राधेश्याम शास्त्री (तहसील प्रभारी, तमकुहीराज, कुशीनगर,उ०प्र०): सावधान! कहीं सेहत अच्छी बनाने के चक्कर में आप अपनी सेहत खराब करने की तरफ तो नहीं बढ़ रहे हैं। जी! हां यह मामला जुड़ा है उस दूध से जिसे आदि युग से भरपूर ताकत हासिल करने का माध्यम मांना जाता रहा है। लेकिन वही दूध आज अवैध धनार्जन का जरिया बन कर लोगों को तरह-तरह की बीमारियों से मुब्तिला कर रहा है। क्योंकि इसमें पानी के साथ-साथ सिंथेटिक का भी जबरदस्त इस्तेमाल कर इसे बेचा जा रहा है। आपको बताते चलें कि यह गड़बड़ी कुशीनगर जनपद के दुदही,सेवरही व तमकुही राज विकास खंड क्षेत्र के बाजारों सहित जनपद के सम्पूर्ण विकास खंड क्षेत्र के बाजारों चाक -चौराहों में है | वर्तमान में जिले में अगर किसी की चांदी है तो उन डाक्टरों की जिनके यहां मरीजों की लम्बी कतारें किसी भी समय देखी जा सकती है। इन मरीजों में शामिल लोगों को तकलीफें ऐसी जिनके बारे में सोच कर दिमाग का दर्द शुरू हो जाता है। सूत्र बताते हैं कि रोज ज्यादातर दुधिया अपने-अपने घर में भोर पहर में दूध निकाल कर सीधा चल पड़ते है उन मशीनों की तरफ जहां दूध की क्रीम निकालकर उसकी ताकत एक चौथाई कर दी जाती है तथा वहां से क्रीम की कीमत लेने के बाद ज्यादातर दूधिए दूध में बराबर मात्रा में पानी मिलाने के कारनामें को अंजाम देने के बाद घर-घर दूध सप्लाई करते हैं। सनद रहे हैंडपंप का पानी मिलाने के बाद उसकी सुरक्षा जाँच से बचने के लिए उसमें यूरिया अथवा फारमोलिन तक डालने से नहीं हिचकते। अब अगर ऐसे में लोगों को तरह-तरह की बीमारियां न घेरे तो इसे उपर वाले की मेहरबानी ही कहा जाएगा। अगर कोई पूरी तरह से सेहतमंद हैं और अचानक उसे ब्लड प्रेशर या शूगर की स्थिति से गुजरना पड़े तो इसे मिलावटी दूध के इस्तेमाल का नतीजा कहने से भी इन्कार नहीं किया जा सकता है।
सिद्ध भूमि न्यूज़ नेटवर्क:: शिवाजी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय का 59वाँ वार्षिकोत्सव 29 जून 2020 को आयोजित किया गया। कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष यह समारोह ऑनलाइन माध्यम के द्वारा संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में रॉय फाउंडेशन के संस्थापक श्री संजीव रॉय आमंत्रित थे। उन्होंने इस अकादमिक सत्र के पुरस्कृत सभी छात्रों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा - “कोरोना के इस संकटग्रस्त अनिश्चित दौर में हमें अपनी क्षमताओं को पहचानना होगा। अपनी अंतर्निहित क्षमताओं द्वारा नये अवसरों का सृजन करना होगा। उन्होंने कहा कि वो यंग इंडिया में नई संभावनाओं को देखते हैं। जब यंग इंडिया की बात होती है, तब पूरा भारत इस देश के युवाओं की ओर हसरत भरी निगाहों से देखता है।" इस अवसर पर शिवाजी कॉलेज के पूर्व छात्र और दिल्ली उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री एन. हरिहरन ने अपने विशिष्ट वक्तव्य में कहा कि “ हमें भविष्य की संभावनाओं के प्रति अपने दिलो दिमाग को खुला रखना चाहिए। अपने कॉलेज के दिनों की स्...
