मुस्कान : भारतीय टीम के पूर्व ट्रेनर रामजी श्रीनिवासन का कहना है की अगर खिलाड़िओ को खेलने का मौका नहीं मिले तो उनकी फिटनेस रखने का कोई मतलब नहीं है । बिना खेल के फिटनेस पर काम करना समय की बर्बादी होगी । ट्रेनर यह कहते कि अगर वे फिटनेस के बाद खेल के मैदान पर नहीं उतर सकते तो वे बेकार है । एक का दुसरे मे सकारात्मक ट्रांसफर ही फिटनेस का आधार है । दोनों एक दुसरे से जुड़े है । ऐसे मे कौशल आधारित फिटनेस निश्रित तौर पर प्रभावित होगी । उन्होंने यह कहा कि यह खिलाडियों के लिए कठिन समय है ,क्योंकि उन्हें टूर्नामेंट शुरू होने से पहले मानसिक और शारीरिक दोनों स्तरो पर काम करना है ।
सिद्ध भूमि न्यूज़ नेटवर्क:: शिवाजी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय का 59वाँ वार्षिकोत्सव 29 जून 2020 को आयोजित किया गया। कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष यह समारोह ऑनलाइन माध्यम के द्वारा संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में रॉय फाउंडेशन के संस्थापक श्री संजीव रॉय आमंत्रित थे। उन्होंने इस अकादमिक सत्र के पुरस्कृत सभी छात्रों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा - “कोरोना के इस संकटग्रस्त अनिश्चित दौर में हमें अपनी क्षमताओं को पहचानना होगा। अपनी अंतर्निहित क्षमताओं द्वारा नये अवसरों का सृजन करना होगा। उन्होंने कहा कि वो यंग इंडिया में नई संभावनाओं को देखते हैं। जब यंग इंडिया की बात होती है, तब पूरा भारत इस देश के युवाओं की ओर हसरत भरी निगाहों से देखता है।" इस अवसर पर शिवाजी कॉलेज के पूर्व छात्र और दिल्ली उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री एन. हरिहरन ने अपने विशिष्ट वक्तव्य में कहा कि “ हमें भविष्य की संभावनाओं के प्रति अपने दिलो दिमाग को खुला रखना चाहिए। अपने कॉलेज के दिनों की स्...