श्रेय आर्या : शुक्रवार देर रात को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की तरफ से यह घोषणा करके बताया कि अमेरिका ने अपने सभी प्रकार के नाते डब्ल्यूएचओ के साथ तोड़ दिए हैं। ट्रम्प की तरफ से आरोप लगाया गया है कि डब्ल्यूएचओ ने कोरोनावायरस से लड़ने के लिए सभी पर्याप्त प्रयास नहीं किए हैं। दरअसल इसके पीछे एक बड़ी वजह है चीन और डब्ल्यूएचओ के बीच बढ़ती नज़दीकियां। कोरोना महामारी के कारण अमेरिका में बड़ी संख्या में मौतें हो रही हैं सबसे ज्यादा कोरोना के मामले भी अमेरिका में ही दर्ज किए जा रहे हैं। जिसके कारण ट्रम्प ने डब्ल्यूएचओ को दी जाने वाली सहायता राशि पर भी रोक लगा दिया था। रिपब्लिकन के नेता ने कहा कि "अमेरिका इस राशि को दुनिया भर में तत्काल और सार्वजनिक स्वास्थ्य आवश्यकता की पूर्ति करने वाले अन्य संगठनों को देगा।" इसी मौके पर ट्रंप ने यह भी कहा कि वह अमेरिका और चीन के बिगड़ते संबंधों को लेकर जल्द ही कुछ फैसले अवश्य लेंगे, ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि चीन को संक्रमण के पैदा होते ही विश्व बिरादरी को अवगत करा देना चाहिए था। साथ ही यह भी कहा कि "हम चीन पर एक सम्मेलन करेंगे जहां पर हमारे द्वारा चर्चाओं के बाद कुछ फैसले भी लिए जाएंगे। यह बहुत ही दुखद, हमारे साथ ऐसा कभी नहीं होना चाहिए था।" ट्रम्प ने पहले भी 14 मई को चीन के साथ सभी संबंध खत्म करने की धमकी दे रखी है। चीन के साथ अमेरिका के रिश्ते पिछले कुछ महीनों से कुछ ज्यादा ही खराब चल रहे हैं, जनवरी माह से ही दोनों के बीच व्यापार को लेकर खींचतान बनी हुई है हाल ही में हांगकांग के ऊपर विधेयक पास होने के बाद अमेरिका और भी ज्यादा चिढ़ गया है। हालांकि हांगकांग के लाखों लोगों को ब्रिटेन ने पूर्ण नागरिकता देने की बात कही है। कम्पनी ने ट्विटर और फेसबुक जैसी सोशल मीडिया साइट्स पर भी शिकंजा कसने की मंशा बना ली है, इसके तहत अब ये एप्प्स सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा पोस्ट की जाने वाली सामग्री में कोई सुझाव या बदलाव नहीं कर सकेंगी। माना जा रहा है कि इस आदेश के खिलाफ सोशल मीडिया कंपनियां कोर्ट में अपील भी कर सकती हैं। कोरोना के कारण पहले से ही पूरे विश्व की आर्थिक रफ्तार थम सी गई है ऐसे में विश्व बिरादरी को डर है कि कहीं दो आर्थिक महाशक्ति ओ की जंग स्लोडाउन को और बड़ा न कर दे।
सिद्ध भूमि न्यूज़ नेटवर्क:: शिवाजी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय का 59वाँ वार्षिकोत्सव 29 जून 2020 को आयोजित किया गया। कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष यह समारोह ऑनलाइन माध्यम के द्वारा संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में रॉय फाउंडेशन के संस्थापक श्री संजीव रॉय आमंत्रित थे। उन्होंने इस अकादमिक सत्र के पुरस्कृत सभी छात्रों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा - “कोरोना के इस संकटग्रस्त अनिश्चित दौर में हमें अपनी क्षमताओं को पहचानना होगा। अपनी अंतर्निहित क्षमताओं द्वारा नये अवसरों का सृजन करना होगा। उन्होंने कहा कि वो यंग इंडिया में नई संभावनाओं को देखते हैं। जब यंग इंडिया की बात होती है, तब पूरा भारत इस देश के युवाओं की ओर हसरत भरी निगाहों से देखता है।" इस अवसर पर शिवाजी कॉलेज के पूर्व छात्र और दिल्ली उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री एन. हरिहरन ने अपने विशिष्ट वक्तव्य में कहा कि “ हमें भविष्य की संभावनाओं के प्रति अपने दिलो दिमाग को खुला रखना चाहिए। अपने कॉलेज के दिनों की स्...