वंशिका सक्सेना : टोक्यो ओलंपिक के लिए चयनित होने वाली टीम के टॉप 8 दावेदारों में जगह बनाने वाली करनाल की 15 वर्षीय तीरंदाज रिद्धि पुणे में पिछले 1 माह से फंसी हुई हैं| इतनी कम उम्र में 5 अंतरराष्ट्रीय और 43 राष्ट्रीय स्तर के पदक जीतने वाली इस तीरंदाज ने भारतीय तीरंदाजी संघ एएआई से गुहार लगाई है कि उन्हें करनाल भेजने की व्यवस्था की जाए| एएआई ने ओलंपिक तैयारियों के लिए आर्मी इंस्टिट्यूट पुणे में कैंप लगा रखा था जो कोरोना के चलते 21 मार्च को समाप्त कर दिया गया| रिद्धि के पिता मनोज कुमार ने फेडरेशन की अनुमति लेकर एएसआई के बाहर किराए का मकान लेकर रिद्धि को मां के साथ रखा| पिता कार से बेटी को लेने पुणे पहुंचे पर कर्फ्यू की वजह से रिद्धि माता पिता के साथ ही पुणे में फंस गई| किराए का कमरा खाली करने के बाद मनोज ने परिवार सहित दोस्त के यहां शरण ले रखी है| एएआई के महासचिव प्रमोद चंद्राकर का कहना है कि रिद्धि को पुणे से निकालने के लिए इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) से बात की गई है|
सिद्ध भूमि न्यूज़ नेटवर्क:: शिवाजी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय का 59वाँ वार्षिकोत्सव 29 जून 2020 को आयोजित किया गया। कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष यह समारोह ऑनलाइन माध्यम के द्वारा संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में रॉय फाउंडेशन के संस्थापक श्री संजीव रॉय आमंत्रित थे। उन्होंने इस अकादमिक सत्र के पुरस्कृत सभी छात्रों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा - “कोरोना के इस संकटग्रस्त अनिश्चित दौर में हमें अपनी क्षमताओं को पहचानना होगा। अपनी अंतर्निहित क्षमताओं द्वारा नये अवसरों का सृजन करना होगा। उन्होंने कहा कि वो यंग इंडिया में नई संभावनाओं को देखते हैं। जब यंग इंडिया की बात होती है, तब पूरा भारत इस देश के युवाओं की ओर हसरत भरी निगाहों से देखता है।" इस अवसर पर शिवाजी कॉलेज के पूर्व छात्र और दिल्ली उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री एन. हरिहरन ने अपने विशिष्ट वक्तव्य में कहा कि “ हमें भविष्य की संभावनाओं के प्रति अपने दिलो दिमाग को खुला रखना चाहिए। अपने कॉलेज के दिनों की स्...