हर्षित श्रीवास्तव,:- अमेरिका के शोध संस्थानों द्वारा यह दावा किया गया है कि मलेरिया के उपचार में काम आने वाली दवा हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के दुष्प्रभावों को लेकर चेतावनी दी है। हैरत की बात है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इस दवाई को कोरोना वायरस से लड़ने में लाभदायक बताया था। अमेरिका की एक शोध एजेंसी ( एफडीए) का दावा है कि इस दवा के दुष्प्रभावों के कारण हृदयगति से जुड़ी जानलेवा समस्या हो सकती है। एफडीए के मुताबिक़ इस दवा का प्रयोग केवल अपात स्थिति में करने की मंजूरी मिली है। हालांकि स्वास्थ कर्मी अपने मरीजों को सही से देखभाल करें तो इस दवा कि गंभीरता को कम किया जा सकता है। बता दे की इस दवा का हाल ही में बड़ी मात्रा में भारत से अमेरिका द्वारा मांग की गई थी। जिसे देखते हुए भारत सरकार ने इन दवाओं को अमेरिका को देने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है । लेकिन अमेरिका खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने इस दवा के बेहद दुष्प्रभावों की चेतावनी अमेरिकी सरकार को दी। उनका साफ़ यही कहना है कि इस दवा का प्रयोग केवल अतिआवश्यक स्थिति में हो क्योंकि यह दवा कोरोना वायरस को ख़तम करने में सक्षम नहीं है। जिसे देखते हुए अमेरिकी एजेंसियों ने दावा किया है कि वह लगातार अपने देश के हर डॉक्टर से इस दवा से जुड़ी सही जानकारी देने की कोशिश कर रहे है।
सिद्ध भूमि न्यूज़ नेटवर्क:: शिवाजी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय का 59वाँ वार्षिकोत्सव 29 जून 2020 को आयोजित किया गया। कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष यह समारोह ऑनलाइन माध्यम के द्वारा संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में रॉय फाउंडेशन के संस्थापक श्री संजीव रॉय आमंत्रित थे। उन्होंने इस अकादमिक सत्र के पुरस्कृत सभी छात्रों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा - “कोरोना के इस संकटग्रस्त अनिश्चित दौर में हमें अपनी क्षमताओं को पहचानना होगा। अपनी अंतर्निहित क्षमताओं द्वारा नये अवसरों का सृजन करना होगा। उन्होंने कहा कि वो यंग इंडिया में नई संभावनाओं को देखते हैं। जब यंग इंडिया की बात होती है, तब पूरा भारत इस देश के युवाओं की ओर हसरत भरी निगाहों से देखता है।" इस अवसर पर शिवाजी कॉलेज के पूर्व छात्र और दिल्ली उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री एन. हरिहरन ने अपने विशिष्ट वक्तव्य में कहा कि “ हमें भविष्य की संभावनाओं के प्रति अपने दिलो दिमाग को खुला रखना चाहिए। अपने कॉलेज के दिनों की स्...