धैर्या बत्रा, : हेल्थ प्रोफेशनल्स का कहना है कि इम्यून सिस्टम बढ़िया करने के लिए सिर्फ मल्टीविटामिन की टेबलेट ही काफी नहीं, बल्कि खाने में सुधार करना होगा।इम्युनिटी यानी शरीर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता के लिए जरूरी है कि हम हाई-प्रोटीन डायट लें। आमतौर पर हमारे रोजमर्रा के खाने में प्रोटीन लगभग 15% तक रहता है। लेकिन अब हमें इसे 'रिलेटिवली हाई' रखने की जरूरत है यानी लगभग 25 तक। कार्बोहाइडेड की मात्रा लगभग 50 प्रतिशत तक हो। इसके अलावा ज्यादा से ज्यादा ऐसी चीजें खानी चाहिए जिसमें आयरन की मात्रा ज्यादा हो। सूखे मेवों में रात को भिगोए हुए बादाम इम्युनिटी बढ़ाते हैं। साथ ही अखरोट और किशमिश खाना भी शरीर को मजबूती देता है। इसके साथ ही कुछ आर्युवेदिक नुस्खे भी अपनाए जा सकते हैं, जिनका अगर फायदा न हो तो भी कोई नुकसान नहीं है। जैसे सुबह खाली पेट तुलसी के धुले हुए पत्ते लेकर खाएं और उसके तुरंत बाद दूध या पानी पी लें। कुछ पीना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि तुलसी में थोड़ी मात्रा में मर्करी होती है। मर्करी खाने पर दांतों में पीलापन आ जाता है, वहीं दूध या पानी पीने पर ये डर नहीं रहता। इसके अलावा दोपहर के खाने से पहले 2 लौंग चबा सकते हैं। इसके आधे घंटे बाद ही कुछ खाएं। लौंग भी इम्युनिटी के लिए फायदेमंद होती है।
सिद्ध भूमि न्यूज़ नेटवर्क:: शिवाजी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय का 59वाँ वार्षिकोत्सव 29 जून 2020 को आयोजित किया गया। कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष यह समारोह ऑनलाइन माध्यम के द्वारा संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में रॉय फाउंडेशन के संस्थापक श्री संजीव रॉय आमंत्रित थे। उन्होंने इस अकादमिक सत्र के पुरस्कृत सभी छात्रों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा - “कोरोना के इस संकटग्रस्त अनिश्चित दौर में हमें अपनी क्षमताओं को पहचानना होगा। अपनी अंतर्निहित क्षमताओं द्वारा नये अवसरों का सृजन करना होगा। उन्होंने कहा कि वो यंग इंडिया में नई संभावनाओं को देखते हैं। जब यंग इंडिया की बात होती है, तब पूरा भारत इस देश के युवाओं की ओर हसरत भरी निगाहों से देखता है।" इस अवसर पर शिवाजी कॉलेज के पूर्व छात्र और दिल्ली उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री एन. हरिहरन ने अपने विशिष्ट वक्तव्य में कहा कि “ हमें भविष्य की संभावनाओं के प्रति अपने दिलो दिमाग को खुला रखना चाहिए। अपने कॉलेज के दिनों की स्...