श्रेय आर्या : सीमा पर चीन के साथ चल रहे विवाद के बीच विपक्ष की नेता और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने एक वीडियो जारी कर संकट की घड़ी में वर्तमान सरकार पर जिम्मेदारियों से भागने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि चीन ने किसी भी प्रकार की घुसपैठ नहीं की जबकि रक्षा एवं विदेश मंत्रालय के द्वारा लगातार घुसपैठ की बात सामने आ रही है, रक्षा विशेषज्ञ और सेटेलाइट के द्वारा खींची गई तस्वीरें इस बात की पुष्टि कर रही है कि घुसपैठ हुई है।' उन्होंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि वह देश देश की जनता को विश्वास में लें। लद्दाख में शहीद हुए सैनिकों की शहादत को याद करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा की 'सेना ने चीन की गुस्ताखी का मुंह तोड़ जवाब तो दिया है लेकिन चीन की सेना ने लद्दाख के कई इलाकों में अभी भी हमारी जमीन पर कब्जा कर रखा है ऐसे में सरकार को बताना चाहिए कि वह हमारी सरजमी को कब और कैसे वापस लेंगे?' पिछले कुछ वक्त से विवाद के बीच सरकार पर विपक्ष के द्वारा हमले तेज हो गए हैं पक्ष और विपक्ष में वाद प्रतिवाद का दौर लगातार जारी है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए यह कहा था कि चीन की सेना ने हमारी किसी भी पोस्ट पर कब्जा नहीं किया है लेकिन इन दावों को दरकिनार करते हुए विपक्ष की तरफ से लगातार सरकार को हकीकत बताने के लिए कहा जा रहा है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि इस मुद्दे पर कांग्रेस सहित पूरा देश सरकार के साथ है प्रधानमंत्री कार्यवाही का आदेश दें। आपको बता दें कि तमाम वार्ता एवं सहमतियों के बावजूद जमीनी हकीकत बदलने का नाम नहीं ले रही है। 15 जून को भारत और चीन की सेना के बीच काफी तनावपूर्ण झड़प हुई थी जिसमें भारत के 20 जवान शहीद हुए थे ऐसा माना जा रहा है कि चीन के 40 जवान भी इस झड़प में मारे गए थे हालांकि चीन की की सरकार की तरफ से आंकड़ों को छुपाया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो अगर चीन किसी भी स्तर पर बातचीत की पेशकश करता है तो उसे भारत अवश्य सुनेगा। सीमा पर गलवान घाटी इलाके से जुड़े क्षेत्र को चीन अपना बताना चाह रहा है जिसको लेकर भारत की तरफ से कड़ा प्रतिरोध किया गया है।
सिद्ध भूमि न्यूज़ नेटवर्क:: शिवाजी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय का 59वाँ वार्षिकोत्सव 29 जून 2020 को आयोजित किया गया। कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष यह समारोह ऑनलाइन माध्यम के द्वारा संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में रॉय फाउंडेशन के संस्थापक श्री संजीव रॉय आमंत्रित थे। उन्होंने इस अकादमिक सत्र के पुरस्कृत सभी छात्रों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा - “कोरोना के इस संकटग्रस्त अनिश्चित दौर में हमें अपनी क्षमताओं को पहचानना होगा। अपनी अंतर्निहित क्षमताओं द्वारा नये अवसरों का सृजन करना होगा। उन्होंने कहा कि वो यंग इंडिया में नई संभावनाओं को देखते हैं। जब यंग इंडिया की बात होती है, तब पूरा भारत इस देश के युवाओं की ओर हसरत भरी निगाहों से देखता है।" इस अवसर पर शिवाजी कॉलेज के पूर्व छात्र और दिल्ली उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री एन. हरिहरन ने अपने विशिष्ट वक्तव्य में कहा कि “ हमें भविष्य की संभावनाओं के प्रति अपने दिलो दिमाग को खुला रखना चाहिए। अपने कॉलेज के दिनों की स्...
