सिद्ध भूमि न्यूज़ नेटवर्क : कुशीनगर में कोरोना महामारी के इस संक्रमण काल में मुसहरों का एक पूरा गांव ही चेचक के गिरफ्त में आ गया है. एक तरफ मुसहरों को लॉक डाउन के कारण काम न मिलने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. वहीं इस संकट की घड़ी में चेचक ने उन्हें और अधिक संकट में ला खड़ा किया है. इस मामले पर स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सामने आ रही है भी इसके प्रकोप को और फैलने पर मजबूर कर रही है | विगत 15 दिनों से मुसहर बस्ती के लोग चेचक के प्रभाव से त्रस्त हैं और जिले के स्वास्थ्य महकमे पर जू तक नहीं रेंग रहा | ज्यादा हो हल्ला के बाद एक एएनएम गांव में गई और सिर्फ दवाईंया बांटकर अपनी जिम्मेदारी से मुक्ति पा लिया. चिकित्सा अधीक्षक गांव में गये तो सिर्फ फोटो खिंचवाकर वापस आ गये. उन्होंने ना तो कोई जांच की और ना ही किसी तरह का छिड़काव ही गांव में कराया |
बता दें कि पडरौना विकास खण्ड के ग्राम सभा बरवा कला में मुसहरों के कुल 18 परिवार हैं. ग्राम प्रधान के अनुसार लगभग बीस दिन पहले गांव के दो बच्चों को चेचक का प्रकोप हुआ. इसकी सूचना पर आशा ने इन्हें दवा का टिकिया थमा दिया लेकिन इतने मात्र से यह ठीक होने के बजाय धीरे-धीरे यह पूरे गाँव मे फैल गया. वर्तमान समय में मुसहरों का कोई ऐसा परिवार नहीं है जो चेचक के प्रकोप से अछूता हो | मुसहरों के इस तस्वीर को देख कर स्थिति देख का अन्दाजा लगाया जा सकता है. ग्रामीण बिदुर कुशवाहा ने बताया कि इसकी सूचना सीएचसी प्रभारी को शुरुआत में ही दे दी गयी थी. लेकिन अब तक कोई ऐसा कदम नहीं उठाया गया. जिससे इन मुसहरों को चेचक के प्रकोप से बचाया जा सके.| ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान द्वारा गांव में अब तक दवा का छिड़काव भी नहीं कराया है. वहीं सीएचसी प्रभारी से जब इस पर सवाल किया गया तो वे खुद का बचाव करते हुए दिखे. स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही ने इस वैश्विक संकट काल में मुसहरों को मौत के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है |
सिद्ध भूमि न्यूज़ नेटवर्क:: शिवाजी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय का 59वाँ वार्षिकोत्सव 29 जून 2020 को आयोजित किया गया। कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष यह समारोह ऑनलाइन माध्यम के द्वारा संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में रॉय फाउंडेशन के संस्थापक श्री संजीव रॉय आमंत्रित थे। उन्होंने इस अकादमिक सत्र के पुरस्कृत सभी छात्रों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा - “कोरोना के इस संकटग्रस्त अनिश्चित दौर में हमें अपनी क्षमताओं को पहचानना होगा। अपनी अंतर्निहित क्षमताओं द्वारा नये अवसरों का सृजन करना होगा। उन्होंने कहा कि वो यंग इंडिया में नई संभावनाओं को देखते हैं। जब यंग इंडिया की बात होती है, तब पूरा भारत इस देश के युवाओं की ओर हसरत भरी निगाहों से देखता है।" इस अवसर पर शिवाजी कॉलेज के पूर्व छात्र और दिल्ली उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री एन. हरिहरन ने अपने विशिष्ट वक्तव्य में कहा कि “ हमें भविष्य की संभावनाओं के प्रति अपने दिलो दिमाग को खुला रखना चाहिए। अपने कॉलेज के दिनों की स्...