हर्षित श्रीवास्तव :- उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मूल आधार कृषि है , लगभग 65 प्रतिशत जनसंख्या कृषि पर आधारित है। अन्य क्षेत्रों की तुलना में बात करें तो प्रदेश की आर्थिक विकास में कृषि क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान है। आज भारत की अर्थव्यवस्था में सबसे अहम भूमिका निभाने के बावजूद सबसे ज्यादा गरीब एवं उपेक्षित किसान ही हैं। आज हमारे अन्नदाता अपने अधिकारों के लिए सड़को पर उतर रहे हैं फिर भी इन्हे सरकार से जो सुविधाएं मिलने चाहिए, नहीं मिल पा रही है ,केवल कागजों पर सारी योजनाएं सफल होती दिख रही हैं । यह राज्य देश के विकास में सबसे ज्यादा योगदान देने वालों में से एक है | ,इस राज्य में 29% कृषक तथा 30.3% कृषि श्रमिक हैं । इस वक़्त उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कई योजनाएं किसानों के विकास के लिए चलाये जा रहें हैं | आईये थोड़ा विस्तार पूर्वक इन योजनाओं पर नज़र डालते है।
किसान आसान किस्त योजना, फरवरी 2020, : यूपी आसान किस्त योजना के तहत, किसान किश्तों में अपने बकाया ट्यूबवेल बिजली बिलों का भुगतान कर सकते हैं। उत्तर प्रदेश के ऊर्जा विभाग के अनुसार, ट्यूबवेल बिल पर ब्याज माफी भी लागू रहेगी। इस योजना का केवल वे किसान ही लाभ ले सकते है,जो अपने ट्यूबवेल बिजली के बिलों का समय पर भुगतान करते हैं। यह यूपी किसान आसन किस्त योजना किसानों के साथ-साथ दोनों बिजली आपूर्तिकर्ताओं को भी लाभान्वित करने वाली है। बिजली आपूर्तिकर्ता कंपनियों को उनके बिल बकाया की वसूली होगी, जबकि किसान अपने बिलों का भुगतान बिना किसी ब्याज के आसान किस्तों में कर सकते हैं। लेकिन सबसे बड़ी समस्या तो यही है जो किसान खुद ही पहले से कर्ज में है. पहले से ही किस्ते चुका रहा है, वो कहाँ से इस योजना का लाभ ले पाएगा। इस योजना में सरकार को कुछ नए दिशा निर्देश की तरफ ध्यान देने की जरूरत है जिससे गरीब किसान लाभांवित हो पाए।
यूपी मुख्यमंत्री किसान और सर्वहित बीमा योजना:- इस योजना के तहत, राज्य के किसान और उनके परिवार के सदस्य दुर्घटना बीमा का लाभ उठा सकते हैं। बता दे की इस योजना के अंतर्गत नेवला , सिलेंडर फटने के कारण चोट, सांप के काटने, जंगली जानवरों द्वारा हमला करने की घटनाओं पर इसका लाभ मिलेगा। लेकिन आज अगर ऐसी कभी आपदा इन किसान भाइयों और उनके परिजनों पर आती है, तब सरकार की कई कठिन नीतियों के कारण इन तक इसका लाभ नहीं पहुंच पाता है। इस योजना के अधिकांश किसानों को पता ही नहीं है |
किसान क्रेडिट योजना:- यह योजना प्रदेश को देश के खाद्यन्न भण्डार के रूप में परिवर्तित करके "खाद्य एवं पोषक तत्व सुरक्षा" तथा ग्रामीण जीवन में गुणात्मक सुधार करके ग्रामीणों के जीवन को जन-मानस की बिना पर्यावरणीय क्षरण के आर्थिक वृद्धि एवं खुशहाली को सुनिश्चित करता है। इसके लिए कृषि निवेशों को आसानी से कृषकों को उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक प्रबन्ध करने तथा कृषि निवेशों में कृषि ऋण की बढ़ती उपयोगिता के कारण प्रदेश के समस्त पात्र कृषकों को "किसान क्रेडिट कार्ड" के माध्यम से कृषि ऋण उपलब्ध कराके उन्हें इस योजना से बड़ी संख्या में लाभ कराया जा सके। इस योजना के लाभ है लेकिन सरकार इस योजना को सफल बनाएं रखने के लिए सबसे पहले अधिक संख्या में किसानों का बैंक खाता खुलवाने तथा उन्हें इसकी संपूर्ण जानकारी देने का प्रबंध अच्छे से करना होगा।
नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट (एनएएम):- यह एक अखिल भारतीय इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग पोर्टल है। जो कृषि वस्तुओं के लिए एकीकृत राष्ट्रीय बाजार बनाने के लिए मौजूदा एपीएमसी मंडियों को नेटवर्क करता है। एकीकृत बाजारों में प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करके, खरीदारों और विक्रेताओं के बीच सूचना की विषमता को दूर करके उन्हें सही जानकारी देना है। इसका प्रभाव कृषि क्षेत्र में काफी फायदेमंद साबित होगा। इलेक्ट्रॉनिक ट्रेंडिंग पोर्टल पर किसानों को राष्ट्रीय स्तर पर उनके अनाज को मार्केट की सही जानकारी प्रदान करता है |
आज भारत में किसानों की बड़ी आबादी अशिक्षित है और इसका फायदा सरकार के नुमाईंदे ले लेते है साथ ही सरकारी दांव पेंचइतना बढ़ा देते है कि किसान सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में झिझीकतें हैं | हालांकि केवल योजनाएं बनाने से कुछ नहीं होता। इन योजनाओं का जमीनी स्तर पर जिम्मेदारी पूर्वक क्रियान्वन करना होगा तभी हमारे अन्नदाता का विकास हो पायेगा |
