हर्षित श्रीवास्तव, :- कोरोना वायरस के इलाज़ में दिल्ली के डॉक्टर्स को कामयाबी प्राप्त हुई है। एलएनजेपी अस्पताल में प्लाज़्मा थेरेपी द्वारा इलाज़ के काफ़ी अच्छे परिणाम आए है। जिससे देखते हुए केजरवाल सरकार इसका प्रयोग का दायरा बढ़ाने की बात कही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार को एलएनजेपी अस्पताल के कुछ बेहद गंभीर मरीजों के लिए इस थेरेपी का प्रयोग करने की मंजूरी मिली थी। डॉक्टरों ने बताया उनकी टीम ने अब तक चार मरीजों पर इसका प्रयोग किया है। जिसके नतीजे बेहद उत्साहित करने वाले हैं, इससे वायरस से लड़ने में पूरी चिकित्सक टीम का मनोबल बढ़ा है। बता दे की चार में से दो मरीज़ आईसीयू में थे जिन्हें सांस लेने की भी समस्या आ रही थी। लेकिन डॉक्टर्स का कहना है कि इस प्रयोग के बाद अब उन्हें तीन दिन बाद आईसीयू से बाहर निकाल दिया जाएगा। डॉक्टर्स ने कहा यह अच्छी बात है लेकिन हम अभी ज्यादा उत्साहित नहीं होंगे अभी हम इस थेरेपी का 3 से 4 लोगों पर और परीक्षण करेंगें। अगर परीक्षण के बाद परिणाम अच्छे निकले तो हम केंद्र सरकार से भी देश के बाकी अस्पताल में इसका परीक्षण करने की मंजूरी मांगेंगे। हालांकि बता दे अगर इसके परीक्षण आगे सफल होते है तो स्वस्थ मरीजों को आगे आकर प्लाजमा डोनर के रूप में देश के अन्य कोरोना संक्रमित मरीजों का साथ देना होगा। प्लाजमा थेरेपी का प्रयोग पहली बार 1901 में डिप्थीरिया के इलाज़ में हुआ था। लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि यह कोरोना का स्थाई इलाज़ तो नहीं है। बस यह एक ऐसा तरीका है जिससे सही समय रहते हुए मरीजों कि बचाया जा सकता है।
सिद्ध भूमि न्यूज़ नेटवर्क:: शिवाजी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय का 59वाँ वार्षिकोत्सव 29 जून 2020 को आयोजित किया गया। कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष यह समारोह ऑनलाइन माध्यम के द्वारा संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में रॉय फाउंडेशन के संस्थापक श्री संजीव रॉय आमंत्रित थे। उन्होंने इस अकादमिक सत्र के पुरस्कृत सभी छात्रों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा - “कोरोना के इस संकटग्रस्त अनिश्चित दौर में हमें अपनी क्षमताओं को पहचानना होगा। अपनी अंतर्निहित क्षमताओं द्वारा नये अवसरों का सृजन करना होगा। उन्होंने कहा कि वो यंग इंडिया में नई संभावनाओं को देखते हैं। जब यंग इंडिया की बात होती है, तब पूरा भारत इस देश के युवाओं की ओर हसरत भरी निगाहों से देखता है।" इस अवसर पर शिवाजी कॉलेज के पूर्व छात्र और दिल्ली उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री एन. हरिहरन ने अपने विशिष्ट वक्तव्य में कहा कि “ हमें भविष्य की संभावनाओं के प्रति अपने दिलो दिमाग को खुला रखना चाहिए। अपने कॉलेज के दिनों की स्...
