श्रेय आर्या : संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने कहा है कि कोरोनावायरस के बीच चरमपंथी समूहों के द्वारा युवाओं को निशाना बनाया जा सकता है और उन्हें कट्टर बनने के लिए उकसाया जा सकता है। उन्होंने कहा है कि ऐसे संवेदनशील हालातों में दुनिया की एक पूरी पीढ़ी का भटकना किसी भी लिहाज से ठीक नहीं होगा। महासचिव ने सोमवार को सुरक्षा परिषद से कहा है कि है कि इस संकट से पहले ही कई सारे युवा चुनौतियों का सामना कर रहे हैं ऐसे में सोशल मीडिया द्वारा उनके अंदर कट्टरता लाना और भी आसान हो जाता है। महासचिव ने कहा कि हर पांच में से एक युवा अर्थात 20% युवाओं की जनसंख्या पहले से ही शिक्षा, प्रशिक्षण एवं रोजगार को तरस रही है और हर 4 नौजवानों में से एक हिंसा या किसी न किसी प्रकार से प्रभावित है। हर साल 1.2 करोड़ नाबालिक लड़कियां मां बनती हैं ऐसे में चरमपंथी समूहों के लिए युवाओं को कट्टरपंथी बनाना आसान हो जाता है। अब यह चरमपंथी नई तकनीक का सहारा ले रहे हैं इन्होंने नफरत फैलाने के लिए सोशल मीडिया जैसे उपकरणों का इस्तेमाल करना भी शुरू कर दिया है।
सिद्ध भूमि न्यूज़ नेटवर्क:: शिवाजी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय का 59वाँ वार्षिकोत्सव 29 जून 2020 को आयोजित किया गया। कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष यह समारोह ऑनलाइन माध्यम के द्वारा संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में रॉय फाउंडेशन के संस्थापक श्री संजीव रॉय आमंत्रित थे। उन्होंने इस अकादमिक सत्र के पुरस्कृत सभी छात्रों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा - “कोरोना के इस संकटग्रस्त अनिश्चित दौर में हमें अपनी क्षमताओं को पहचानना होगा। अपनी अंतर्निहित क्षमताओं द्वारा नये अवसरों का सृजन करना होगा। उन्होंने कहा कि वो यंग इंडिया में नई संभावनाओं को देखते हैं। जब यंग इंडिया की बात होती है, तब पूरा भारत इस देश के युवाओं की ओर हसरत भरी निगाहों से देखता है।" इस अवसर पर शिवाजी कॉलेज के पूर्व छात्र और दिल्ली उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री एन. हरिहरन ने अपने विशिष्ट वक्तव्य में कहा कि “ हमें भविष्य की संभावनाओं के प्रति अपने दिलो दिमाग को खुला रखना चाहिए। अपने कॉलेज के दिनों की स्...