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क़ानून पर भारी अफसरों की मनमानी



 


राधेश्याम शास्त्री :         जनपद-कुशीनगर के विकास खंड दुदही क्षेत्र के ग्राम पंचायत-बांसगांव (खांखड़ टोला) निवासी पत्रकार  राधेश्याम शास्त्री ने लगभग आधा दर्जन बड़े मामले उठाते हुए सूचना मागी किन्तु उनको सूचना नहीं मिली। इसमें दुदही विकास खंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत अमवादीगर में पूर्व सन् २००१से लगायत २००५तक ग्राम पंचायत में बितरण किये गये शौचालय, इन्दिरा आवास,निब॔ल बग॔आवास, स्तरोनयन, महामाया आवास,की सूचना की मांग दिनांक ०२-०६ -२०१८ को जिला पंचायत राज अधिकारी/जनसूचना अधिकारी जनपद कुशीनगर से किया लेकिन इसकी सूचना अभी तक नहीं मिली है, जिसका रिमांईंडर पत्र  दिनांक १४-११-२०१९को  पंजीकृत डाक के माध्यम से लेकर सूचना की मांग किया गया उसके बावजूद सूचना उपलब्ध नहीं कराया गया। वहां से दिनांक ३दिसमबर२०१९को मिले पत्र में इसके उपरांत दिनांक ०६जनवरी २०२०को जिलाधिकारी महोदय, जनपद-कुशीनगर शिकायत की गई। वहां से दिनांक १३जनवरी२०२०को मिले पत्र में धारा १९(१) के अन्तर्गत जनसूचना अधिकारी से ज्येष्ठ पंक्ति की विभागीय विहित प्राधिकारी के समक्ष  अपील प्रस्तुत करने का सुझाव दिया गया। जिसका अपील वरिष्ठ अधिकारी उप निदेशक महोदय पंचायती राज विभाग मंडल-गोरखपुर  को दिनांक १८मार्च २०२०को धारा१९(१) के अन्तर्गत की गयी। वहां से दिनांक २३ म ई२०२०को जो पत्र प्राप्त हुआ उसके अनुसार उपनिदेशक द्वारा अपने पत्र में जिला पंचायत राज अधिकारी  को निर्देश देते हुए कहा गया है कि संदर्भित प्रार्थना पत्र मूल रुप में संलग्नानुसार  इस आशय से प्रेषित है कि कृपया यथावाछित सूचना श्री राधे श्याम शास्त्री को नियमानुसार उपलब्ध कराते हुए कृत कार्य वाही से अधोहस्ताक्षरी(उपनिदेशक)को अवगत करावें। फिर भी उनके आदेश का पालन  नहीं किया गया और नहीं अब तक सूचना उपलब्ध कराया गया। 


सूचना नम्बर-२

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इसी प्रकार दुदही विकास खंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत घोरठ में पूर्व सन् २०११से लगायत २०१५तक 

की सूचना की मांग जिला पंचायत राज अधिकारी जनपद-कुशीनगर से  दिनांक ११-०६-२०१८को की गयी। सूचना प्राप्त न होने की दशा में दिनांक १५-११-२०१९को रिमाईंडर पत्र के माध्यम से सूचना की मांग की गई। जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा सचिव विकास   खंड-दुदही को सूचना उपलब्ध कराने का आदेश जारी करते हुए ०३दिसम्बर२०१९को

जिसका अपील दिनांक १८-०३-२०२० को उपनिदेशक महोदय पंचायती राज विभाग मंडल-गोरखपुर  से करके सूचना उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। फिर भी सूचना उपलब्ध नहीं कराया गया। कुल ७,७२,५००रु०(सात लाख बहत्तर हजार पांच सौ रुपए) शासन से जिम्मेदारों द्वारा उड़ाकर आपस में बंदरबांट कर लिया गया है। ऐसी चर्चा क्षेत्र में मिट्टी के तेल की फैल गयी है। शौचालय की सूचना की मांग लोक जन सूचना अधिकारी/खंड विकास अधिकारी दुदही से दिनांक २७-०७-२०१७ को की गई, तथा रिमाइंडर पत्र दिनांक १७-०८-२०१७को की गयी, लेकिन सूचना नहीं मिली ।जिसकी शिकायत मा०जिलाधिकारी महोदय, जनपद कुशीनगर से दिनांक ०९-१२-२०१७ व रिमांइडर पत्र दिनांक ०२-०६-२०१८ को देकर सूचना की मांग की है लेकिन सूचना नहीं मिली। पुनः मां०मडला युक्त महोदय , मंडल-गोरख पुर से दिनांक ०६-०१-२०२०को लिखित आवेदन पत्र देकर सूचना की मांग किया गया है लेकिन सूचना नहीं मिली है।

सूचना नम्बर-3

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यही नही विकास खंड दुदही क्षेत्र के ग्राम पंचायत -बिजयपुर उतर पट्टी के दिनांक ०१मार्च२००१से लगायत३१मार्च २०११तक की इन्दिरा आवास,निब॔ल बग॑ आवास, स्तरोन्नयन, महामाया आवास, लोहिया आवास, मुख्यमंत्री आवास, सहित ग्राम पंचायत की अंग्रेजी में छपा वी०पी०एल०सूची, के साथ सन् २००१से२०११तक कुल कितने शौचालय का लक्ष्य प्राप्त था, और कितने काकार्य पूर्ण हुआ।रुप पत्र (६)कैश बूक में कहां लिखा गया है। साथ ही शोलर लाइट  लगा तो किसके-किसके दरवाजे पर लगा है। लाभार्थियों का नाम पिता/पति का  नाम आदि ६ बिन्दुओं पर सूचना की मांग  दिनांक २४-०६-२०२०को जिला विकास अधिकारी जनपद-कुशीनगर से किया गया है , लेकिन सूचना उपलब्ध नहीं कराया गया है।

सूचना नम्बर--4

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 यही नहीं जनपद-कुशीनगर के दुदही विकास खंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत ब्रह्मपुर से सम्बन्धित पूर्व सन् २००१ से लगायत जनवरी २०२०तक इन्दिरा आवास,निब॔ल वग॔ आवास, स्तरोनयन, महामाया, लोहिया आवास, प्रधानमंत्री आवास,से सम्बन्धित सूचना की मांग दिनांक २८-०२-२०२०को लोक सूचना अधिकारी/खंड विकास अधिकारी, विकास खंड -दुदही से सूचना का अधिकार अधिनियम २००५धारा ६(१)के अन्तर्गत आवेदक श्री राधे श्याम शास्त्री द्वारा दिनांक २८-०५-२०२०सूचना का अधिकार अधिनियम २००५धारा६(१) के अन्तर्गत आप से सूचना मांगी गई थी। लेकिन आप द्वारा सूचना उपलब्ध नहीं कराया गया है। तत्पश्चात दिनांक २०-०३-२०२०को रिमाइंडर पत्र देकर सूचना की मांग किया गया। लेकिन सूचना नहीं मिली। जिसकी शिकायत श्री राधेश्याम शास्त्री ने  जिला विकास अधिकारी, जनपद-कुशीनगर को देकर दिनांक २८-०५-२०२० को सूचना की मांग किया गया। माननीय जिला विकास अधिकारी महोदय, जिला ग्राम्य विकास विभाग जनपद -कुशीनगर के द्वारा दिनांक ०२ जून २०२०को पत्र के माध्यम से खंड विकास अधिकारी, विकास खंड-दुदही  को आदेशित किया गया कि सूचना न दिए जाने के कारण आवेदक द्वारा अधोहस्ताक्षरी कार्यालय में सम्बन्ध अधिनियम अन्त र्गत धारा १९(१) के तहत प्रथम अपील दाखिल किया गया है। चूंकि बिन्दु संख्या तक की विषय -वस्तु आप के विभाग/कार्यालय के क्षेत्राधिकार में पड़ती है। आवेदक द्वारा मांगी गई विंदु वार सूचना अविलंब निधा॔रित समयांतर गत उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें तथा कृत कार्य वाही से विकास कार्या लय कोभी अवगत करावें। उसके बाद भी विकास खंड-दुदही के जिम्मेदारों द्वारा सूचना उपलब्ध न कराकर विभागीय उच्चाधिकारियों के आदेश का खुला  माखौल उड़ाया जा रहा है।

 सूचना नम्बर--5

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 जनपद-कुशीनगर के दुदही विकास खंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत-सोरहवां,गगलवा, मठिया व मछरिहां दलजीत कुंवर में नवम्बर दिनांक ०१-११-२०१०से दिनांक २३-०७-२०२०जुलाई तक कुल कितने शौचालयों का जिले से लक्ष्य व धनराशि प्राप्त था और कितने का कार्य पूर्ण हुआ, नाम लाभार्थी, पिता/पति का नाम सहित रूप पत्र (६) कैश बुक  में कहां लिखा गया है,कैश बुक पेज नंबर रिग करके प्रमाणित छाया प्रति सहित ग्राम में लगाये गये सोलर लाइट ,किसके-किसके दरवाजे पर लगा है, पिता/पति का नाम एवं उस मंदिर में कितना धन खर्च किया गया है, उसकी कैश बुक व पास बुक की छायाप्रति ,बिल बाउचर की मांग उत्तर प्रदेश शासन के पंचायती राज विभाग के माननीय निदेशक महोदय से दिनांक ०५-०८-२०२०अगस्त को की गयी है। लेकिन अफसोस इस बात का है कि सम्बन्धित विभाग द्वारा अब तक सूचना प्राप्त नहीं कराया गया है।

         सूचना नम्बर-6      _________________

 दुदही विकास खंड क्षेत्र के ही ग्रामपंचायत-सोरहवां,गगलवा, मठिया व मछरिहां दलजीत कुंवर के नवम्बर दिनांक ०१-११-२०१०से २३-०७-२०२०जुलाई तक ग्राम के कितने लोगों को इन्दिरा आवास, महामाया, लोहिया आवास,मा०मुखय मंत्री आवास,मा०प्रधान मंत्री आवास, सहित लाभार्थियों का नाम, पिता/पति का नाम,वी ०पी०एल०नमबर व आई०डी०साथ में उस फारवडि॔ग की छायाप्रति तथा किस पत्रांक से जिले को भेजी गयी। अंग्रेजी में छपा वी०पी०एल०की छायाप्रति,किस वी०पी०एल०पर आवास दिया गया, कौन-कौन वी०पी०एल०खाली रहा जिस पर आवास अपात्र होने के कारण नहीं दिया गया।ग्राम पंचायत में मा०प्रधान मंत्री आवास व मा०मुखय मंत्री आवास की नमी सूची  जो शासन को तैयार करके भेजी गयी है सहित पंचायत भवन से सम्बन्धित,६बिंदुओं पर सूचना की मांग की गई है । लेकिन विभागीय अधिकारियों की लापरवाही कहें या मिली-भगत या अकर्मण्यता इनके द्वारा अब तक सूचना उपलब्ध नहीं कराया गया है। क्यों?सब कुछ मिला कर भ्रष्टाचार नीचे से ऊपर तक(ब्लाक स्तर से लेकर शासन स्तर तक) इतना घर कर गया है कि इस पर नियंत्रण करना मुश्किल हो गया है।मा०मुखय मंत्री जी  द्वारा भ्रष्टाचार  व भ्रष्टाचारियों पर शिकंजा कसने के बावजूद भी सुधार नहीं हो रहा है।सब कुछ मिला कर प्रदेश का कुशीनगर जनपद भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबे गया है। नीचे से ऊपर तक सभी भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबे हुए हैं।किसकी कहां तक पहुंच है यह कोई नहीं जानता। सभी भ्रष्टाचार कर जनता,व सरकारी धन को  टिड्डी की तरह लूट-पाट करने पर लगे हुए हैं।जिस पर नियंत्रण करना मुश्किल हो गया है।

 माननीय राष्ट्रपति महोदय के शासनादेश की अवहेलना

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देश के नागरिकों को जन सूचना की उपलब्धता सुनिश्चित कराने,जन प्रशासन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा उसको उत्तर दायित्व पूर्ण बनाने के उद्देश्य से सूचना का अधिकार अधिनियम २००५अधिनियमित किया गया है।जिस पर पूर्व महामहिम राष्ट्रपति महोदय जी श्री अब्दुल जे०कलाम जी का अनुमोदन,१५जून२००५को प्राप्त हुआ है। तथा जिसे भारत सरकार के राज पत्थर(असाधारण)भाग-१(खंड-१), संख्या-२५दिनांक२१-६-२००५मेंप्रखयापित करने के बाद १२अकटूबर२००५को कार्यान्वित कर लागू कर दिया गया। जनसूचना का अधिकार कानून विल सबसे पहले २३दिसम्बर२००४को लोक सभा में पेश किया गया।संसद द्वारा यह विल विचार-विमर्श के सुझावों के लिए सम्बन्धित अन्य विभागों को भेजा गया। तमाम सुझावों को शामिल कर अन्ततः १०मई,२००५सूचना का अधिकार संशोधन विल लोक सभा में प्रस्तुत किया गया।यह११म ई को लोकसभा और १२म ई,को राज्य सभा में पास हो गया।१५जून २००५ को मा० राष्ट्रपति महोदय अब्दुल जे०कलाम ने राष्ट्रीय सूचना का अधिकार अधिनियम २००५को अपनी मंजूरी दे दी। राष्ट्रपति महोदय द्वारा स्वीकृत किए जाने के बाद इस कानून को पुरी तरह लागू करने के लिए केन्द्र व राज्य सरकारों को १२०दिन की समयावधि मिली।अन्ततोगतवा,१२अकटूबर२००५ को यह कानून क्रियान्वित हो गया। इसका उद्देश्य नागरिकों को यह अधिकार देना है कि वह  किसी भी साव॔जनिक प्राधिकरण केअधिकार  की किसी भी सूचना को प्राप्त कर सकें। जिससे प्रशासन में पारदर्शिता और जिम्मेदारी को बढ़ावा मिले। भ्रष्टाचार पर रोक लगे और सरकार और उसके विभाग नागरिकों के प्रति जबाव देह हो। धारा(१८-१९) में सूचना का अधिकार का मूल तत्व है भारत के प्रत्येक नागरिकों को सूचना मांगने का अधिकार और सरकार को इस सूचना को प्रदान करने का कर्त्तव्य,तथा धारा(४) के अन्तर्गत सरकार का कर्त्तव्य है कि वह मूल-भूत सूचनाएं सभी को स्वयं उपलब्ध करावें।यही नहीं धारा ७(५) के अन्तर्गत गरीबी रेखा से नीचे की श्रेणी में आने वाले लोगों के लिए आवेदन निःशुल्क है, साथ ही गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वालों से कोई शुल्क नहीं लिया जाता है।अगर सूचना समय सीमा में उपलब्ध नहीं करायी जाती है तो आवेदक को बाद में सूचना बिना किसी शुल्क के दी जाती है। तथा   धारा ७(९) के अन्तर्गत नागरिकों को सूचना आमतौर उसी प्रारूप में उपलब्ध करानी होगी,जिसे प्रारूप में सूचना मांगी गई है।

     सब कुछ मिला कर विकास खंडों के जिम्मेदारों द्वारा शासन से जारी लाखों-करोड़ों रूपयों को निकाल कर कोई कार्य न कराकर धन को आपस में बंदरबांट कर लिया गया है। सरकार विकास  कराने के लिए शासन स्तर से धन निर्गत करती है  लेकिन जिम्मेदारों द्वारा धन का आपस में बंदरबांट कर के अपना विकास कराया जा रहा है। सरकारी धन को बाढ़ की  पानी की तरह बहाया जा रहा है।  अपनी गलती व किये गये घोटाले को छुपाने के नियत से जान बूझकर सूचनाएं उपलब्ध नहीं करायी जा रही है।

जिससे सरकार व सम्बन्धित विभाग बदनाम होकर कलंकित हो रहा है। तथा ये सरकार को बदनाम करने पर तुले हुए हैं। प्रशासन को इस ओर तत्काल ध्यान देकर सूचना उपलब्ध कराया जाना चाहिए, ताकि भ्रष्टाचारियों व भ्रष्टाचार का पोल खुले। इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। अच्छा यही होगा कि प्रशासन कुशीनगर जनपद के विकास से संबंधित समस्त विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों की  सम्पत्ति की जांच पड़ताल करावें। जबसे ये विभाग में नौकरी कर रहे हैं तो उससे पहले इनके पास कितनी सम्पत्ति थी और इस समय कितनी सम्पत्ति है  । सम्पत्ति कहां से आती। सम्पत्ति आने का श्रोत क्या है। इन्हीं के साथ इनके परिजनों की भी सम्पत्ति की जांच -पडताल  कराया जाय। साथ ही साथ ग्रामपंचायतों के प्रधानों की सम्पत्ति की भी सी०बी०आई० जांच पड़ताल कराकर विधिक कार्यवाही की जाय।


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