभाव नहीं होगा। भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शुक्ला ने कहा, ‘‘इन राज्यों की अपनी विशिष्टता और समस्याएं हैं। राष्ट्रीय समस्याएं राज्यों से भिन्न हैं। राज्यों में कार्यकर्ताओं ने जीत सुनिश्चित करने के लिए अपनी रणनीति बनाई है। मोदी का इन चुनावों में कोई प्रभाव नहीं होगा।’’
जांजगीर चांपा संसदीय क्षेत्र से पूर्व सांसद शुक्ला ने छत्तीसगढ़ में भाजपा की कार्यशैली को लेकर उभरे मतभेदों के कारण पिछले महीने पार्टी छोड़ दिया था। उन्हें कहा, ‘‘मैं मूल्यों और सिद्धांतों के आधार पर राजनीति करती हूं। आत्म सम्मान बेहद जरूरी है। पिछले पांच वर्षों से भाजपा में कुछ ऐसी चीजें चल रही थी, जो मुझे पसंद नहीं। इसकी कारण से मैंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया। मुझे लगा कि भाजपा को मेरी जरूरत नहीं।’’
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने कहा, राजस्थान में फिर कांग्रेस सरकार बनेगी:
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने कहा है कि संप्रग सरकार की दस साल और राजस्थान की कांग्रेस सरकार के पांच साल के विकास कार्यों एवं नीतियों के बूते पर राजस्थान में फिर से भारी बहुमत से कांग्रेस की सरकार बनेगी। आजाद आज यहां प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय में एक बैठक में शरीक होने के बाद संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान विधानसभा चुनाव में पार्टी के बागी उम्मीदवार नहीं के बराबर हैं, उम्मीद है कि नाम वापसी तक अधिकतर बागियों को मना लेंगे। कांग्रेस के मुकाबले अन्य पार्टियों में बागियों की संख्या बहुत अधिक है।
उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार के दस साल और राजस्थान की कांग्रेस सरकार के पांच साल के काम का लाभ देश और राज्य को मिला है। आजाद ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अर्थशास्त्री होने और संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी के दिशा निर्देश के कारण आर्थिक नीतियों का लाभ देश को मिला है। अमेरिका समेत अन्य देशों में आर्थिक संकट और अमेरिका में नौकरियों से लाखों लोगों को हटाए जाने के समय भी भारत में बिजली, सड़क, चिकित्सा समेत अन्य विकास की योजनाएं जारी रहीं। आर्थिक मंदी का असर हम पर भी पड़ा, लेकिन इसके बावजूद विकास योजनाएं और कार्यक्रम जारी रहे।
उच्चतम न्यायालय ने आज राडिया टेप पर केंद्र और सीबीआई से पर जवाब मांगा
उच्चतम न्यायालय ने आज केंद्र और सीबीआई से उस अपील पर जवाब मांगा जिसमें सरकार को ‘गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय’ (एसएफआईओ) के निष्कर्षों पर कार्रवाई करने का आदेश देने की मांग की गई है। एसएफआईओ ने नीरा राडिया के टेप प्रकरण की जांच के बाद कुछ कारोबारी लेन देन में गंभीर अनियमितताएं पाई हैं।
न्यायमूर्ति जीएस सिंघवी और न्यायमूर्ति वी गोपाल गौड़ा की पीठ ने टाटा समूह के पूर्व प्रमुख रतन टाटा से भी एक सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है। टाटा ने राडिया के टैप्स की बातचीत सार्वजनिक न करने के लिए अपील दायर की थी। आदेश जारी करने के बाद मामला राडिया की बातचीत के टेप से जुड़े अन्य मामलों की सुनवाई के लिए 2 दिसंबर तक स्थगित कर दिया गया। इस पर ‘ओपेन मैगजीन’ की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन ने सुनवाई स्थगित किए जाने को लेकर कड़ी आपत्ति जताई।
धवन ने कहा कि न्यायालय को आज ही सुनवाई करनी चाहिए और टाटा की याचिका के खिलाफ पत्रिका की ओर से उन्हें दलील देने की अनुमति दी जानी चाहिए। लेकिन न्यायालय ने उनका यह अनुरोध ठुकरा दिया। इससे उद्वेलित धवन ने कहा, ‘‘यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं ऐसे समय में यह नहीं करना चाहता जब न्यायाधीश सेवानिवृत्त हो रहे हैं लेकिन मुझे कहना पड़ रहा है कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।’’ उन्होंने आगे कहा ‘‘आप मुझे अपील पर जवाब देने का मौका नहीं दे रहे हैं। यह अत्यंत मनमाना है।’’ धवन की तर्कों पर आपत्ति जताते हुए न्यायमूर्ति सिंघवी ने खुद को मामले से अलग कर लिया और कहा कि मामले को अन्य पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए। गैर सरकारी संगठन ‘‘सेंटर फॉर पब्लिक इन्टरेस्ट लिटिगेशन’’ ने अपनी अर्जी में जांच अधिकारी द्वारा एसएफआईओ के निदेशक को लिखे गए कथित पत्र का संदर्भ दिया है। साथ ही कहा गया है कि कथित गंभीर कारपोरेट जालसाजी कि जो मामले सामने आये हैं उनकी जांच की जरूरत है। अनुरोध में यह भी कहा गया है कि शुरू में कंपनियों के पंजीयक (रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज..आरओसी) ने जांच की थी जिसकी रिपोर्ट के आधार पर कारपोरेट मामलों के मंत्रालय ने एसएफआईओ को जांच के आदेश दिए थे। इसमें कहा गया है ‘‘इन सभी की व्यापक जांच की गई और कई माह पहले भारत सरकार से शीर्ष कारपोरेटों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।’’ गैर सरकारी संगठन का आरोप था कि ये मामले उच्चतम न्यायालय द्वारा तय उन मुद्दों से अलग हैं जिनकी सीबीआई जांच के आदेश दिए गए हैं। आवेदन में कहा गया है ‘‘इस तरह यह स्पष्ट है कि नीरा राडिया के टेलीफोन टैप करने से सामने आये तथ्यों की जांच को प्रभावित करने का प्रयास हो रहा है ताकि शीर्ष कारपोरेट समूहों को बचाया जा सके।’’
दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने आज कहा हर बात में घोटाला सूंघ लेते हैं यशवंत सिन्हाः
दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने आज भाजपा नेता यशवंत सिन्हा पर हमला बोलते हुए कहा कि सिन्हा स्पेक्ट्रम कीमत में कमी संबंधी ट्राई की सिफारिशों में घोटाले का 'आधारहीन व बेतुका' आरोप लगा रहे हैं। सिब्बल का कहना है कि भाजपा नेता ने ये आरोप लोकसभा चुनावों को देखते हुए लगाये हैं। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, 'यशवंत सिन्हा हर बात में घोटाला सूंघ लेते हैं। मुझे याद है कि पहले भाजपा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि ट्राई की सिफारिशें स्वीकार नहीं की गईं इसलिए घोटाला हो गया अब, अगर सरकार ने ट्राई की सिफारिशों को आंशिक स्वीकार कर लिया है तो भी घोटाला है।'
अधिक आरक्षित मूल्य या आधार मूल्य के चलते दो बार स्पेक्ट्रम नीलामी में नाकामी के बाद भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकार (ट्राई) ने पिछले महीने सिफारिश की है कि नीलामी के लिए स्पेक्ट्रम का आरक्षित न्यूनतम मूल्य 60 प्रतिशत तक नीचे रखा जाए। सिब्बल के मंत्रालय से सम्बद्ध दूरसंचार आयोग ने सेबी की सिफारिशों में पिछले सप्ताह सिफारिशों में कुछ संशोध कर उन्हें इस स्पेक्ट्रम पर मंत्रियों के अधिकारसंपन्न समूह को भेजा है। आयोग ने सुझाव दिया है कि ट्राई की सिफारिश की तुलना में अखिल भारतीय स्तर पर 1800 मेगाहट्र्ज स्पेक्ट्रम के लिए आरक्षित मूल्य 15 प्रतिशत तथा दिल्ली व मुंबई जैसे प्रमुख सर्किलों के लिए 25 प्रतिशत बढाया जाए। इस बढ़ोतरी के बाद भी स्पेक्ट्रम का आरक्षित मूल्य पिछले दो नीलामियों से काफी कम ही रहेगा। सिन्हा ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में दवा किया कि ट्राई द्वारा स्पेक्ट्रम कीमत में कमी से सरकारी खजाने को 35000 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है। सिब्बल ने कहा, 'यशवंत सिन्हा को हमें बताना चाहिए कि स्पेक्ट्रम नीलामी कैसे व किस कीमत पर की जाए क्योंकि वे तो हर चीज के विशेषज्ञ लगते हैं। यशवंत सिन्हा को बेतुके व आधारहीन आरोप लगाने से पहले सोचना चाहिए।' सिब्बल ने कहा कि आम चुनाव पास देखकर भाजपा इस तरह के मुद्दे उठा रही है।
विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि चोगम सम्मेलन में भारत की मौजूदगी सही
श्रीलंका में हो रहे चोगम सम्मेलन का बहिष्कार करने की तमिलनाडु के राजनीतिक दलों की मांग को खारिज करते हुए विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए आज यहां पहुंचे और कहा कि भारत श्रीलंका के तमिलों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। इस सप्ताह होने जा रहे चोगम सम्मेलन में शामिल होने आए खुर्शीद ने कहा कि राष्ट्रीय हित की खातिर हमें बातचीत जारी रखनी है। खुर्शीद का यहां पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। उनके साथ विदेश सचिव सुजाता सिंह और अन्य भारतीय अधिकारी यहां आए हैं। विदेश मंत्री ने कहा कि वह यहां द्विपक्षीय बातचीत में भाग लेने नहीं बल्कि बहुपक्षीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए आए हैं। उन्होंने कहा कि सम्मेलन से अलग, उनके पास तमिलों को सत्ता के और अधिक विकेन्द्रीकरण किए जाने तथा श्रीलंका से लगने वाले समुद्री जल क्षेत्र में भारतीय मछुआरों पर हमले जैसे मुद्दों को श्रीलंका सरकार के समक्ष उठाने और भारत की चिंता जाहिर करने का मौका होगा। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह शुक्रवार से यहां शुरू हो रहे तीन दिवसीय चोगम सम्मेलन में भाग लेने की योजना बना रहे थे। लेकिन तमिलनाडु में चल रही प्रतिस्पर्धी राजनीति और अगले साल होने जा रहे लोकसभा चुनावों से पहले तमिलनाडु में कांग्रेस के अलग थलग पड़ जाने की आशंका के चलते सिंह को बीते सप्ताह अपनी योजना रद्द करनी पड़ी।
भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदीपर पलटवार करते हुए नीतीश कुमार ने आज कहा कि नरेंद्र मोदी झूठ की खेती करने में माहिर
भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की पटना में आयोजित हुंकार रैली के दौरान आपराधिक तौर पर सुरक्षा की अनदेखी किए जाने के कारण वहां धमाके होने के आरोप पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज कहा कि वे (नरेंद्र मोदी) झूठ की खेती करने में माहिर हैं। पटना के एक अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित जनता दरबार के बाद पत्रकारों से बात करते हुए नीतीश ने यह टिप्पणी की।
पटना में आयोजित भाजपा की हुंकार रैली के दौरान आपराधिक तौर पर सुरक्षा की अनदेखी किए जाने के कारण वहां धमाके होने संबन्धी मोदी के बयान पर पलटवार करते हुए नीतीश ने कहा कि रैली के दौरान जो सिलसिलेवार धमाके हुए वह बहुत ही निदंनीय है पर आतंकियों ने उनकी (भाजपा) सहायता (धमाके करके) नहीं की होती तो वह रैली फ्लॉप थी। उन्होंने कहा कि उस रैली के बारे में तो ऐसा दावा किया जा रहा था कि भीड़ के मामले में रैली विश्व रिकार्ड तोड़ देगी। उन्होंने रैली में काफी कम लोगों के आने का दावा करते हुए कहा कि पटना निवासियों की भी इस रैली में कम उपस्थिति थी। आधा गांधी मैदान तो पूरा खाली था और बाकी आधे का भी दो तिहाई हिस्सा खाली था।
पटना में हुए सिलसिलेवार धमाके पर मोदी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की आलोचना करते हुए उन्हें असंवेदनशील बताया था और कहा था कि उस समय वह राजगीर में छप्पनभोग में तल्लीन थे। उनके इस आरोप पर नीतीश ने कहा कि उन्होंने (मोदी ने) फिर गलत कहा।
नीतीश कुमार ने कहा कि पटना में 27 अक्तूबर को हुए सिलसिलेवार धमाकों को लेकर उनकी संवदेनशीलता इतनी रही कि उन्होंने तत्काल सभी कार्यक्रमों (मुंगेर में अंतराष्ट्रीय योग सम्मेलन और राजगीर में जदयू के सम्मलेन में जाने का कार्यक्रम) को रद्द करते हुए यहां रहना मुनासिब समझा और उच्च पदस्थ अधिकारियों के साथ हालात को लेकर विमर्श किया। भाजपा नेताओं द्वारा उनके (नीतीश) द्वारा रैली की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी स्वयं नहीं किए जाने के आरोप पर नीतीश ने हंसते हुए कहा कि सुरक्षा बलों की तैनाती और कौन किस गेट पर तैनात किया जाएगा क्या कोई मुख्यमंत्री इसे देखता है या पुलिस का काम है। नीतीश ने कहा कि पटना रेलवे स्टेशन पर पहला धमाका होने पर उन्होंने सभी काम छोड़कर मुख्य सचिव एके सिन्हा और पुलिस महानिदेशक अभयानंद से पल-पल की जानकारी ली और धमाके में घायल लोगों को देखने रात्रि में पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल गये थे। सुरक्षा को खतरा होते हुए भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि घायलों में से 38 लोगों से बातचीत की थी और उनके बेहतर इलाज का प्रबंध किया गया तथा यह भी निर्देश दिया कि उनमें जिन्हें बाहर इलाज के लिए भेजने की जरूरत थी, भेजा जाए। मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रूपये राज्य सरकार ने सहायता राशि दी। नीतीश ने कहा कि अहमदाबाद में 2008 में धमाका हुआ था तो वे (नरेंद्र मोदी) कहां-कहां गए थे। कितने मृतकों के परिजनों से मुलाकात की थी। उक्त धमाके में घायल हुए लोगों से मिलने अस्पताल कब गए। भाजपा द्वारा बार-बार यह आरोप लगाए जाने पर कि उनके (नीतीश) तथा बिहार सरकार द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लापरवाही बरते जाने के कारण रैली में धमाके हुए, नीतीश ने कहा कि ऐसा बार-बार कहकर वे हिटलर के सलाहकार गोबेल्स के उस सिद्धांत पर चल रहे हैं कि किसी झूठ को सौ बार दोहराने पर वह सच हो जाता है।
नीतीश कुमार ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि दल विशेष के लोगों द्वारा बिहार के पुलिस के मनोबल को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब तक किसी रैली में इतनी अधिक संख्या में पुलिस बल की तैनाती नहीं की गयी थी। नीतीश ने कहा कि गांधी मैदान में रैली के लिए जो सुरक्षा व्यवस्था की गयी और जितने बलों की तैनाती की गयी थी इस बारे में आंकड़े बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा पूर्व में जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 27 अक्तूबर को पटना रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या दस के एक शौचालय में हुए धमाके के तत्काल बाद बिहार पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया था और इस धमाके साथ-साथ बोधगया में हुए सिलसिलेवार धमाकों का भी खुलासा किया। भटकल की गिरफ्तारी के लिए बिहार पुलिस को शाबाशी दी जानी चाहिए। नरेंद्र मोदी द्वारा नीतीश पर लगाए गए उस आरोप पर कि पटना में सिलसिलेवार धमाकों के दिन नीतीश राजगीर में छप्पन भोग परोसने में लगे हुए थे, इसके बारे में कहा कि धमाके की सूचना मिलते ही 27 अक्तूबर के अपने मुंगेर और राजगीर के कार्यक्रम को रद्द कर दिया था। उन्होंने कहा कि 28 अक्तूबर को विधि व्यवस्था की समीक्षा और अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद वह अपराह्न में राजगीर पहुंचे और वहां विलंब से पहुंचने के कारण जदयू के चिंतन शिविर के प्रारम्भिक कार्यक्रमों में सम्मिलित नहीं हो पाए थे। नीतीश ने कहा कि प्रधानमंत्री का पद का सपना सजोने वालों को उसकी गरिमा का ख्याल रखते हुए ठोस बातें करनी चाहिए, असत्य का सहारा नहीं लेना चाहिए। आर्थिक, सामाजिक नीति पर स्पष्टता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संप्रदायिकता और आतंकवाद एक दूसरे के लिए खाद-पानी का काम करते हैं। आतंकवाद के मामले में किसी प्रकार का विभाजन नहीं होना चाहिए।
अपनी नौकरानी की हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार बसपा सांसद धनंजय सिंह व उनकी पत्नी न्यायिक हिरासत में
अपनी नौकरानी की हत्या के सिलसिले में गिरफ्तार बसपा सांसद धनंजय सिंह और उनकी पत्नी जागृति को यहां की एक अदालत ने आज चार दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। दरअसल, दिल्ली पुलिस ने अदालत में कहा कि उसे कुछ रिपोर्ट का इंतजार है जिसके बारे में बाद में आरोपियों से पूछताछ की जाएगी।
उत्तर प्रदेश के जौनपुर निर्वाचन क्षेत्र से बसपा सांसद धनंजय और उनकी पत्नी जागृति को पांच दिनों की पुलिस हिरासत की अवधि खत्म होने पर आज मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट गोमती मनोचा के समक्ष पेश किया गया। जागृति यहां राम मनोहर लोहिया अस्पताल में दंत चिकित्सक हैं।
आम आदमी पार्टी (आप) ने आज कहा किअपने कोषों की सरकार द्वारा जांच के लिए वो तैयारहै ,साथ ही कांग्रेस,व् भाजपा के कोषों की भी जांच हो
आम आदमी पार्टी (आप) ने आज कहा कि वह अपने कोषों की सरकार द्वारा जांच के लिए तैयार है लेकिन पार्टी ने मांग की कि कांग्रेस और भाजपा को भी वैसी ही जांच के लिए पेशकश करनी चाहिए। आप संयोजक अरविन्द केजरीवाल ने कहा, ''हम अपने कोषों की जांच के सरकारी आदेश का स्वागत करते हैं। हम मांग करते हैं कि सरकार कांग्रेस और भाजपा के कोषों की भी जांच कराए।’’ आप को आठ नवंबर तक चंदों के रूप में करीब 19 करोड़ रूपए मिले हैं। चंदा देने वाले 63 हजार लोगों में प्रवासी भारतीय भी हैं।
गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा है कि आप को विदेशों से धन मिलने की शिकायतें मिलने के बाद जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ''मुझे शिकायतें मिली हैं। हम मामले की जांच कर रहे हैं...कोष कहां से आ रहे हैं, किस देश से, इसका स्रोत क्या है आदि। हम इन सब बातों का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं।’’ शिंदे ने हालांकि कहा कि इस प्रकार की जांच में समय लगता है और उन्होंने संकेत दिया कि जांच के नतीजे दिल्ली में चार दिसंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले नहीं आ सकेंगे। केजरीवाल ने कहा कि जांच पूरी होने के 48 घंटों के बाद इसकी रिपोर्ट सार्वजनिक कर दी जानी चाहिए।
केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने आज स्वीकार किया कि मोदी चुनौती पैदा करने वाले नेताः
केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने आज स्वीकार किया कि प्रधानमंत्री पद के भाजपा के दावेदार नरेंद्र मोदी को कांग्रेस पार्टी चुनौती देने वाले नेता के तौर पर देखती है। चिदंबरम ने गोवा में आयोजित ‘थिंकफेस्ट’ समारोह में एक परिचर्चा के दौरान कहा, ‘‘राजनीतिक दल के तौर पर हम मानते हैं कि वह (मोदी) चुनौती पैदा करने वाले हैं। हम उनकी अनदेखी नहीं कर सकते। वह मुख्य विपक्षी दल के उम्मीदवार हैं। हमें उन्हें ध्यान में रखना होगा।’’
हालांकि केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि एक व्यक्ति के तौर पर वह मोदी की विचारधारा, सोच और जनसभाओं में उनके द्वारा इस्तेमाल में लाई जाने वाली भाषा को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अभी तक वह (मोदी) बहुत ही अस्पष्ट हैं। अभी तक उन्होंने किसी बड़े मुद्दे पर बात नहीं रखी है। उन्होंने केवल चुनावी वायदे किये हैं।’’ चिदंबरम के मुताबिक कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं को लगता है कि यदि आगामी लोकसभा चुनावों में कांग्रेस सत्ता में आती है तो राहुल गांधी को पार्टी और सरकार का नेतृत्व मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘कार्यकर्ता ऐसा सोचते हुए लग रहे हैं कि अगर पार्टी सत्ता में आती है तो राहुल गांधी को पार्टी और सरकार का नेता बनना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक मेरी निजी राय है तो मुझे लगता है कि अब कमान युवा पीढ़ी के हाथ में सौंपने का वक्त आ गया है।’’
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को दुनिया के सबसे ताकतवर सिख माने गए
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को दुनिया के 100 सबसे शक्तिशाली सिखों की सूची में शीर्ष पर रखा गया है। सिख डायरेक्टरी नामक संस्था ने पहले वार्षिक प्रकाशन ‘सिख 100’ में प्रधानमंत्री को सबसे ऊपर रखा है। यह सूची सबसे प्रभावशाली समकालीन सिखों की है। इसमें कहा गया है कि 81 वर्षीय सिंह ‘एक विचारक और विद्वान के तौर पर बहुत प्रतिष्ठित हैं।’ सिंह का परिचय देते हुए कहा गया है, ‘‘उन्हें काम के प्रति उनकी लगन और शैक्षणिक दृष्टिकोण के साथ उनकी पहुंच एवं विनम्र व्यवहार लिए काफी सम्मान दिया जाता है।’’ बीती रात जारी इस सूची में योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया को दूसरा सबसे ताकतवर सिख बताया गया है।
श्री अकाल तख्त साहिब के मौजूदा प्रमुख जत्थेदार सिंह साहिब गियानी गुरबचन सिंह को सूची में तीसरा स्थान दिया गया है। पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को चौथा सबसे ताकतवर सिख करार दिया गया है। मास्टरकार्ड वर्ल्डवाइड के अध्यक्ष एवं सीईओ अजयपाल सिंह बग्गा को सूची में आठवें और ब्रिटेन में रॉयल कोर्ट ऑफ जस्टिस के न्यायाधीश रूबिंदर सिंह को नौंवे स्थान पर रखा गया है।
विश्व के सबसे ताकतवर सिखों की सूची में प्रधानमंत्री की पत्नी गुरशरण कौर को 13वें और पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को 14वां स्थान मिला है। इस सूची में ब्रिटेन में न्यायाधीश सर मोटा सिंह (17वां), अमेरिका में होटल व्यवसायी संत सिंह चटवाल (18वां), फोर्टिस हेल्थकेयर के प्रमुख एवं निर्देशक मालविंदर तथा शिविंदर सिंह (21वां) और मशहूर पत्रकार खुशवंत सिंह (22वां) को जगह दी गई है। अपोलो टायर के प्रमुख ओंकार सिंह कंवल को 23वां, पंजाब नेशनल बैंक के प्रबंधन निदेशक भूपिंदर सिंह को 26वां, क्रिकेटर हरभजन सिंह को 28वां, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को 29वां, ब्रिटेन स्थित संगठन नेटवर्क ऑफ सिख आर्गनाइजेशंस के निदेशक लॉर्ड इंदरजीत सिंह को 42वां, सन मार्क लिमिटेड (यूके) के प्रमुख रमी रंगेर को 48वां और विटाबायटोक्सि (यूके) के निदेशक करतार सिंह लालवानी को 52वां स्थान दिया गया है।
मोदी के ‘खूनी पंजा’ वाले बयान को लेकर कांग्रेस चुनाव आयोग पहुंची
राहुल गांधी की आईएसआई वाली टिप्पणी पर भाजपा द्वारा शिकायत किए जाने के कुछ दिनों बाद अब कांग्रेस ने अपने खिलाफ दिए गए मोदी के ‘खूनी पंजा’ वाले बयान को लेकर चुनाव आयोग के समक्ष शिकायत कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मुख्य चुनाव आयुक्त वीएस संपत से की गई शिकायत में कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री पद के भाजपा के उम्मीदवार ने उसके चुनाव चिह्न का हवाला देकर ‘खूनी पंजा’ और ‘जालिम हाथ’ के रूप में ‘अनर्गल, दुर्भावनापूर्ण और अपमानजनक’ टिप्पणी की।
सत्तारूढ़ पार्टी ने कहा, ‘‘खूनी पंजा शब्द का इस्तेमाल बहुत निंदनीय है और यह जनता को कांग्रेस के खिलाफ आतंकित करने वाला है।’’ कांग्रेस ने बीती रात चुनाव आयोग का रूख किया। इससे कुछ दिन पहले आयोग ने पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी को आईएसआई वाले बयान को लेकर नोटिस जारी किया था। राहुल ने एक चुनावी सभा में कहा था कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी मुजफ्फरनगर दंगे के कुछ पीड़ितों के संपर्क में है।
भाजपा की शिकायत पर चुनाव आयोग ने राहुल को नोटिस जारी किया था। राहुल ने बीते शुक्रवार को इस नोटिस का जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन नहीं किया है। कांग्रेस ने चुनाव आयोग को छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में बीते गुरूवार को मोदी द्वारा दिए गए भाषण की डीवीडी और अखबारों की कटिंग भेजी है। इसी चुनावी सभा में मोदी ने कांग्रेस के खिलाफ टिप्पणी की थी। पार्टी ने मोदी के भाषण को लिखित तौर पर आयोग के पास भेजा है। इस भाषण में मोदी ने कहा था, ‘‘यदि आप चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ के ऊपर किसी खूनी पंजे का साया न पड़े तो आप सभी कमल पर बटन दबाना और छत्तीसगढ़ को खूनी पंजे से बचाना।’’
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने आज कहा कि उनकी पार्टी अपने बलबूते लोकसभा चुनाव लड़ेगी
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने आज कहा कि उनकी पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव में देश में किसी भी पार्टी से किसी तरह का तालमेल नहीं करेगी और एक-दूसरे को काटने में लगी भाजपा की आडवाणी, मोदी और राजनाथ की तिकड़ी से भी बसपा को काफी चुनावी फायदा मिलेगा। मायावती ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा ‘‘मैं स्पष्ट करना चाहती हूं कि आगामी लोकसभा चुनाव में हमारी पार्टी पूरे देश में किसी भी पार्टी के साथ समझौता करके चुनाव नहीं लड़ेगी। हमारी पार्टी पूरी तैयारी से अकेले चुनाव लड़ेगी।
उन्होंने कहा ‘‘ऐसी अफवाहें उड़ायी जा रही हैं कि हमारा कांग्रेस या भाजपा से अंदरूनी या बाहरी गठबंधन हो सकता है। ये केवल हवाई बातें हैं, जो सोची-समझी साजिश के तहत फैलायी जा रही हैं। इसका मकसद हमारे लोगों को गुमराह करके बसपा को नुकसान पहुंचाना है।’’ बसपा प्रमुख ने कहा ‘‘उनकी पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव में काफी अच्छा प्रदर्शन करेगी और उत्तर प्रदेश में वह पहले नम्बर पर रहकर सामाजिक परिवर्तन के मिशन में अहम भूमिका निभाएगी। अपना मकसद हासिल करने के लिये हमें भाजपा की आडवाणी, मोदी और राजनाथ की तिकड़ी से भी काफी मदद मिलेगी जो अंदर ही एक-दूसरे को काटने में लगी है।’’
मायावती ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले बसपा दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश और राजस्थान में अपने बलबूते पर चुनाव लड़ रही है। इस चुनाव में बसपा की कोशिश सत्ता का तुरूप बनकर उभरने की है ताकि वह गरीबों और शोषितों के लिये सही नीति बनाने के उद्देश्य से वहां की सरकारों पर दबाव बनाये। बसपा प्रमुख ने कहा कि इस मकसद में कामयाब होने के लिये ही वह जल्द ही इन चारों राज्यों का दौरा करेंगी। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था तथा शासन के मोर्चे पर पूरी तरह नाकाम उत्तर प्रदेश की सपा सरकार अपने हितों की पूर्ति के लिये भाजपा की मिलीभगत से दंगे करवा रही है।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन किरण कुमार रेड्डी आंध्र के विभाजन को लेकर संतुष्ट नहीं
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन किरण कुमार रेड्डी ने आज कहा कि वह राज्य के विभाजन को लेकर संतुष्ट नहीं हैं और उन्होंने इस पर अपना रख बदला नहीं है। रेड्डी ने यहां आंध्र भवन में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘मैंने अपना रख बदला नहीं है। मैं संतुष्ट नहीं हूं।’’ रेड्डी राज्य के विभाजन के खिलाफ रहे हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि वह तेलंगाना की जनता की भावनाओं के विरोधी नहीं हैं मगर रोजगार, राजधानी बतौर हैदराबाद और बाढ़ संभावित जिलों जैसे अनेक विषय हैं जिनका समाधान अभी नहीं हुआ है। इससे पहले केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री एम एम पल्लम राजू ने भी इसी तरह की राय रखते हुए विभाजन की प्रक्रिया पर तेजी से हो रहे काम पर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था, ‘‘जिस रफ्तार से काम हो रहा है, मैं उससे संतुष्ट नहीं हूं। अगर विभाजन हो रहा है तो उचित तरीका होना चाहिए।’’
भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी ने आज आरोप लगाया कि कांग्रेस की ओर से मोर्चा संभालेंगे CBI और:इंडियन मुजाहिदीन
भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी ने आज आरोप लगाया कि आगामी लोकसभा चुनाव में सपा, बसपा और कांग्रेस की तिकड़ी के बजाय सीबीआई और इंडियन मुजाहिदीन उनकी तरफ से चुनाव का मोर्चा सम्भालेंगे, ताकि कांग्रेस का किला बच सके। ‘ब्रहमा की तपोभूमि’ बहराइच में भाजपा की विजय शंखनाद रैली में मोदी ने कहा कि एक के बाद एक जिस तरह की घटनाएं हो रही हैं, ऐसा लगता है कि जो लोग मोदी को गुजरात में परास्त नहीं कर पाये और जिन्हें लगता है कि लोकतांत्रिक तरीके से तो भाजपा और मोदी को अब रोका नहीं जा सकता, उन्होंने दूसरे तौर-तरीके अपनाये हैं। कभी सीबीआई को पीछे लगा दो, कभी इंडियन मुजाहिदीन को खुली छूट दे दो।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि अगले चुनाव में सपा, बसपा और कांग्रेस की तिकड़ी चुनाव के मैदान में नहीं आयेगी। अगले चुनाव में तो मुझे लगता है कि सीबीआई, आईएम... यही लोग चुनाव का मोर्चा सम्भालेंगे, ताकि वे कांग्रेस का मोर्चा बचा सकें।’’
मोदी ने चेतावनी के अंदाज में कहा ‘‘बम, बंदूक और पिस्तौल के सहारे राजनीति करने वाले कान खोलकर सुन लें, हम दूसरी मिट्टी की पैदावार हैं। ना हम आतंकवादियों के आगे झुके हैं, ना झुकने वाले हैं। हम आतंकवादियों को झुकाकर रहेंगे, जड़ से साफ करके रहेंगे।’’ मोदी ने कहा ‘‘चाहे सपा हो, बसपा हो या कांग्रेस..इनका नाम भले अलग हो लेकिन गोत्र, चरित्र, डीएनए और मकसद एक है। इनको कभी अलग मत मानना।’’
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज कहा कि भाजपा भ्रस्टाचार कि विश्व चैंपियन है
मई में कांग्रेस नेताओं पर हुए भीषण माओवादी हमले पर अत्यंत भावुक होते हुए राहुल गांधी ने आज कहा कि प्रदेश कांग्रेस समिति के पूर्व प्रमुख नंद कुमार पटेल की हत्या उन्हें मुख्यमंत्री बनने से रोकने और यहां गरीबों एवं आदिवासियों की आवाज को खामोश करने के लिए की गई थी। बस्तर में 25 मई को हुए भीषण माओवादी हमले को लेकर रमन सिंह सरकार की आलोचना करते हुए राहुल ने कहा कि ‘‘यह कांग्रेस पार्टी पर नहीं, बल्कि लोगों पर हमला’’ था। उन्होंने मतदाताओं से कहा कि वे इस घटना को नहीं भूलें और राज्य की सत्ता में कांग्रेस को लाएं। माओवादी हमले में राज्य का समूचा वरिष्ठ कांग्रेस नेतृत्व खत्म हो गया था। भाजपा पर हमला बोलते हुए राहुल ने कहा कि वे ‘‘भ्रष्टाचार के विश्व चैम्पियन’’ हैं और वे लोगों नहीं, बल्कि कुछ व्यक्तियों के सशक्तीकरण में यकीन करते हैं।मुख्यमंत्री रमन सिंह के निर्वाचन क्षेत्र में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि उस भयावह दिन यह पटेल नहीं, बल्कि क्षेत्र के लोग थे जिन्हें मौत के घाट उतारकर खामोश कर दिया गया। उन्होंने जनसमूह से कहा, ‘‘उस समय हुई हिंसा ओैर हमला केवल कांग्रेस पार्टी पर केंद्रित नहीं था। यह यहां मौजूद इन लोगों, महिलाओं की आवाज पर हमला था।’’ चुनावी सभा में बड़ी संख्या में आदिवासी शामिल थे। मारे गए पूर्व कांग्रेस प्रमुख पटेल का बार बार जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘नंद कुमार पटेल छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बनने जा रहे थे। उन्हें कोई नहीं रोक सकता था। उन्हें रोकने का कोई रास्ता नहीं था। केवल एक रास्ता था और वह यह था कि उन्हें खत्म कर दिया जाए।’’ राहुल ने कहा, ‘‘गरीबों और आदिवासियों की आवाज उनके (पटेल) दिल में गूंजती थी। उस दिन उन्हें नहीं, बल्कि आप लोगों को मारा गया। इसे नहीं भूलना..वे आपसे ताल्लुक रखते थे और उन्हें आपसे छीन लिया गया।’’
राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हमारा समूचा नेतृत्व समाप्त कर दिया गया, लेकिन वे (राज्य सरकार) कहते हैं कि उनकी कोई गलती नहीं है। हमारा पूरा नेतृत्व साफ हो गया, लेकिन वे कहते हैं कि यह उनकी गलती नहीं है..’’। गौरतलब है कि नक्सलियों ने 25 मई को जगदलपुर जिले में कांग्रेस नेताओं के काफिले पर हमला किया था जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता महेंद्र कर्मा मारे गए थे और पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल घायल हो गए थे। शुक्ल की बाद में एक अस्पताल में मौत हो गई थी। बाद में प्रदेश कांग्रेस समिति के प्रमुख नंद कुमार पटेल और उनके बेटे के शव जंगलों में मिले थे। माओवादियों ने कांग्रेस के पूर्व विधायक उदय मुदलियार की भी गोली मारकर हत्या कर दी थी। माओवादियों ने कांग्रेस नेताओं के काफिले पर उस समय हमला किया था जब वे ‘परिवर्तन रैली’ से लौट रहे थे।
राहुल ने आदिवासियों के सशक्तीकरण और उनके अधिकारों को लेकर कांग्रेस की प्रतिबद्धता का बार––बार जिक्र किया और कहा, ‘‘यहां, जल, जंगल और जमीन आपके हैं।’’ यह आरोप लगाते हुए कि राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के गरीब लोगों से 6 लाख एकड़ जमीन छीन ली और इसे उद्योगपतियों को दे दिया, राहुल ने आदिवासियों से पूछा कि फैसले से पहले क्या उनकी अनुमति ली गई थी। उन्होंने कहा, ‘‘मैं आदिवासियों से यह कहना चाहता हूं कि राज्य आपका है। भाजपा के लोग इसे छीन रहे हैं। कांग्रेस पार्टी यह सब आपको लौटा देगी। क्योंकि यहां का जंगल, जमीन और जल आपका है, तो यह आप पर निर्भर करता है कि उनकी देखभाल किसे करनी चाहिए। यदि आप जमीन कुछ उद्योगपतियों को देना चाहते हैं, तो आप ऐसा करने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन यह आपका फैसला होगा।’’ कांग्रेस नेता ने संप्रग सरकार द्वारा पारित नए भूमि अधिग्रहण अधिनियम के बारे में भी चर्चा की और जनसमूह से कहा कि किसानों को अब बाजार दर के मुकाबले उनकी जमीनों का चार गुना अधिक मूल्य मिलेगा।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार पर किए तीखे प्रहार
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार पर तीखे प्रहार करते हुए आज लोगों को 25 मई के माओवादी हमले की याद दिलाई जिसमें राज्य के समूचे कांग्रेस नेतृत्व की हत्या कर दी गई थी। सोनिया ने इसके साथ ही वन अधिनियम, खाद्य सुरक्षा जैसी केन्द्र की कांग्रेस नीत संप्रग सरकार की अधिकार आधारित कार्यक्रमों की चर्चा करते हुए अनेक योजनाओं की घोषणा की जिनमें आदिवासियों के बड़े हिस्सों को लाभ पहुंचाने के लिए अनाज की तर्ज पर वनोत्पाद पर अधिकतम समर्थन मूल्य की योजना शामिल है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने 25 मई की घटना की चर्चा करते हुए कहा, ‘‘नक्सल हिंसा में इतने सारे लोग मारे गए। कांग्रेस में मेरे सहयोगियों ने अपनी जान कुर्बान की। हमें आज उनकी अनुपस्थिति बेहद महसूस हो रही है।’’ आमजन के साथ भावनात्मक संवाद स्थापित करने पर लक्षित सोनिया की यह टिप्पणी ऐसे समय आई जब कांग्रेस माओवाद प्रभावित बस्तर क्षेत्र में राजनीतिक पकड़ बनाने की जी तोड़ कोशिश कर रही है।
भाजपा नेता नरेन्द्र मोदी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की आलोचना करते हुए कहा कि अहंकार दिखा रहे नीतीश कुमार
भाजपा नेता नरेन्द्र मोदी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की आलोचना करते हुए कहा कि पटना में उनकी पार्टी की रैली के दौरान विस्फोटों में लापरवाही के जिम्मेदार लोगों की जांच का आदेश देने से मना कर वह ‘‘अहंकार’’ दिखा रहे हैं। छत्तीसगढ़ के इस शहर में एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने माओवादी हमले का भी जिक्र किया जिसमें राज्य कांग्रेस के कई शीर्ष नेता मारे गए थे। मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री रमन सिंह ने यात्रा रद्द कर दी थी और न केवल न्यायिक जांच के आदेश दिए थे बल्कि मृतकों के परिजनों से भी मुलाकात की थी।
उन्होंने कहा कि भाजपा की रैली में सिलसिलेवार बम विस्फोटों में कई लोगों के मारे जाने के बाद नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार ने इसके ठीक विपरीत काम किया। मोदी ने कहा, ‘‘पटना में इतनी बड़ी घटना हो गई.. वहां की सरकार में शामिल लोगों के चेहरे पर तकलीफ तक नहीं झलक रही थी। उनकी प्रतिक्रिया और शब्द ऐसे थे मानो कोई सुखद घटना हुई है।’’ उन्होंने कहा कि एक पत्रकार ने जब पूछा कि क्या बिहार सरकार की तरफ से कोई चूक हुई है तो जवाब मिला कि लापरवाही भूल जाइए, न्यायिक जांच की कोई जरूरत नहीं है। नीतीश कुमार का नाम लिए बगैर मोदी ने आरोप लगाए कि इस तरह का व्यवहार ऐसे व्यक्ति का होता है जो राजनीतिक लाभ के लिए दूसरों की पीठ में छुरा भोंकते हैं।
समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने आज कहा कि मोदी टीवी और गुजरात तक सीमित
कानून-व्यवस्था को लेकर सार्वजनिक मंचों पर कई बार अपने पुत्र अखिलेश यादव की सरकार की कथित आलोचना कर चुके समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने आज मुजफ्फरनगर दंगों को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर तल्ख टिप्पणी करते हुए ऐसे मामलों से सख्ती से निपटने की हिदायत दी। यादव ने अपने संसदीय निर्वाचन क्षेत्र मैनपुरी में आयोजित सपा की रैली में कहा कि मुजफ्फरनगर में साम्प्रदायिक ताकतें कामयाब हो गयीं। कुछ शक्तियां फसाद पैदा करना चाहती हैं लेकिन हम उत्तर प्रदेश को गुजरात नहीं बनने देंगे। प्रदेश में जब भी सपा की सरकार बनती है तो साम्प्रदायिक ताकतें दंगे कराती हैं लेकिन हम उनके मंसूबे कामयाब नहीं होने देंगे।
मुजफ्फरनगर दंगों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘अखिलेश और बाकी लोग मंत्रिमण्डल में बैठे हैं। इस तरह की बातों से सख्ती से निपटा जाता है, बातचीत से नहीं। अगर हमने सख्ती ना की होती तो अयोध्या में मस्जिद गिरा दी गयी होती। साम्प्रदायिक शक्तियों से सख्ती से निपटा जाता है बातचीत और ढिलाई से नहीं निपट सकते।’’ सपा प्रमुख ने भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी को कोरी चकाचौंध से घिरा राजनेता बताते हुए कहा कि मोदी सिर्फ टेलीविजन तथा गुजरात में दिखायी दे रहे हैं, और कहीं नहीं। आगामी लोकसभा चुनाव को सपा के लिये महत्वपूर्ण चुनौती बताते हुए यादव ने कहा कि केन्द्र में अब तीसरे मोर्चे की सरकार ही बनेगी। उन्होंने बताया कि इस मोर्चे के गठन की कवायद के तहत पिछले दिनों 17 दलों के नेताओं की बैठक हुई थी। सपा प्रमुख ने कहा कि कांग्रेस तथा भाजपा विरोधी सभी नेता तीसरे मोर्चे के गठन के लिये उत्सुक हैं। सपा का लक्ष्य है कि वह उत्तर प्रदेश की सभी 80 सीटें जीते। सपा तीसरे मोर्चे का सबसे बड़ा दल होगा। केन्द्र में सपा की भूमिका होगी। तभी देश में परिवर्तन होगा। गरीबों को मुफ्त अनाज देने की जरूरत बताते हुए यादव ने कहा कि केन्द्र में सपा की सरकार आने पर खाद्य सुरक्षा कानून के तहत एक-दो रुपये में अनाज के बजाय मुफ्त अन्न दिया जाएगा।
जम्मू कश्मीर में पंचायती राज संस्थाओं के सशक्तीकरण की कड़ी वकालत करते हुए राहुल ने कहा कि कांग्रेस सरपंचों के अधिकारों के लिए लड़ेगी
जम्मू कश्मीर में पंचायती राज संस्थाओं के सशक्तीकरण की कड़ी वकालत करते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज सरपंचों से वायदा किया कि उनकी पार्टी उनके अधिकारों के लिए लड़ेगी और राज्य सरकार पर इसके लिए दबाव बनाएगी। निर्वाचित पंचायत सदस्यों से राहुल की बैठक में उस समय कुछ ड्रामा भी देखने को मिला जब उनके भाषण के बीच में एक सरपंच शिकायत करने लगा कि उन्हें ‘‘राज्य सरकार से कुछ नहीं मिला।’’ एक सरपंच ने चिल्लाकर कहा, ‘‘हमें राज्य सरकार से कुछ नहीं मिला। हमें जो भी मिला, वह केंद्र सरकार से मिला।’’
राहुल की आज से शुरू हुई राज्य की दो दिन की यात्रा को कांग्रेस द्वारा पंचायती राज पर संविधान के 73वें और 74वें संशोधनों के कुछ प्रावधानों को शामिल करने के लिए गठबंधन सहयोगी नेशनल कान्फ्रेंस पर दबाव बनाने के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने सरपंचों को आश्वासन दिया, ‘‘वह 73वें संशोधन को कार्यान्वित करेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आपको आपका अधिकार मिलेगा। मैं आपके लिए यह लड़ाई लड़ूंगा। मैं आता रहूंगा और दबाव बनाना जारी रखूंगा..आपको यह लड़ाई लड़नी है। हम आपके साथ हैं। हम सभी मिलकर राज्य सरकार पर दबाव बनाएंगे। हम आपके साथ हैं। यह चीज 100 प्रतिशत होकर रहेगी।’’
नरेन्द्र मोदी को अभेद्य सुरक्षा प्रदान करने की भाजपा की मांग के परिप्रेक्ष्य में केंद्र ने कहा कि मोदी की सुरक्षा पर्याप्त, एसपीजी नहीं दे सकते
नरेन्द्र मोदी को अभेद्य सुरक्षा प्रदान करने की भाजपा की मांग के परिप्रेक्ष्य में सरकार ने उन्हें एसपीजी सुरक्षा मुहैया कराने की संभावना से इंकार करते हुए कहा है कि पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार की सुरक्षा को पहले ही मजबूत किया जा चुका है। गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने नरेन्द्र मोदी को पहले ही पर्याप्त सुरक्षा मुहैया करा दी है। जिस सुरक्षा की जरूरत है, हमने मोदी को दी है।’’
वह भाजपा के इन आरोपों पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे कि पटना में मोदी की रैली में हुए सिलसिलेवार बम धमाके मोदी सहित पार्टी नेतृत्व को खत्म करने के लिए थे। पार्टी ने मांग की थी कि केन्द्र सरकार मोदी को अभेद सुरक्षा प्रदान करने के लिए पर्याप्त उपाय करे। सिंह ने कहा, ‘‘हमने उन्हें (मोदी को) एनएसजी सुरक्षा प्रदान की है जो सुरक्षा का बहुत ऊंचा स्तर है। हमने किसी भी जगह की उनकी यात्रा से पहले वहां अग्रिम सुरक्षा अभ्यास का भी आदेश दिया है।
शिवसेना का भाजपा और इसके प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी पर परोक्ष रूप से प्रहार
भाजपा और इसके प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी पर परोक्ष रूप से हमला करते हुए शिवसेना ने आज कहा कि सत्ता हासिल करने के लिए अयोध्या में राम मंदिर और समान नागरिक संहिता जैसे मुद्दों की उपेक्षा की जा रही है। शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में मोदी पर परोक्ष हमला करते हुए लिखा गया है, ‘‘मोदी की रैलियों में बुरका पहनी महिलाओं को लाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। अल्पसंख्यकों को खुश करने के लिए हर कोई जल्दबाजी में है। कांग्रेस का विरोध करने के बजाए हर कोई अल्पसंख्यकों को खुश करने में लगा हुआ है।’’
भाजपा की राजनीति को निशाना बनाते हुए अखबार ने लिखा है, ‘‘सत्ता हासिल करने के लिए लोग राम मंदिर को भूल गए।’’ विधानसभा और आम चुनावों से पहले भाजपा द्वारा मुसलमानों तक पहुंच बनाने के प्रयास के बीच शिवसेना की यह टिप्पणी सामने आई है। वर्ष 2002 के दंगों को लेकर मोदी की आलोचना होती रही है। संपादकीय में यह भी दावा किया गया कि दीर्घावधि में देश हित में अल्पसंख्यकों का तुष्टिकरण खतरनाक है। शिवसेना ने कहा, ‘‘पहले हमने देखा कि सत्ता पाने के लिए राम मंदिर मुद्दे को दरकिनार कर दिया गया, समान नागरिक संहिता को दरकिनार किया गया।’’
कांग्रेस ने नरेन्द्र मोदी के ‘‘असर’’ के बारे में जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की टिप्पणियों को तवज्जो नहीं दी
कांग्रेस ने नरेन्द्र मोदी के ‘‘असर’’ के बारे में जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की टिप्पणियों को तवज्जो नहीं दी और साथ ही भाजपा पर चुटकी लेते हुए कहा कि आंधी भी ठीक नहीं है क्योंकि यह अपने साथ सिर्फ धूल मिट्टी लाती है। कांग्रेस प्रवक्ता मीम अफजल ने यहां संवादददाताओं से कहा कि भाजपा के कुछ नेता कह रहे हैं कि मोदी एक आंधी हैं। आंधी कभी अच्छी चीज लेकर नहीं आती। यह धूल मिट्टी लेकर आती है।
उमर अब्दुल्ला की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर अफजल ने कहा कि इस बारे में अब्दुल्ला से पूछिये। मुझे तो नहीं लगता कोई असर है। वह शायद कोई असर महसूस कर रहे हों। हो सकता है जम्मू कश्मीर में यह हो।’’ मोदी की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किये जाने के बारे में पूछे जाने पर अफजल ने कहा कि अगर सरकार ने कोई एलर्ट जारी किया है तो उसने सही ही किया होगा। अफजल ने कुछ दिन पहले पुणे में एक कार्यक्रम में लता मंगेशकर द्वारा मोदी की तारीफ किये जाने को भी कोई खास तवज्जो नहीं दी और कहा कि इसे राजनीतिक रूप से नहीं लिया जाना चाहिए।
भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने कहा कि ‘अहंकारी’ कांग्रेस मीडिया के सवालों का जवाब नहीं देती:
पत्रकारों के सवालों से बचने के लिए नरेन्द्र मोदी के संवाददाता सम्मेलन में नहीं आने के कानून मंत्री कपिल सिब्बल के आरोप का जवाब देते हुए भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार ने कहा कि ‘अहंकारी’ कांग्रेस मीडिया के सवालों का जवाब नहीं देती है। यहां एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, ''आप पिछले दो महीनों में कांग्रेस या संप्रग नेताओं के भाषणों को देखें, तब आप पायेंगे कि वे इस बारे में बात नहीं करते कि उन्होंने क्या किया है।’’ उन्होंने कहा, ''कांग्रेस इतनी अहंकारी हो गई है कि वह मीडिया के सवालों का जवाब नहीं देती है। मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री हैं और उनकी सरकार है, फिर भी उन्हें मोदी से जवाब चाहिए। जनता को जवाब देना आपका कर्तव्य है।’’
बीजेपी ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के मुजफ्फरनगर और आईएसआई से जुड़े विवादित बयान पर चुनाव आयोग से शिकायत की
नई दिल्ली. बीजेपी ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के मुजफ्फरनगर और आईएसआई से जुड़े विवादित बयान पर चुनाव आयोग से शिकायत की है। बीजेपी ने कांग्रेस की मान्यता रद्द किए जाने की भी मांग की है। राहुल ने पिछले दिनों इंदौर में अपने चुनावी भाषण में एक खुफिया अफसर के हवाले से दावा किया था कि आईएसआई के लोग मुजफ्फरनगर के दंगा प्रभावित युवकों के संपर्क में है। राहुल ने मुजफ्फरनगर दंगों के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे देश तोड़ने वाली पार्टी भी करार दिया था। बीजेपी ने मोदी की पटना रैली के दौरान हुए सीरियल बम ब्लास्ट के मद्देनजर आयोग से यह भी अनुरोध किया है कि मोदी की चुनावी रैलियों के दौरान पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी आज अहमदाबाद में एक मंच पर नजर आएंगे.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी आज अहमदाबाद में एक मंच पर नजर आएंगे. दोनों सरदार वल्लभ भाई पटेल को समर्पित संग्रहालय के उद्घाटन समारोह में शिरकत करेंगे.
इसके दो दिन बाद, 31 अक्टूबर को मोदी सरदार सरोवर बांध के नजदीक देश के पहले गृहमंत्री की विशाल प्रतिमा की नींव रखेंगे.
संग्रहालय का निर्माण सरदार वल्लभ भाई पटेल मेमोरियल सोसायटी ने किया है.
सीएसडीएस के सर्वे में MP में BJP को मिलेगी जोरदार जीत, छत्तीसगढ़ पर भी होगा कब्जा:
मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनावों में न सिर्फ बीजेपी अपनी सत्ता बचाएगी, बल्कि उसकी सीटों में भी इजाफा होगा. यह आकलन है चुनाव के पहले इन राज्यों में हुए सीएसडीएस के सर्वे का. एक अंग्रेजी चैनल और पत्रिका के लिए किए गए इस सर्वे के मुताबिक कांग्रेस इन दोनों ही राज्यों में फिर से बुरी तरह मुंह की खाएगी.
सर्वे के मुताबिक छत्तीसगढ़ की 90 सीटों में मुख्यमंत्री रमन सिंह के नेतृत्व वाली बीजेपी को 61 से 71 के बीच सीटें मिलने की संभावना है.जबकि कांग्रेस को 16-24 के बीच सीटें मिलेंगी. मौजूदा स्थिति की बात करें तो राज्य में बीजेपी के पास 50 सीटें हैं. यानी अजीत जोगी की नाराजगी दूर होने के बावजूद नक्सली हमले में नेताओं की मौत की भरपाई कांग्रेस नहीं कर पाएगी. चरणदास महंत का नेतृत्व पार्टी में कोई जान नहीं फूंक पा रहा है. और शानदार पीडीएस सिस्टम के सहारे रमन सिंह जीत की हैट्रिक लगाते दिख रहे हैं.
सलमान खुर्शी ने कहा ,पटना से परे भी है गृह मंत्री सुशील शिन्दे की जिन्दगी:
पटना में हुए श्रृंखलाबद्ध बम विस्फोटों के बाद केंद्रीय गृहमंत्री के बॉलीवुड के एक म्यूजिक लॉंच समारोह में शामिल होने की भाजपा की निन्दा को खारिज करते हुए कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने कहा है कि सुशील कुमार शिन्दे की ‘‘पटना से परे भी जिन्दगी है।’’
विस्फोटों के बावजूद रैली करने के लिए खुर्शीद ने प्रधानमंत्री पद के भाजपा के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की भी आलोचना की और कहा, ‘‘इस तरह की घटना होने के बाद, आप जो कर रहे, उसे वहीं छोड़ देना चाहिए।’’ धमाकों के चंद घंटे बाद एक फिल्म के म्यूजिक रिलीज में शिन्दे के शामिल होने का बचाव करते हुए विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘शिन्दे की पटना से परे भी जिन्दगी है-और जो हुआ वह नृशंस है।’’
कोयला घोटाला: सीबीआई जांच को तैयार हैं प्रधानमंत्री, बोले- मैं भी कानून से ऊपर नहीं
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि कोयला घोटाला मामले में वो सीबीआई का सामना करने को तैयार हैं. उन्होंने कहा कि वो मामले में सीबीआई जांच के लिए तैयार हैं और कोई भी कानून से ऊपर नहीं है. रूस और चीन की यात्रा से लौटते समय उन्होंने संवाददाताओं के सवाल के जवाब में ये बात कही. उन्होंने कहा, 'मेरे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और मैं इस मामले में किसी भी जांच के लिए तैयार हूं.'
भाजपा और राजग के इंडिया शाइनिंग नारे का कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने उड़ाया उपहास
भाजपा और राजग के ‘इंडिया शाइनिंग’ नारे की खिल्ली उड़ाते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि इसकी राजनीति से किसी को रोटी, रोजगार और खुशी नहीं मिली है। सागर जिला मुख्यालय से लगभग चालीस किलोमीटर दूर राहतगढ़ के फकीर दादा मैदान पर आज कांग्रेस की ‘सत्ता परिवर्तन रैली’ में राहुल ने कहा, ‘‘बुंदेलखण्ड सहित समूचा देश ‘इंडिया शाइनिंग’ की राजनीति का शिकार बन चुका है, उन्हें विकास के लिए जनता की चीख-पुकार सुनाई नहीं देती है। इससे किसी की भूख शांत नहीं हुई, किसी को रोजगार नहीं मिला और जनता भी खुश नहीं हुई।’’
बुंदेलखण्ड अंचल को एक ऐतिहासिक इलाका बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने इस पिछड़े क्षेत्र के लिए तीन हजार करोड़ रुपये दिए, लेकिन उन्हें बताया गया है कि किसानों से कुंआ खोदने के लिए रिश्वत तक की मांग की गई है। बुंदेलखण्ड पैकेज पर अमल में भ्रष्टाचार हुआ है और केन्द्र के पैसे का यहां दुरूपयोग हुआ है। भाजपा पर उद्योगपतियों की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि विकास की बात वह भी करते हैं और हम भी करते हैं। लेकिन हम विकास के साथ-साथ अधिकारों की बात भी करते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नवंबर में होने वाले चुनाव के बाद यहां यदि कांग्रेस की सरकार बनी, तो वह किसी नेता की नहीं आम आदमी की सरकार होगी।
गैरकांग्रेस, गैरभाजपा दलों को साथ लाएंगेः शरद
राजग के पूर्व सहयोगी जदयू ने भाजपा पर आज आरोप लगाया कि वह भ्रष्टाचार, महंगाई और अन्य मुद्दों पर विपक्षी एकजुटता को नुकसान पहुंचा रही है। इसके साथ जदयू ने संकल्प व्यक्त किया कि वह 30 अक्तूबर को गैर-भाजपा और गैर-कांग्रेस बलों को प्रभावी विकल्प के रूप में एक मंच पर लाएगा। हालांकि दल ने इसे तीसरा मोर्चा कहने से परहेज किया।
दिलचस्प है कि जयललिता की पार्टी अन्नाद्रमुक और नवीन पटनायक की पार्टी बीजद के प्रतिनिधि भी माकपा, भाकपा, जदयू, सपा और पूर्वोत्तर की कुछ पार्टियों के साथ बैठक में शामिल होंगे। भाजपा को उम्मीद है कि अगले लोकसभा चुनावों के बाद अन्नाद्रमुक और बीजद उसके संभावित सहयोगी बन सकते हैं। प्रस्तावित ''सांप्रदायिकता के खिलाफ और लोगों की एकजुटता के लिए सम्मेलन’’ की खातिर वाम के साथ अहम भूमिका निभाने वाले जदय प्रमुख शरद यादव ने बहरहाल कहा कि हालांकि यह नहीं कहा जा सकता कि कोई तीसरा मोचा आकार ले रहा है लेकिन प्रयास सभी गैर-कांग्रेस और गैर-भाजपा दलों को एक साथ लाने का है जो मौजूदा सरकार के भ्रष्टाचार और महंगाई के खिलाफ हैं।
भाई के बचाव में उतरे रामदेव, कांग्रेस पर बरसे
योग गुरु रामदेव आज अपने भाई के बचाव में उतर आये, जिस पर हरिद्वार स्थित पतंजलि योग पीठ के पूर्व कर्मचारी को अगवा करके बंधक बनाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। रामदेव ने इस आरोप को झूठा बताते हुए दावा किया कि यह मामला कांग्रेस के कथित ‘डर्टी ट्रिक्स’ विभाग के इशारे पर उत्तराखंड पुलिस का दुरुपयोग करते हुए कायम किया गया, ताकि उन्हें बदनाम किया जा सके।
रामदेव ने इंदौर प्रेस क्लब में ‘प्रेस से मिलिये’ कार्यक्रम में कहा, ‘केंद्र और उत्तराखंड सरकार की अगुवा कांग्रेस ने हरिद्वार के कनखल पुलिस थाने का दुरुपयोग करते हुए राम भरत (रामदेव का भाई) के खिलाफ एक व्यक्ति के अपहरण और उसे बंधक बनाकर रखने का झूठा मामला दर्ज कराया है।’ योग गुरु ने कहा, ‘कांग्रेस का डर्टी ट्रिक्स विभाग मेरी छवि को नुकसान पहुंचाने की साजिश के तहत लगातार ऐसे हथकंडे अपना रहा है, क्योंकि मैं अपने देशव्यापी अभियान के तहत कांग्रेस के घोटालों की लगातार पोल खोल रहा हूं और पार्टी के प्रथम परिवार के खिलाफ बोल रहा हूं।’
लोकसभा के लिए अयोग्य ठहराए गए लालू प्रसाद
चारा
घोटाले में दोषी पाए जाने के बाद जेल में बंद राजद प्रमुख लालू प्रसाद और
जदयू के नेता जगदीश शर्मा की लोकसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई है। चुनावी
नियमों के अनुसार, लालू प्रसाद को 11 सालों (5 साल जेल और रिहाई के बाद के
छह साल) के लिए अयोग्य ठहराया गया है जबकि शर्मा को 10 साल (4 साल जेल और
रिहाई के बाद के 6 साल) के लिए अयोग्य ठहराया गया है। उच्चतम न्यायालय ने
दोषी सांसदों को संसद की सदस्यता से अयोग्य ठहराए जाने से बचाने वाले एक
प्रावधान को निरस्त कर दिया है। अदालत के उस फैसले के बाद लोकसभा सदस्यता
गंवाने लालू और शर्मा पहले सांसद हैं। इससे पहले सोमवार को कांग्रेस के
सांसद रशीद मसूद को राज्यसभा की सदस्यता से अयोग्य करार दिया गया है जो एक
भ्रष्टाचार के मामले में दोषी पाए जाने पर जेल भेज दिए गए हैं।
देश में मोदी लहर नहीं, कांग्रेस ही जीतेगीः पुनिया
नरेन्द्र
मोदी को भाजपा के प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाये जाने से उत्तर
प्रदेश में पार्टी को जबर्दस्त फायदा मिलने की अटकलों को सिरे से खारिज
करते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पीएल पुनिया ने कहा कि
मोदी के उभरने से भाजपा के भीतर का अंतरद्वन्द्व खुल कर सामने आ गया है और
लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ‘नंबर वन’ पार्टी रहेगी। राष्ट्रीय अनुसूचित
जाति आयोग का पुन: अध्यक्ष नियुक्त किये जाने के बाद पुनिया ने कहा, ‘‘मोदी
के उभरने से उनकी ही पार्टी के लोग प्रभावित हुए हैं। उनके नेताओं का
अंतरद्वन्द्व उभर कर सामने आ गया है। यह उनके (मोदी) बारे में समाज के
अंतरद्वन्द्व को प्रदर्शित करता है। उनके उभरने से उत्तर प्रदेश या
राष्ट्रीय स्तर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। नाटकीय ढंग से भाषण देने से वोट
नहीं मिलता।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सोनिया गांधी के मार्गदर्शन में कांग्रेस
‘नबंर वन’ पार्टी थी और आगे भी ‘नंबर वन’ पार्टी रहेगी।’’
कांग्रेस के राज्यसभा सांसदरशीद मसूद की राज्यसभा सदस्यता खत्म हुई
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद रशीद मसूद की आज उच्च सदन की सदस्यता समाप्त घोषित कर दी गयी। उन्हें पिछले दिनों एक स्थानीय अदालत ने एमबीबीएस सीट घोटाले में सजा सुनाई थी। जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया था।मसूद की सदस्यता उच्चतम न्यायालय के उस फैसले के आलोक में गयी है जिसमें न्यायालय ने कहा था कि दागी सांसदों, विधायकों को सजा सुनाए जाने के साथ ही उनकी संबंधित सदन की सदस्यता चली जाएगी।
डॉ हर्षवर्धन होंगे दिल्ली में बीजेपी के सीएम उम्मीदवारदिल्ली में बीजेपी का मुख्यमंत्री प्रत्याशी कौन होगा, इसका फैसला पार्टी ने कर लिया है. सूत्रों के हवाले से खबर है कि बीजेपी के मुख्यमंत्री उम्मीदवार डॉ. हर्षवर्धन होंगे.| सूत्रों ने बताया कि इसकी औपचारिक घोषणा आज शाम को हो सकती है. दरअसल, राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली फिलहाल दिल्ली में नहीं है. उनके दिल्ली वापस आने पर नाम का ऐलान कर दिया जाएगा.
चिदंबरम से मिले बिड़ला, कहा- कुछ गलत नहीं किया
डॉ हर्षवर्धन होंगे दिल्ली में बीजेपी के सीएम उम्मीदवारदिल्ली में बीजेपी का मुख्यमंत्री प्रत्याशी कौन होगा, इसका फैसला पार्टी ने कर लिया है. सूत्रों के हवाले से खबर है कि बीजेपी के मुख्यमंत्री उम्मीदवार डॉ. हर्षवर्धन होंगे.| सूत्रों ने बताया कि इसकी औपचारिक घोषणा आज शाम को हो सकती है. दरअसल, राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष अरुण जेटली फिलहाल दिल्ली में नहीं है. उनके दिल्ली वापस आने पर नाम का ऐलान कर दिया जाएगा.
चिदंबरम से मिले बिड़ला, कहा- कुछ गलत नहीं किया
कोयला घोटाले से जुड़े मामले आरोपी बनाए गए उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला ने शुक्रवार को वित्त मंत्री पी. चिदंबरम से मुलाकात की। मुलाकात के बाद आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन ने कहा कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है और वे एफआईआर को लेकर चिंतित नहीं हैं।
सीबीआई ने इस मामले में तीन दिन पहले 14वीं एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें कुमार मंगलम बिड़ला, हिंडाल्को और पूर्व कोयला सचिव पीसी पारेख के नाम हैं। कुमार मंगलम पर धोखाधड़ी और षड्यंत्र का आरोप है। सीबीआई 29 अक्टूबर से पहले कुछ और एफआईआर दर्ज कर सकती
मोदी की काट के लिए राहुल गांधी ने बनाई टीम, कई प्रोफेसर-पत्रकार शामिल
कांग्रेस ने पांच राज्यों के चुनाव को ध्यान में रखकर वार रूम जैसे ही नए ठिकाने और तेजतर्रार युवाओं की बैक रूम टीम तैयार की है। एक अलग टीम मोदी के भाषणों पर नजर रख रही है। इसमें कुछ प्रोफेसर, पत्रकार व अन्य प्रोफेशनल्स शामिल हैं। राजीव गांधी फाउंडेशन सहित राजनीति में सीधा दखल न रखने वाले पार्टी से संबद्ध कुछ संगठन परदे के पीछे राहुल गांधी की टीम का हिस्सा बनकर काम कर रहे हैं।
दस, जनपथ के बिल्कुल नजदीक सांसद हनुमंत राव के आवास 11, जनपथ को सोशल मीडिया टीम के मानीटरिंग स्थल के रूप में तैयार किया जा रहा है। यहां से मीडिया कोआर्डिनेटर चुनाव से जुड़ी बैठकें करेंगे। सोशल मीडिया की गतिविधियां भी संचालित होंगी। कांग्रेस सांसद हनुमंत राव ने इस संबंध में पूछे जाने पर कहा, ‘मेरा आवास पार्टी कार्यालय के निकट है इसलिए बैठकों के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।’