सिद्ध भूमि न्यूज़ नेटवर्क : कांग्रेस ने गृह मंत्री अमित शाह के हमले पर पलटवार करते हुए कहा कि अपने दिग्गज नेताओं को जबरन सन्यास दिलवाने और अपमानित करने वाले लोग विपक्षी पार्टी पर सवाल कर रहे हैं तथा भाजपा में आंतरिक लोकतंत्र के बारे में लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और यशवंत सिन्हा जैसे नेताओं से पूछा जाना चाहिए। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कांग्रेस पर हमले वाले शाह के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए कहा, ‘‘ये बातें वो लोग कर रहे हैं जिन्होंने अपनी पार्टी के उन दिग्गजों के पद हथिया लिए और उन्हें जबरन सन्यास दिलवा दिया और अपमानित किया जिन्होंने इनको (राजनीति में) बनाया।’’ उन्होंने आडवाणी, जोशी, केशुभाई पटेल, संजय जोशी और कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं के नामों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सूची लंबी है। शाह के बयान के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘भाजपा में आतंरिक लोकतंत्र के बारे में आडवाणी, जोशी, अरुण शौरी और यशवंत सिन्हा से पूछना चाहिए। इससे ज्यादा मैं कुछ नहीं कह सकता।’’ आपतकाल के संदर्भ में शाह की टिप्पणी पर खेड़ा ने कहा कि इतिहास की बात कर रहे लोगों ने आज देश की संस्थाओं को इतना कमजोर कर दिया है जो पहले कभी नहीं हुआ था। गौरतलब है कि शाह ने बृहस्पतिवार कांग्रेस पर करारा हमला बोला और आरोप लगाया कि एक परिवार के हित दलीय व राष्ट्रीय हितों पर हावी हो गए हैं। उन्होंने साथ ही सवाल किया कि ‘‘आपातकाल की मानसिकता’’क्यों आज भी कांग्रेस में विद्यमान है। आपातकाल के 45 साल पूरे होने पर शाह ने एक के बाद एक सिलसिलेवार ट्वीट किए और दावा किया कि कांग्रेस के नेता अब अपनी ही पार्टी में घुटन महसूस कर रहे हैं। उनके मुताबिक जनता से विपक्षी पार्टी की दूरी बढ़ती जा रही है।
सिद्ध भूमि न्यूज़ नेटवर्क:: शिवाजी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय का 59वाँ वार्षिकोत्सव 29 जून 2020 को आयोजित किया गया। कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष यह समारोह ऑनलाइन माध्यम के द्वारा संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में रॉय फाउंडेशन के संस्थापक श्री संजीव रॉय आमंत्रित थे। उन्होंने इस अकादमिक सत्र के पुरस्कृत सभी छात्रों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा - “कोरोना के इस संकटग्रस्त अनिश्चित दौर में हमें अपनी क्षमताओं को पहचानना होगा। अपनी अंतर्निहित क्षमताओं द्वारा नये अवसरों का सृजन करना होगा। उन्होंने कहा कि वो यंग इंडिया में नई संभावनाओं को देखते हैं। जब यंग इंडिया की बात होती है, तब पूरा भारत इस देश के युवाओं की ओर हसरत भरी निगाहों से देखता है।" इस अवसर पर शिवाजी कॉलेज के पूर्व छात्र और दिल्ली उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री एन. हरिहरन ने अपने विशिष्ट वक्तव्य में कहा कि “ हमें भविष्य की संभावनाओं के प्रति अपने दिलो दिमाग को खुला रखना चाहिए। अपने कॉलेज के दिनों की स्...
