तनु शर्मा नई दिल्ली, : वक़्त ने कुछ इस तरह से करवट ली है मानो मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं I अभी कोरोना का कहर कम ही नहीं हुआ था की एक और मुसीबत सामने आ खड़ी है I यह बहुत तनावपूर्ण बात है कि टिड्डियों ने भारत में आक्रमण कर दिया है। एक तरफ कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं और दूसरी ओर यह आफत I ऐसा प्रतीत होता है मानो प्रकृति प्रतिशोध के भाव में है, उसने मानव जाति को हर जगह से घेर लिया है I हमारा देश 30 साल बाद टिड्डी दल का हमला महसूस कर रहा है I यह हमला शुरू हुआ था अफ्रीका से फिर यह यमन आया उसके बाद ईरान और पाकिस्तान में तबाही मचाते हुवे यह अब भारत आ पहुँचा है। इस हमले को लेकर जनवरी माह में ही यूएन ने चेतावनी दे दी थी। इसने खेती को काफी बड़े पैमाने पर नुक़सान पहुँचाया है, बात करें सिर्फ पाकिस्तान के आंकड़ों की तो वहां पर अब तक कुल 6 बिलियन डॉलर का नुकसान किसानों को हो चुका है। किसान कोरोना के प्रकोप से वैसे ही परेशान थे की अब इसने उनकी मुसीबत और भी बढ़ा दी है I पाकिस्तान के काफी किसानो का कहना है यह टिड्डी दल के आक्रमण से हम भूखे ही मर जायेंगे I खाद्य एवं कृषि संगठन (फूड एंड एग्रीकल्चरल ऑर्गेनाइजेशन, एफ़एओ) के अनुसार पाकिस्तान में रबी फसल में २ बिलियन पौंड का नुकसान हुआ है और खरीफ फसल में २-३ बिलियन पौंड का नुकसान हुआ है I इससे हम अनुमान लगा सकते है की यह कितना खतरनाक है और इसके वजह से कितने मुसीबतों का सामना करना पड़ेगा I भारत के कई राज्यों जैसे राजस्थान , महाराष्टृ, उत्तर प्रदेश , पंजाब, मध्य प्रदेश और गुजरात में तो इसने अपना कहर बरपाना शुरू भी कर दिया है I ऐसा माना जा रहा है की 123,500 एकड़ कृषि जमीन राजस्थान और मध्य प्रदेश में इसकी की वजह से नष्ट हो चुकी है क्योंकि फसल काटने के लिए पर्याप्त मजदूर और संसाधन नहीं है, ऊपर से टिड्डी दल के कहर से किसानों को और भी नुकसान होगा I सबसे बड़ी समस्या यह है कि जितनी ज्यादा गर्मी होगी उतना ज्यादा इनका प्रकोप बढ़ेगा, माना जा रहा है कि जैसे ही भारत में बारिश होगी इनकी जनसंख्या और भी ज़्यादा बढ़ती जाएगी। जिस वजह से खाद्य सुरक्षा विभाग के लिए एक बहुत बड़ी समस्या बन सकती है I टिड्डी दल के इस हमले को लेकर फिलहाल प्रशासन के पास कीटनाशक के छिड़काव के अलावा कोई अन्य उपाय नजर नहीं आता है, ऐसे में भारत में इस तरह का क्या प्रकोप होगा इसका अनुमान लगाना बहुत ही मुश्किल है।
सिद्ध भूमि न्यूज़ नेटवर्क:: शिवाजी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय का 59वाँ वार्षिकोत्सव 29 जून 2020 को आयोजित किया गया। कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष यह समारोह ऑनलाइन माध्यम के द्वारा संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में रॉय फाउंडेशन के संस्थापक श्री संजीव रॉय आमंत्रित थे। उन्होंने इस अकादमिक सत्र के पुरस्कृत सभी छात्रों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा - “कोरोना के इस संकटग्रस्त अनिश्चित दौर में हमें अपनी क्षमताओं को पहचानना होगा। अपनी अंतर्निहित क्षमताओं द्वारा नये अवसरों का सृजन करना होगा। उन्होंने कहा कि वो यंग इंडिया में नई संभावनाओं को देखते हैं। जब यंग इंडिया की बात होती है, तब पूरा भारत इस देश के युवाओं की ओर हसरत भरी निगाहों से देखता है।" इस अवसर पर शिवाजी कॉलेज के पूर्व छात्र और दिल्ली उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री एन. हरिहरन ने अपने विशिष्ट वक्तव्य में कहा कि “ हमें भविष्य की संभावनाओं के प्रति अपने दिलो दिमाग को खुला रखना चाहिए। अपने कॉलेज के दिनों की स्...
