हिमांशु सिंह:- अपनी अदाकारी से हर किसी के दिल पर राज करने वाले फिल्म अभिनेता इरफान खान का बुधवार को निधन हो गया.| मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में इरफान खान ने 54 साल की उम्र में अंतिम सांस ली | इरफान काफी लंबे वक्त से बीमार थे और बीते दिनों ही उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था | साल 2018 में ही उन्होंने दुनिया को कैंसर के बारे में जानकारी दी थी, लेकिन दो साल बाद ये जिंदगी से जारी इस जंग को इरफान हार गए. दिग्गज कलाकार के जाने से बॉलीवुड में शोक का माहौल है.| अस्पताल के बयान के मुताबिक, इरफान खान पेट की समस्या से जूझ रहे थे, उन्हें Colon infection हुआ था, फिल्म डायरेक्टर शूजीत सरकार ने इरफान खान के निधन की जानकारी सबसे पहले दी, उसके बाद अस्पताल की ओर से बयान जारी किया गया | फिल्म डायरेक्टर सुजीत सरकार ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि इरफान खान का निधन हो गया है। सुजीत सरकार ने लिखा ‘मेरे प्यारे दोस्त इरफान आप लड़ते रहे… लड़ते रहे और लड़ते रहे। मुझे हमेशा आप पर गर्व रहेगा और हम दोबारा मिलेंगे… श्रद्धांजलि’। इरफान खान के अचानक निधन से हर कोई शॉक में है। इरफान खान के फैंस से लेकर तमाम बॉलीवुड स्टार्स के एक एक कर रिएक्शन सामने आ रहे हैं। इरफान खान के जाने की खबर सुन कर करण जौहर ने भी ट्वीट किया है। करण जौहर ने अपने ट्वीट में लिखा- ‘शुक्रिया इतनी सारी अच्छी फिल्मों के लिए। कलाकारों का दायरा बढ़ाने के लिए शुक्रिया। हमारे सिनेमा को ऊंचाइयां देने के लिए शुक्रिया। हम आपको सदा याद रखेंगे। आपकी मौजूदगी हमारी जिंदगियों में हमेशा रहेगी।
सिद्ध भूमि न्यूज़ नेटवर्क:: शिवाजी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय का 59वाँ वार्षिकोत्सव 29 जून 2020 को आयोजित किया गया। कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष यह समारोह ऑनलाइन माध्यम के द्वारा संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में रॉय फाउंडेशन के संस्थापक श्री संजीव रॉय आमंत्रित थे। उन्होंने इस अकादमिक सत्र के पुरस्कृत सभी छात्रों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा - “कोरोना के इस संकटग्रस्त अनिश्चित दौर में हमें अपनी क्षमताओं को पहचानना होगा। अपनी अंतर्निहित क्षमताओं द्वारा नये अवसरों का सृजन करना होगा। उन्होंने कहा कि वो यंग इंडिया में नई संभावनाओं को देखते हैं। जब यंग इंडिया की बात होती है, तब पूरा भारत इस देश के युवाओं की ओर हसरत भरी निगाहों से देखता है।" इस अवसर पर शिवाजी कॉलेज के पूर्व छात्र और दिल्ली उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री एन. हरिहरन ने अपने विशिष्ट वक्तव्य में कहा कि “ हमें भविष्य की संभावनाओं के प्रति अपने दिलो दिमाग को खुला रखना चाहिए। अपने कॉलेज के दिनों की स्...
