डॉली गर्ग : पूरा देश करोना वायरस से लड़ रहा है जिसका सबसे ज्यादा प्रभाव महाराष्ट्र में पड़ा है। महाराष्ट्र में करोना के अब तक कुल 6817 मरीज़ है, 840 मरीज़ ठीक हुए है और 301 मरीज़ो की मृत्यु हुई है। और मुंबई के झोपड़पट्टी वाले क्षेत्रों में करोना वायरस धीरे-धीरे अपनी पकड़ बनता जा रहा है जो स्वास्थ्य विभाग के
लिए चिंता का विषय बन चुका है क्योंकि इन क्षेत्रों में न सिर्फ एक छोटे से कमरे में कई-कई लोग रहते है, बल्कि वे सार्वजनिक शौचालयों का उपयोग करते है। मुंबई में एशिया की सबसे बड़ी झोपड़पट्टी धारावी में लगातर करोना के केस सामने आ रहे है जिसके लिए सरकार ने घर-घर जाकर जांच करने का फैसला किया
है, लेकिन सिर्फ़ दो वर्ग किलोमीटर में रहने वाली 12 लाख से अधिक आबादी वाले क्षेत्र में घर-घर जाकर जांच करना आसान नहीं है। इसके लिए महाराष्ट्र सरकार ने पूल टेस्टिंग की योजना को अपनाया है जिसमें कुछ घरों के नमूने एक साथ लेकर उन्हें एक ही टेस्ट ट्यूब में डालकर उनकी सामूहिक टेस्टिंग की जाती है। यदि यह नमूना पॉजिटिव निकला, तो इसमें शामिल सभी लोगों की फिर से अलग-अलग टेस्टिंग की जाती है। अन्यथा उस पूरे समूह को नेगेटिव मान लिया जाता है। इस योजना से कम समय में ज्यादा लोगों की टेस्टिंग हो पाएगी और सक्रमण के फैलने का ख़तरा कम हो जाएगा।