वंशिका सक्सेना : क्रिकेट में गेंद को चमकाने के लिए कृत्रिम पदार्थ के इस्तेमाल को बॉल टेंपरिंग माना जाता है| कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे से बचने के लिए अब गेंदबाज गेंद को लार से चमकाने के पारंपरिक तरीके से बचेंगे| अब से बॉल टेंपरिंग के लिए किसी मान्य पदार्थ को गेंद चमकाने के लिए प्रयुक्त करने की मान्यता दी जा सकती है|कृत्रिम पदार्थ से गेंद को चमकाने की अनुमति देने पर विचार किया जा रहा है| टेस्ट क्रिकेट में गेंद की चमक अहम होती है क्योंकि इससे गेंदबाजों को गेंद स्विंग और रिवर्स स्विंग कराने में मदद मिलती है| अगर इस विकल्प को मंजूरी मिलती है तो यह बहुत अहम फैसला होगा क्योंकि गेंद पर रेगमाल रगड़ने की कोशिश से स्मिथ और वॉर्नर पर 2018 में 1 साल का प्रतिबंध लगा था| हालांकि आईसीसी की मुख्य कार्यकारिणी समिति के एक सदस्य ने इस तरह की चर्चा की बात से इनकार किया है| साथ ही कहा कि बॉल टेंपरिंग के नियमों में बदलाव लाने की बात पर विचार करने की संभावना तब होगी जब लगेगा कि क्रिकेट की वापसी होने वाली है|
सिद्ध भूमि न्यूज़ नेटवर्क:: शिवाजी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय का 59वाँ वार्षिकोत्सव 29 जून 2020 को आयोजित किया गया। कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष यह समारोह ऑनलाइन माध्यम के द्वारा संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में रॉय फाउंडेशन के संस्थापक श्री संजीव रॉय आमंत्रित थे। उन्होंने इस अकादमिक सत्र के पुरस्कृत सभी छात्रों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा - “कोरोना के इस संकटग्रस्त अनिश्चित दौर में हमें अपनी क्षमताओं को पहचानना होगा। अपनी अंतर्निहित क्षमताओं द्वारा नये अवसरों का सृजन करना होगा। उन्होंने कहा कि वो यंग इंडिया में नई संभावनाओं को देखते हैं। जब यंग इंडिया की बात होती है, तब पूरा भारत इस देश के युवाओं की ओर हसरत भरी निगाहों से देखता है।" इस अवसर पर शिवाजी कॉलेज के पूर्व छात्र और दिल्ली उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री एन. हरिहरन ने अपने विशिष्ट वक्तव्य में कहा कि “ हमें भविष्य की संभावनाओं के प्रति अपने दिलो दिमाग को खुला रखना चाहिए। अपने कॉलेज के दिनों की स्...
