हर्षित श्रीवास्तव, :- विश्व के कई शोधकर्ताओ द्वारा दुनिया के तमाम ऐसे जगहों पर खतरनाक वायरस कि जांच किया जा रहा है जिससे भविष्य में आने वाली महामारी का पहले से ही पता कर सकेगे । अबतक दुनिया में 500 से अधिक खतरनाक वायरस को खोजा जा चुका है। लेकिन सबसे अहम बात यह है कि इन्हें ऐसी गुफाओं में पाया गया है, जहां सबसे ज्यादा चमगादड़ों कि बस्ती है। हालांकि बता दे चीन के यूनान प्रांत में मौजूद चूना पत्थर की सबसे बड़ी गुफाओं में वैज्ञानिकों एक दल इस गुफा में जाकर वहां से कुछ सैंपल लिए है जिससे ऐसे वायरसों की पहचान की जा सके। बता दे की अमेरिका की एक एनजीओ इकोहेल्थ एलाइंस नए और खतरनाक वायरसों की पहचान और बचाव करने में मदद करता है। इन सभी रिसर्चों से वैज्ञानिक इसकी जानकारी की मदद से बताते है कि कौन सा वायरस इंसानों में फैल सकता है ताकि कोरोना वायरस जैसी महामारी से बचने के लिए पूरी दुनिया को पहले ही त्यार किया का सकता है। दावा यह भी है कि चमगादड़ों से दवा बनाने में मदद भी मिल सकती है। हालांकि शोध के मुताबिक बताया गया है कि यह वायरस चमगादड़ों से फैला है। लेकिन बताया गया की चमगादड़ों से लिए गए रक्ट के नमूनों से एंटीबॉडी मिले है, जोकि वायरस से लड़ने के लिए बनते है। इन एंटीबॉडी की मदद से कोरोना वायरस से लड़ने के लिए वैक्सीन बनाई जा सकती है। पहले भी कितने वायरसों का जन्म चमगादड़ों द्वारा हो ज्यादा पाया गया है।
हर्षित श्रीवास्तव, :- विश्व के कई शोधकर्ताओ द्वारा दुनिया के तमाम ऐसे जगहों पर खतरनाक वायरस कि जांच किया जा रहा है जिससे भविष्य में आने वाली महामारी का पहले से ही पता कर सकेगे । अबतक दुनिया में 500 से अधिक खतरनाक वायरस को खोजा जा चुका है। लेकिन सबसे अहम बात यह है कि इन्हें ऐसी गुफाओं में पाया गया है, जहां सबसे ज्यादा चमगादड़ों कि बस्ती है। हालांकि बता दे चीन के यूनान प्रांत में मौजूद चूना पत्थर की सबसे बड़ी गुफाओं में वैज्ञानिकों एक दल इस गुफा में जाकर वहां से कुछ सैंपल लिए है जिससे ऐसे वायरसों की पहचान की जा सके। बता दे की अमेरिका की एक एनजीओ इकोहेल्थ एलाइंस नए और खतरनाक वायरसों की पहचान और बचाव करने में मदद करता है। इन सभी रिसर्चों से वैज्ञानिक इसकी जानकारी की मदद से बताते है कि कौन सा वायरस इंसानों में फैल सकता है ताकि कोरोना वायरस जैसी महामारी से बचने के लिए पूरी दुनिया को पहले ही त्यार किया का सकता है। दावा यह भी है कि चमगादड़ों से दवा बनाने में मदद भी मिल सकती है। हालांकि शोध के मुताबिक बताया गया है कि यह वायरस चमगादड़ों से फैला है। लेकिन बताया गया की चमगादड़ों से लिए गए रक्ट के नमूनों से एंटीबॉडी मिले है, जोकि वायरस से लड़ने के लिए बनते है। इन एंटीबॉडी की मदद से कोरोना वायरस से लड़ने के लिए वैक्सीन बनाई जा सकती है। पहले भी कितने वायरसों का जन्म चमगादड़ों द्वारा हो ज्यादा पाया गया है।