रिषभ अग्रवाल : कोरोना वायरस के संक्रमण फैलने के डर से भारत में 25 मार्च से शुरू हुई तालाबंदी अभी तक जारी है। तालाबंदी से पहले, कई राज्य सरकारों ने घोषणा की थी कि वायरस के प्रसार को रोकने के लिए सिनेमाघरों और जिम को बंद कर दिया जाएगा। लॉकडाउन खत्म होने के बाद, सिनेमा देखने का अनुभव बड़े बदलावों से गुजरेगा। पिछले कुछ दिनों से, प्रोडक्शन हाउस और डिस्ट्रीब्यूटर्स सहित सिनेमा के विभिन्न विभाग पोस्ट लॉकडाउन चरण के विवरण पर चर्चा करने के लिए वर्चुअल कॉन्फ्रेंसिंग आयोजित कर रहे हैं। हमारे संवाददाता से बात करते हुए एक प्रदर्शक ने बताया कि दर्शकों के मन में डर से लड़ना चर्चा का एक प्रमुख बिंदु रहा है। उन्होंने कहा कि अगर कोई निर्देश नहीं है तो भी सिनेमा सुरक्षा उपाय करेगा जिनमे प्रमुख है:
● सिनेमा समूह, व्यक्तियों या जोड़ों के बीच सीटें खाली रखकर सोशल डिस्टनसिंग का पालन करेगा
● मास्क और सैनिटाइजर अनिवार्य करके सामाजिक दूरी का अभ्यास किया जाएगा।
● सिनेमा परिसर को वक़्त वक़्त पर सैनिटाइज करेगे।
● सफाई कर्मचारियों के लिए पीपीई किट प्रदान करेंगे।
सिनेमा हॉल मालिकों को लगता है कि पोस्ट लॉकडाउन के बाद किसी भी फ़िल्म को दिखाना मुश्किल हो जाएगा। उन्हें लगता है कि यह पहले कुछ महीनों के लिए धीमी गति से चलने वाला होगा। इस बीच, सिनेमा व्यवसाय से जुड़े मालिक मौद्रिक सहायता के लिए मंत्रालयों तक पहुंच गए हैं। एक प्रदर्शक ने कहा कि सिनेमाघर रूपी दुकान पहली बार बंद की गई और संभवत: यह आखिरी भी होगी। बातचीत में दिल्ली के एक प्रदर्शक ने कहा कि उन्हें अपने पैरों पर वापस खड़ा करने के लिए सरकार और फिल्म निर्माताओं के मदद की आवश्यकता होगी। जबकि छोटे शहरों में सिंगल स्क्रीन में अस्तित्व की लड़ाई के लिए एक अलग लड़ाई होगी।
