राधेश्याम शास्त्री, ( तहसील प्रभारी, तमकुही राज, कुशीनगर ) : कुशीनगर जनपद में नगरपालिका परिषद व नगर पंचायत सहित ग्रामीण क्षेत्रों में मन्दिर हो या मस्जिद जैसे धार्मिक स्थल, स्कूल , अस्पताल हो या आवासीय इलाका इनके 75 मीटर व ग्रामीण क्षेत्र में 100 मीटर के दायरे पर शराब की दुकान नहीं खोली जा सकती। इसके बावजूद आबकारी विभाग ने सारे नियमों की धज्जियां उडा़ दी।सही जगह चिन्हित न करके गली मोहल्लों से लेकर धार्मिक स्थलों के आस-पास तक शराब की दुकानें खोल दी गई है। दुकान खोलने से पहले आस-पास के लोगों से सलाह मशविरा तक नहीं लिया गया। जबकि विना नोटिस और लोगों की सहमति के शराब की दुकान व मांडल शाप नहीं खोली जा सकती है।
इसके बावजूद कुशीनगर जनपद सहित तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के थाना-बिशुनपुरा,सेवरही,तरयासुजा न, क्षेत्रों में नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए शराब की बिक्री की जा रही है। जिससे यहां के आवासीय लोगों में काफी आक्रोश है। इसके लिए यहां के लोग आन्दोलित होने के लिए भी तैयार हैं। यहां से निकलने वाली महिलाएं सहमी-सहमी सी रहती हैं। लेकिन उनकी यह दशा देखने वाला कोई नहीं है। यही नहीं ज़्यादातर इलाकों में आवासीय क्षेत्रों में ही शराब की दुकानें खुली हैं। जिनसे देर रात तक अराजक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है।
न मुनादी न नोटिस,शराब की दुकान खोलने से पहले इलाके में ढोल पीट कर मुनादी करवाना और नोटिस चिपकाना जरूरी है।अगर इलाके की जनता विरोध करती है तो वहां दुकान नहीं खुल सकती।लेकिन ज़िले में किसी भी शराब की दुकान खोलने से पहले इस नियम का पालन नहीं होता है। गुप-चुप तरह से शराब की दुकान खोल दी जाती है। आस-पास के लोगों को पता तब चलता है जब शराब की दुकान खुल जाती है।इस प्रकार का कृत्य बिना विभाग के अधिकारियों की मिली-भगत से हो ही नहीं सकता।
प्रशासन को जनहित को देखते हुए तत्काल इस ओर ध्यान देकर कड़े कदम उठाना चाहिए।
